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क्रिकेट स्टेडियम के संचालन में मिल सकता है पूर्व क्रिकेटरों का साथ
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नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में बने क्रिकेट स्टेडियम के संचालन में भारतीय क्रिकेट टीम के कुछ पूर्व खिलाड़ियों का सहयोग मिल सकता है। इनसे जुड़ीं एजेंसियां स्टेडियम के संचालन के लिए आगे आईं हैं। हालांकि, अभी एजेंसी चयन का नहीं किया गया है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि क्रिकेट स्टेडियम के संचालन के लिए तीसरी बार टेंडर निकाला गया है। इसमें शामिल होने वाले आवेदकों की एक बार प्री-बिड मीटिंग भी सीईओ रितु माहेश्वरी के साथ हो चुकी है।
प्री-बिड मीटिंग में आवेदकों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। ऑनलाइन मीटिंग में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मनोज प्रभाकर भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि अन्य क्रिकेटर और सांसद गौतम गंभीर से जुड़ी एजेंसी भी स्टेडियम के संचालन को इच्छुक है। इस बाबत प्राधिकरण और इन एजेंसियों के बीच बातचीत चल रही है। इसके बाद इसका ठेका लेने के लिए टेंडर डाले जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि जो भी एजेंसी स्टेडियम के संचालन और रखरखाव का ठेका लेगी, उसे स्टेडियम में बचे हुए काम भी कराने होंगे।
स्टेडियम में लाइटें लगाने के अलावा कुछ सिविल और इलेक्ट्रिकल काम बाकी है। ये काम प्राधिकरण नहीं कराएगा। यही वजह है कि एजेंसियां ठेका लेने से पहले मंथन कर रही हैं। चयनित एजेंसियां यहां आईपीएल सहित अन्य मैच करा सकती हैं। इसके अलावा यहां एकेडमी के युवा खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। बताया जा रहा है कि रखरखाव की कमी से स्टेडियम की आयु घट रही है। ऐसे में जल्द से जल्द किसी एजेंसी का चयन फायदेमंद साबित होगा।
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‘दौरा नहीं समस्याओं का समाधान होना चाहिए’
प्राधिकरण के अधिकारियों ने सोमवार को सेक्टर-37 में दौरा किया। इस दौरान सेक्टर की समस्याओं के बारे में बताया गया। निवासियों का कहना है कि इससे पहले भी 23 मार्च को अधिकारियों ने दौरा किया था। उस दौरान भी समस्याएं बताई थीं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष जय सिंह भाटी ने कहा कि दौरा नहीं समस्याओं का समाधान होना चाहिए। पार्क और वहां बैठने के लिए बनाई गई कुर्सियों की बुरी हालत है। इसके अलावा भी कई समस्याएं हैं। पिछली बार भी अधिकारियों को समस्याएं बताई गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा, एमके धारीवाल, सुरेंद्र सिंह, सुंदर कसाना, गौरव कुमार, सतेंद्र नागर, जितेंद्र भाटी आदि लोग मौजूद रहे।
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प्री-बिड मीटिंग में आवेदकों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। ऑनलाइन मीटिंग में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मनोज प्रभाकर भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि अन्य क्रिकेटर और सांसद गौतम गंभीर से जुड़ी एजेंसी भी स्टेडियम के संचालन को इच्छुक है। इस बाबत प्राधिकरण और इन एजेंसियों के बीच बातचीत चल रही है। इसके बाद इसका ठेका लेने के लिए टेंडर डाले जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि जो भी एजेंसी स्टेडियम के संचालन और रखरखाव का ठेका लेगी, उसे स्टेडियम में बचे हुए काम भी कराने होंगे।
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स्टेडियम में लाइटें लगाने के अलावा कुछ सिविल और इलेक्ट्रिकल काम बाकी है। ये काम प्राधिकरण नहीं कराएगा। यही वजह है कि एजेंसियां ठेका लेने से पहले मंथन कर रही हैं। चयनित एजेंसियां यहां आईपीएल सहित अन्य मैच करा सकती हैं। इसके अलावा यहां एकेडमी के युवा खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। बताया जा रहा है कि रखरखाव की कमी से स्टेडियम की आयु घट रही है। ऐसे में जल्द से जल्द किसी एजेंसी का चयन फायदेमंद साबित होगा।
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‘दौरा नहीं समस्याओं का समाधान होना चाहिए’
प्राधिकरण के अधिकारियों ने सोमवार को सेक्टर-37 में दौरा किया। इस दौरान सेक्टर की समस्याओं के बारे में बताया गया। निवासियों का कहना है कि इससे पहले भी 23 मार्च को अधिकारियों ने दौरा किया था। उस दौरान भी समस्याएं बताई थीं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष जय सिंह भाटी ने कहा कि दौरा नहीं समस्याओं का समाधान होना चाहिए। पार्क और वहां बैठने के लिए बनाई गई कुर्सियों की बुरी हालत है। इसके अलावा भी कई समस्याएं हैं। पिछली बार भी अधिकारियों को समस्याएं बताई गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा, एमके धारीवाल, सुरेंद्र सिंह, सुंदर कसाना, गौरव कुमार, सतेंद्र नागर, जितेंद्र भाटी आदि लोग मौजूद रहे।