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सोशल मीडिया पर नजर रखेंगे पांच इंसीडेंट कमांडर

Wed, 19 May 2021 10:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 10:46 PM IST
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Five incident commanders will keep an eye on social media
नोएडा। कोरोना संक्रमण के संबंध में सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने पांच इंसीडेंट कमांडरों को जिम्मेदारी दी है। ये अधिकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट की जाने वाली सूचनाओं की सच्चाई को परखेंगे। यदि कोई व्यक्ति गलत आंकड़े अथवा अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण से मौत होने की अफवाह फैलाई जा रही है। जबकि, निरीक्षण में ये सूचनाएं फर्जी पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि जारचा के जिस गांव अधिक मौत होने की खबर थी, वहां केवल एक ही व्यक्ति की मौत कोरोना से हुई थी।
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सैनी गांव में भी एक ही व्यक्ति की कोरोना से मौत होना पाया गया है। उन्होंने कहा कि हमें दुख है कि गांव में कई लोगों की मौत हुई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अफवाह फैलाई जाए। इससे लोगों में दहशत फैलती है और जो लोग महामारी से जंग जीत सकते हैं, वह भी डर के कारण हार जाते हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर अफवाह और गलत पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इंसीडेंट कमांडरों को जिम्मेदारी दी है। जिले में पांच इंसीडेंट कमांडरों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया है कि जिन गांवों में कोरोना से मौत की सूचना है, वहां पर राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सच्चाई का पता लगाएंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मौत कैसे हुई है। वहीं, गांव में संक्रमण फैल रहा है तो वहां सुरक्षा किट, जांच और टीकाकरण शिविर लगवाया जाएगा।
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ब्लॅक फंगस के एक रोगी के लिए भी पर्याप्त नहीं मिला कोटा
कोविड के बाद जिले में ब्लैक फंगस के करीब 10 से अधिक मरीज चार अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके अलावा चार मरीज दम तोड़ चुके हैं। शासन की ओर से जिले में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 6 डोज का कोटा दिया गया है। मरीजों के लिए एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन की छह डोज मिली हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एक मरीज को सात से दस इंजेक्शन लगाए जाते हैं। ऐसे में जिले को मिले इस कोटे से एक मरीज का भी पूरी तरह से भला नहीं हो पाएगा। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में करीब 500 इंजेक्शन की डोज में से गौतमबुद्ध नगर को बेहद कम डोज मिली है। बताया जा रहा है कि लखनऊ, गोरखपुर और बनारस में अधिक इंजेक्शन दिए गए हैं। ब्यूरो
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