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Noida News: वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए खंगाली जाएंगी फाइलें
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वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए खंगाली जाएंगी फाइलें
- 27 दिसंबर को नोएडा आ सकती है लोकल फंड ऑडिट की टीम
- स्थानीय निधि लेखा परीक्षा की रिपोर्ट में हुआ था नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण की गड़बड़ियाें का खुलासा
सुशील पांडेय
नोएडा। समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के विकास के नाम पर किए गए 2300 करोड़ रुपये के अनियमितता के खेल उजागर होंगे। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा (लोकल फंड ऑडिट) की टीम 27 दिसंबर को नोएडा आ सकती है। टीम की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों के जवाब के लिए फाइलें खंगाली जाएंगी। इससे पहले स्थानीय निकायों के प्रतिवेदनों की जांच संबंधी विधानसभा की समिति के सामने आपत्तियों का जवाब रखा गया था। इस बाबत एक समिति का गठन किया जाना था, जो नोएडा आकर पूरे मामले की जांच कर सके। फिलहाल जांच का काम चल रहा है। इसी कड़ी में लोकल फंड ऑडिट की टीम के आगामी दिनों में नोएडा आकर फाइलें खंगालने की चर्चा है।
तीनों प्राधिकरणों के 81 बिंदुओं पर दर्ज कराई गई आपत्तियाें में से कई में नियमों के परे काम करने के आरोप हैं। इसमें प्राधिकरण स्तर पर 49 आपत्तियां सामने आई हैं। हालांकि इनमें से कई आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। लेकिन कई आपत्तियों पर अब भी जवाब मिलना बाकी है। इसमें सिविल, जल, विद्युत यांत्रिकी, जन स्वास्थ्य विभाग और किसानों के मुआवजे समेत कई मामलों में जांच का काम होना है।
इस तरह की आपत्तियों पर होनी है जांच
लोकल फंड ऑडिट की ओर से कई प्रकार की आपत्तियां लगाई गई थीं। इनमें जमीन अर्जित नहीं होने, बिना जमीन मिले काम शुरू कराने से पैसे की बर्बादी, बिना आदेश के काम कराने, मलबा उठाने में अनियमितता, स्वीकृत एफएआर पर सवाल, क्रय योग्य एफएआर की गलत गणना से आर्थिक क्षति, मुआवजे के तौर पर जमा किए गए पैसे का ब्याज न मिलने से नुकसान, आवंटन निरस्त नहीं करने से क्षति, समय विस्तार देने से आर्थिक क्षति, जुर्माने की वसूली नहीं, जमीन अधिग्रहण में अनियमित भुगतान, काम से अधिक भुगतान, अनियमित भुगतान, बिना आवश्यकता के जमीन खरीदी से होने वाला नुकसान शामिल है।
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ट्विन टावर के ढहने के बाद भी कार्रवाई बाकी
समिति ने ट्विन टावर में किए गए अनियमितता पर सवाल उठाए थे। समिति की ओर से इस पर चर्चा के दौरान अनियमितता करने वाले अफसरों पर कार्रवाई के बारे में पूछा। उनका साफ कहना है कि टावर जरूर गिरा दिए गए, लेकिन इनके दोषियों पर कार्रवाई होनी अभी बाकी है। लिहाजा इससे छूट नहीं मिल सकती है।
यह है मामला
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के 2018-19 के वार्षिक प्रतिवेदन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों के अलावा नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरणों की ऑडिट रिपोर्ट बीते दिनों विधानसभा में रखी गई। इसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2015-16 और यमुना प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2015-16 के दौरान अलग-अलग कार्यों में करीब 2300 करोड़ की अनियमितता उजागर हुई।
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- 27 दिसंबर को नोएडा आ सकती है लोकल फंड ऑडिट की टीम
- स्थानीय निधि लेखा परीक्षा की रिपोर्ट में हुआ था नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण की गड़बड़ियाें का खुलासा
सुशील पांडेय
नोएडा। समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के विकास के नाम पर किए गए 2300 करोड़ रुपये के अनियमितता के खेल उजागर होंगे। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा (लोकल फंड ऑडिट) की टीम 27 दिसंबर को नोएडा आ सकती है। टीम की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों के जवाब के लिए फाइलें खंगाली जाएंगी। इससे पहले स्थानीय निकायों के प्रतिवेदनों की जांच संबंधी विधानसभा की समिति के सामने आपत्तियों का जवाब रखा गया था। इस बाबत एक समिति का गठन किया जाना था, जो नोएडा आकर पूरे मामले की जांच कर सके। फिलहाल जांच का काम चल रहा है। इसी कड़ी में लोकल फंड ऑडिट की टीम के आगामी दिनों में नोएडा आकर फाइलें खंगालने की चर्चा है।
तीनों प्राधिकरणों के 81 बिंदुओं पर दर्ज कराई गई आपत्तियाें में से कई में नियमों के परे काम करने के आरोप हैं। इसमें प्राधिकरण स्तर पर 49 आपत्तियां सामने आई हैं। हालांकि इनमें से कई आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। लेकिन कई आपत्तियों पर अब भी जवाब मिलना बाकी है। इसमें सिविल, जल, विद्युत यांत्रिकी, जन स्वास्थ्य विभाग और किसानों के मुआवजे समेत कई मामलों में जांच का काम होना है।
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इस तरह की आपत्तियों पर होनी है जांच
लोकल फंड ऑडिट की ओर से कई प्रकार की आपत्तियां लगाई गई थीं। इनमें जमीन अर्जित नहीं होने, बिना जमीन मिले काम शुरू कराने से पैसे की बर्बादी, बिना आदेश के काम कराने, मलबा उठाने में अनियमितता, स्वीकृत एफएआर पर सवाल, क्रय योग्य एफएआर की गलत गणना से आर्थिक क्षति, मुआवजे के तौर पर जमा किए गए पैसे का ब्याज न मिलने से नुकसान, आवंटन निरस्त नहीं करने से क्षति, समय विस्तार देने से आर्थिक क्षति, जुर्माने की वसूली नहीं, जमीन अधिग्रहण में अनियमित भुगतान, काम से अधिक भुगतान, अनियमित भुगतान, बिना आवश्यकता के जमीन खरीदी से होने वाला नुकसान शामिल है।
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ट्विन टावर के ढहने के बाद भी कार्रवाई बाकी
समिति ने ट्विन टावर में किए गए अनियमितता पर सवाल उठाए थे। समिति की ओर से इस पर चर्चा के दौरान अनियमितता करने वाले अफसरों पर कार्रवाई के बारे में पूछा। उनका साफ कहना है कि टावर जरूर गिरा दिए गए, लेकिन इनके दोषियों पर कार्रवाई होनी अभी बाकी है। लिहाजा इससे छूट नहीं मिल सकती है।
यह है मामला
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के 2018-19 के वार्षिक प्रतिवेदन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों के अलावा नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरणों की ऑडिट रिपोर्ट बीते दिनों विधानसभा में रखी गई। इसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2015-16 और यमुना प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2015-16 के दौरान अलग-अलग कार्यों में करीब 2300 करोड़ की अनियमितता उजागर हुई।