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Noida News: 20 माह से ना आरसी का पता और ना मिल रहा बकाया पैसा

Tue, 04 Aug 2026 07:31 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 07:31 PM IST
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For 20 months, there has been no trace of the Recovery Certificate (RC), nor are the outstanding dues being received.
20 माह से ना आरसी का पता और ना मिल रहा बकाया पैसा
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- हाईकोर्ट के आदेश पर 30 नवंबर, 2024 को 52.92 लाख में से 42.50 लाख की हुई वसूली
- उसके बाद से खरीदार परेशान, पिछले 20 माह से तहसील और यूपी रेरा के लगा रहे चक्कर
माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा और उनके डूबे हुए पैसे को वापस दिलाने के लिए बना उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) किस तरह कागजी पेचीदगियों और प्रशासनिक टालमटोल का शिकार हो चुका है, इसकी बानगी ग्रेनो का यह मामला पेश करता है। यूपी रेरा से रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी होने के बावजूद पिछले 20 महीनों से एक खरीदार अपने बकाया पैसों की वसूली के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। स्थिति यह है कि अब आरसी दस्तावेज ही गायब बताए जा रहे हैं, जहां यूपी रेरा और तहसील प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।


खरीदार ललित कुमार ने वर्ष 2016 में वेव मेगा सिटी बिल्डर के वेव मेगा सिटी सेंटर प्रोजेक्ट में निवेश किया था। बिल्डर ने वर्ष 2020 तक यूनिट पर कब्जा देने का वादा किया था लेकिन कब्जा नहीं दे सका। परेशान होकर खरीदार ने यूपी रेरा में शिकायत की। सुनवाई कर यूपी रेरा की पीठ ने बिल्डर को खरीदार का पैसा ब्याज के साथ वापस लौटाने का आदेश दिया लेकिन बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया। उसके बाद खरीदार ने यूपी रेरा में अपील की। जिस पर यूपी रेरा की पीठ ने 15 फरवरी, 2023 को बिल्डर के खिलाफ 52.92 लाख की आरसी जारी कर दी। जिस पर गौतमबुद्ध नगर प्रशासन को वसूली करनी थी लेकिन वसूली नहीं हुई। खरीदार के अधिवक्ता इंद्रेश सिंह ने बताया कि वसूली नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अक्तूबर, 2023 में हाईकोर्ट ने प्रशासन को वसूली का आदेश दिया। आदेश के एक साल बाद 30 नवंबर, 2024 को प्रशासन ने आरसी पर बिल्डर से 52.92 लाख में से 42.50 लाख वसूली की। आरोप है कि तब से अब तक आरसी की बाकी धनराशि 10.41 लाख की वसूली नहीं हो सकी है। पिछले 20 माह से प्रशासन व यूपी रेरा कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बकाया पैसा नहीं मिला। अब आरसी का भी पता नहीं है। प्रशासन यूपी रेरा को वापस लौटने और यूपी रेरा प्रशासन के पास आरसी होने का दावा कर रहा है। परेशान खरीदार ने फिर शिकायत की है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। इस आरसी के संबंध में तहसील प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। अगर आरसी लंबित है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अजीत कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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