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जिला अस्पताल परिसर में आग लगी, धुएं के कारण मरीजों को निकाला
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जिला अस्पताल में आग लगने के बाद जला कूड़ा।
नोएडा। जिला अस्पताल स्थित डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) परिसर के बेसमेंट में मंगलवार सुबह कूड़े के ढेर में आग लग गई। इससे अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। अस्पताल सुरक्षाकर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी। अग्निशमन यंत्र से आग बुझाना शुरू किया गया। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया।
आशंका है कि किसी ने बीड़ी-सिगरेट पीकर कूड़े के ढेर के पास फेंक दी थी, जिसके कारण आग लगी। अस्पताल में आए कुछ लोग शॉर्ट सर्किट से आग लगने की भी बात कर रहे थे। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इनकार किया है। मंगलवार को छुट्टी का दिन होने एवं ओपीडी, टीकाकरण जल्द खत्म हो जाने के कारण मंगलवार को अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। इससे स्थिति को संभालना आसान रहा। वहीं आग का धुआं अस्पताल परिसर में फैलने लगा तो मरीजों को परिसर से बाहर निकाला गया। अस्पताल की लाइट को बंद करके सीढ़ियों से कुछ मरीजों को बाहर निकाला गया।
इस दौरान कई मरीज खासकर बुजुर्ग काफी परेशान नजर आए। अस्पताल में फायर टेंडर नहीं होने के कारण अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने की कोशिशें की गई। सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा कि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हैं। इस संबंध में जांच का निर्देश दिया गया है। वहीं सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।
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आशंका है कि किसी ने बीड़ी-सिगरेट पीकर कूड़े के ढेर के पास फेंक दी थी, जिसके कारण आग लगी। अस्पताल में आए कुछ लोग शॉर्ट सर्किट से आग लगने की भी बात कर रहे थे। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इनकार किया है। मंगलवार को छुट्टी का दिन होने एवं ओपीडी, टीकाकरण जल्द खत्म हो जाने के कारण मंगलवार को अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। इससे स्थिति को संभालना आसान रहा। वहीं आग का धुआं अस्पताल परिसर में फैलने लगा तो मरीजों को परिसर से बाहर निकाला गया। अस्पताल की लाइट को बंद करके सीढ़ियों से कुछ मरीजों को बाहर निकाला गया।
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इस दौरान कई मरीज खासकर बुजुर्ग काफी परेशान नजर आए। अस्पताल में फायर टेंडर नहीं होने के कारण अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने की कोशिशें की गई। सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा कि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हैं। इस संबंध में जांच का निर्देश दिया गया है। वहीं सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।
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