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Noida News: 22 साल देश की सेवा करने के बाद दुनिया को अलविदा कह गए सीआरपीएफ जवान
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फोटो...
-- अपने पीछे तन्हा छोड़ गए बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और नौ वर्षीय बेटा
-- बृहस्पतिवार को पूरे राजकीय मान-सम्मान के साथ दी गई उन्हें अंतिम विदाई, परिजन का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। सीआरपीएफ में तैनात जवान अरविंद कुमार शर्मा का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव मंगरौली लाया गया तो पूरा गांव शोक के माहौल में डूब गया। परिजन पार्थिव शरीर को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। बृहस्पतिवार देर शाम पूरे राजकीय मान-सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
परिजन के मुताबिक अरविंद देश की सेवा करने के लिए करीब 22 वर्ष पहले 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। निधन से पहले लंबे समय से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार कराया जा रहा था। लेकिन ऑर्गन फेल्योर होने की वजह से बृहस्पतिवार को उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। बाद में उनके शरीर को देर शाम दिल्ली से उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां पूरे राजकीय मान-सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई। शहीद अरविंद कुमार शर्मा के चचेरे भाई बिपिन शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और नौ साल का एक बेटा है।
हाथ में तिरंगा लेकर नम हुई पिता की आंखें : पुलिस ने अरविंद के पिता को हाथ में जब तिरंगा सौंपा, तो वह फफक-फफक कर रो पड़े। एक ओर जहां उन्हें अपने बेटा पर गर्व महसूस हो रहा था, तो वहीं दूसरे ही क्षण वो खुद को अकेला महसूस कर रहे थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। सीआरपीएफ में तैनात जवान अरविंद कुमार शर्मा का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव मंगरौली लाया गया तो पूरा गांव शोक के माहौल में डूब गया। परिजन पार्थिव शरीर को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। बृहस्पतिवार देर शाम पूरे राजकीय मान-सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
परिजन के मुताबिक अरविंद देश की सेवा करने के लिए करीब 22 वर्ष पहले 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। निधन से पहले लंबे समय से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार कराया जा रहा था। लेकिन ऑर्गन फेल्योर होने की वजह से बृहस्पतिवार को उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। बाद में उनके शरीर को देर शाम दिल्ली से उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां पूरे राजकीय मान-सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई। शहीद अरविंद कुमार शर्मा के चचेरे भाई बिपिन शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और नौ साल का एक बेटा है।
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हाथ में तिरंगा लेकर नम हुई पिता की आंखें : पुलिस ने अरविंद के पिता को हाथ में जब तिरंगा सौंपा, तो वह फफक-फफक कर रो पड़े। एक ओर जहां उन्हें अपने बेटा पर गर्व महसूस हो रहा था, तो वहीं दूसरे ही क्षण वो खुद को अकेला महसूस कर रहे थे।
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