{"_id":"6123e1a28ebc3e79cb724b5b","slug":"fir-on-director-of-animal-husbandry-in-car-travel-service-fraud-case-noida-news-noi6006606181","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार यात्रा सर्विस ठगी मामले में पशुपालन निदेशक पर एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार यात्रा सर्विस ठगी मामले में पशुपालन निदेशक पर एफआईआर
विज्ञापन
नोएडा। कार यात्रा सर्विसेज के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में पशुपालन विभाग के निदेशक संतोष कुमार मलिक समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाली फेज-3 पुलिस में दर्ज एफआईआर में संतोष कुमार मलिक और दीपक सिंह चौधरी के खिलाफ 10 लोगों ने करीब 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कार यात्र सर्विसेज मामले में यह दूसरी एफआईआर है। पहली एफआईआर भी पशुपालन विभाग के निदेशक पर धोखाधड़ी से जुड़े होने का आरोप लगा था। पुलिस इस प्रकरण में आरोपी कंपनी के दो निदेशकों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि ग्रेना निवासी संजय शर्मा ने शिकायत की थी कि ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक सिंह चौधरी से उनकी मुलाकात 4 वर्ष पहले जिम में हुई थी। दीपक ने कार यात्रा सर्विसेज नाम से कंपनी बनाने की बात कही थी। उसने बताया था कि उसके ससुर संतोष कुमार मलिक प्रदेश सरकार के मंत्रालय में अधिकारी हैं। दीपक ने यह भी बताया कि ट्रांसपोर्ट मंत्री उसके ससुर के दोस्त हैं।
संजय शर्मा ने बताया कि दीपक ने सेक्टर-63 में आफिस होने और करीब 500 गाड़ियों के कांट्रेक्ट की बात कही थी। दीपक ने प्रति गाड़ी 3 लाख रुपये का निवेश करने पर 25 हजार रुपये प्रतिमाह देने का झांसा दिया था। इसके बाद इन्होंने खुद व अपने दोस्तों से कई गाड़ियां लगवा दी। मार्च 2021 से पेमेंट बंद होने पर इसकी शिकायत पुलिस से की गई। जांच में पता चला कि यह कंपनी फर्जी है और इसमें पशुपालन विभाग के निदेशक संतोष कुमार मलिक की मिलीभगत है। मामले के खुलासे के बाद एक पखवाड़े पहले कोतवाली फेज-3 में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी और दो निदेशकों को गिरफ्तार किया गया था। अब दूसरी एफआईआर में संतोष कुमार मलिक व दीपक सिंह चौधरी को नामजद किया गया है।
विज्ञापन
पशुपालन निदेशक को भेजा गया था नोटिस
पहली एफआईआर में पशुपालन निदेशक का नाम आने पर पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर थाने आकर पक्ष रखने के लिए कहा था। 13 अगस्त को पशुपालन निदेशक ने अपना पक्ष रखा था। इस दौरान पुलिस ने कुछ कागजात की मांग की थी। इसके बाद 10 पीड़ित फिर सामने आ गए और इस मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली गई।
10 लोगों की शिकायत पर दूसरी एफआईआर
ग्रेटर नोएडा निवासी संजय शर्मा की शिकायत पर पशुपालन निदेशक संतोष कुमार मलिक व दीपक सिंह चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संजय से 3 लाख रुपये लिए गए थे। इसके अलावा नसरीन से 3 लाख, बालकिशन गुरंग से 6 लाख, सिद्घार्थ वाधवा से 9 लाख, शिवम वाधवा से 9 लाख, अजय कुमार से 6 लाख, सीमा कुमारी से 3 लाख, दिनेश कुमार से 3 लाख, अकुल चंद्रा व सर्वेश्वर बाली से 3-3 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की गई थी।
विज्ञापन
कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि ग्रेना निवासी संजय शर्मा ने शिकायत की थी कि ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक सिंह चौधरी से उनकी मुलाकात 4 वर्ष पहले जिम में हुई थी। दीपक ने कार यात्रा सर्विसेज नाम से कंपनी बनाने की बात कही थी। उसने बताया था कि उसके ससुर संतोष कुमार मलिक प्रदेश सरकार के मंत्रालय में अधिकारी हैं। दीपक ने यह भी बताया कि ट्रांसपोर्ट मंत्री उसके ससुर के दोस्त हैं।
विज्ञापन
संजय शर्मा ने बताया कि दीपक ने सेक्टर-63 में आफिस होने और करीब 500 गाड़ियों के कांट्रेक्ट की बात कही थी। दीपक ने प्रति गाड़ी 3 लाख रुपये का निवेश करने पर 25 हजार रुपये प्रतिमाह देने का झांसा दिया था। इसके बाद इन्होंने खुद व अपने दोस्तों से कई गाड़ियां लगवा दी। मार्च 2021 से पेमेंट बंद होने पर इसकी शिकायत पुलिस से की गई। जांच में पता चला कि यह कंपनी फर्जी है और इसमें पशुपालन विभाग के निदेशक संतोष कुमार मलिक की मिलीभगत है। मामले के खुलासे के बाद एक पखवाड़े पहले कोतवाली फेज-3 में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी और दो निदेशकों को गिरफ्तार किया गया था। अब दूसरी एफआईआर में संतोष कुमार मलिक व दीपक सिंह चौधरी को नामजद किया गया है।
विज्ञापन
पशुपालन निदेशक को भेजा गया था नोटिस
पहली एफआईआर में पशुपालन निदेशक का नाम आने पर पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर थाने आकर पक्ष रखने के लिए कहा था। 13 अगस्त को पशुपालन निदेशक ने अपना पक्ष रखा था। इस दौरान पुलिस ने कुछ कागजात की मांग की थी। इसके बाद 10 पीड़ित फिर सामने आ गए और इस मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली गई।
10 लोगों की शिकायत पर दूसरी एफआईआर
ग्रेटर नोएडा निवासी संजय शर्मा की शिकायत पर पशुपालन निदेशक संतोष कुमार मलिक व दीपक सिंह चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संजय से 3 लाख रुपये लिए गए थे। इसके अलावा नसरीन से 3 लाख, बालकिशन गुरंग से 6 लाख, सिद्घार्थ वाधवा से 9 लाख, शिवम वाधवा से 9 लाख, अजय कुमार से 6 लाख, सीमा कुमारी से 3 लाख, दिनेश कुमार से 3 लाख, अकुल चंद्रा व सर्वेश्वर बाली से 3-3 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की गई थी।