{"_id":"6aca3c5aeca6a4a9bb0d29dc","slug":"fire-caused-by-truck-accessories-insurance-claim-rejected-noida-news-c-23-1-lko1064-108708-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: ट्रक की एसेसरीज से लगी आग, बीमा क्लेम खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: ट्रक की एसेसरीज से लगी आग, बीमा क्लेम खारिज
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ट्रक में बाहरी एजेंसी से लगवाई गई एसेसरीज के कारण बिजली के तारों पर अधिक लोड पड़ा, जिससे शॉर्ट सर्किट होने पर आग लग गई। इस मामले में बीमा कंपनी की क्षतिपूर्ति नहीं देने के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग ने वाद को खारिज कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के यूनिटेक होरी जॉन, पीएल-2 निवासी केशव कसाना ने अपने ट्रक का बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। 23 अक्टूबर को दनकौर रेलवे स्टेशन के पास से गुजरने के दौरान पुलिसकर्मियों ने ट्रक को रुकवाकर केबिन के निचले हिस्से में आग लगने की जानकारी दी।
24 अक्टूबर की सुबह वाहन में आग लगने की सूचना बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को दी गई। सर्वे कराने के बाद ट्रक को सर्विस सेंटर भेजा गया, जहां उसकी मरम्मत पर 19.46 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया। बीमा कंपनी ने जांच के बाद मरम्मत की अनुमति देने की बात कही और मामले की जांच के लिए अपना प्रतिनिधि भेजा। करीब तीन महीने बाद कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया।
विज्ञापन
क्लेम नहीं मिलने पर वाहन मालिक ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने बताया कि वाहन में बिना अनुमति के हॉर्न एसेसरी, रियर-व्यू कैमरा और स्टीरियो समेत अन्य उपकरण लगवाए गए थे। इन अतिरिक्त उपकरणों के कारण बिजली के तारों पर अधिक लोड पड़ा, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। कंपनी ने दलील दी कि बीमा की शर्तों के तहत ऐसी स्थिति में क्लेम नहीं दिया जा सकता। शिकायतकर्ता इस तथ्य का खंडन नहीं कर सका।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ट्रक में बाहरी एजेंसी से लगवाई गई एसेसरीज के कारण बिजली के तारों पर अधिक लोड पड़ा, जिससे शॉर्ट सर्किट होने पर आग लग गई। इस मामले में बीमा कंपनी की क्षतिपूर्ति नहीं देने के फैसले को जिला उपभोक्ता आयोग ने सही ठहराया है। आयोग ने वाद को खारिज कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के यूनिटेक होरी जॉन, पीएल-2 निवासी केशव कसाना ने अपने ट्रक का बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। 23 अक्टूबर को दनकौर रेलवे स्टेशन के पास से गुजरने के दौरान पुलिसकर्मियों ने ट्रक को रुकवाकर केबिन के निचले हिस्से में आग लगने की जानकारी दी।
विज्ञापन
24 अक्टूबर की सुबह वाहन में आग लगने की सूचना बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को दी गई। सर्वे कराने के बाद ट्रक को सर्विस सेंटर भेजा गया, जहां उसकी मरम्मत पर 19.46 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया। बीमा कंपनी ने जांच के बाद मरम्मत की अनुमति देने की बात कही और मामले की जांच के लिए अपना प्रतिनिधि भेजा। करीब तीन महीने बाद कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया।
विज्ञापन
क्लेम नहीं मिलने पर वाहन मालिक ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने बताया कि वाहन में बिना अनुमति के हॉर्न एसेसरी, रियर-व्यू कैमरा और स्टीरियो समेत अन्य उपकरण लगवाए गए थे। इन अतिरिक्त उपकरणों के कारण बिजली के तारों पर अधिक लोड पड़ा, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। कंपनी ने दलील दी कि बीमा की शर्तों के तहत ऐसी स्थिति में क्लेम नहीं दिया जा सकता। शिकायतकर्ता इस तथ्य का खंडन नहीं कर सका।