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नोएडा: प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बिठाने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, 70 प्रवेश पत्र बरामद
Thu, 16 Dec 2021 08:09 PM IST
Vikas Kumar
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 16 Dec 2021 08:09 PM IST
सार
आरोपियों ने बताया कि वे सरकारी नौकरी की गारंटी देते थे। आरोपी एसएससी, इंडियन कोस्ट गार्ड, इलाहाबाद हाईकोर्ट मेन परीक्षा आदि में सॉल्वर बैठा चुके हैं।
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गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर अभ्यर्थीके स्थान पर सॉल्वर को बिठाने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 6 मोबाइल, विभिन्न परीक्षाओं के 70 प्रवेश पत्र, स्क्रीन शॉट, 12 हजार रुपये और दो कारें बरामद हुई हैं। आरोपी नोएडा के सेक्टर-62 में स्टाफ सर्विस सिलेक्शन (एसएससी) की परीक्षा दिलाने आए थे।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार की टीम ने बुधवार को अभ्यर्थी ललित, बिचौलिया अनिल कुमार, सॉल्वर यशवीर, फर्जी प्रवेश पत्र बनाने वाले रोहित व सॉल्वर उपलब्ध कराने वाले राकेश को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना हर्षित फरार है। सभी आरोपी टप्पल, अलीगढ़ के रहने वाले हैं, इन्हें इसे टप्पल गिरोह के रूप में जाना जाता है। गिरोह तीन साल से दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय है। गिरोह ने अब तक 20 से अधिक अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाए हैं। सेक्टर-62 में परीक्षा केंद्र में सॉल्वर के आने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया।
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6 से 8 लाख रुपये लेते थे
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरोह के आरोपी अभ्यर्थियों की तलाश करते थे। सरगना हर्षित ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में गुर्गे लगा रखे हैं। सरगना की गैर मौजूदगी में राकेश गिरोह चलाता था। वह अनिल के साथ मोटी रकम देने वाले अभ्यर्थियों को ढूंढता था। अभ्यर्थियों को नौकरी दिलवाने की गारंटी देकर उनसे छह से आठ लाख रुपये लिए जाते थे। कई बार ये आरोपी अभ्यर्थियों से पैसे भी ठग लेते थे।
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कोस्ट गार्ड तक में नौकरी की गारंटी
आरोपियों ने बताया कि वे सरकारी नौकरी की गारंटी देते थे। आरोपी एसएससी, इंडियन कोस्ट गार्ड, इलाहाबाद हाईकोर्ट मेन परीक्षा आदि में सॉल्वर बैठा चुके हैं। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों से यह जानकारी ली जा रही है कि गिरोह के लोगों ने कितने लोगों को फर्जीवाड़ा कर नौकरी दिलवाई है।
सिंगापुर और दुबई में खाते होने की जांच
एसीपी ने बताया कि आरोपियों के पास से जितने कागजात और चैटिंग मिली हैं। उनमें सिंगापुर में आईसीआईसीआई बैंक और दुबई के एक बैंक में खाते होने का जिक्र है। आशंका जताई जा रही है कि फर्जीवाड़े के पैसों को इनमें जमा किया जाता होगा। पुलिस जांच कर रही है कि इनके दुबई व सिंगापुर में खाते हैं या आरोपियों ने कोडवर्ड का इस्तेमाल चैट में किया है।
सॉल्वर गिरोह के पांच सदस्यों को कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सरगना फरार हो गया है। पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। - रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा