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Noida News: नाबालिग के हिस्से का प्लॉट बेचने की मां को मिली अनुमति
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने 12 वर्षीय नाबालिग बालक के नाम नोएडा के एक आवासीय भूखंड में मौजूद 1/12 हिस्से को बेचने की अनुमति उसकी मां को दे दी है। अदालत ने यह अनुमति कड़ी शर्तों के साथ दी है। झट्टा गांव थाना नॉलेज पार्क निवासी महिला ने नाबालिग बेटे के हिस्से की संपत्ति बेचने की इजाजत मांगी थी। याचिका के अनुसार बालक के दादा की कृषि भूमि झट्टा में थी। दादा का निधन 2008 में हुआ, जबकि उनके बड़े बेटे का निधन 2003 में ही हो चुका था। बालक के पिता का निधन 4 फरवरी 2011 को हुआ था। बालक अपने पिता का इकलौता कानूनी वारिस है। मां ने 2022 में दोबारा विवाह किया है। बालक अपनी दादी के संरक्षण में रहकर पढ़ाई कर रहा है।
जमीन के अधिग्रहण के बदले नोएडा प्राधिकरण ने परिवार को सेक्टर 143-बी में आवासीय भूखंड आवंटित किया था। बालक की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए मां को कर्ज लेना पड़ा है, जबकि उनके पास आय का कोई साधन नहीं है। परिवार के सभी विपक्षियों ने शपथ पत्र देकर याचिका के कथनों को स्वीकार किया और बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने कहा कि बिक्री से मिली रकम का 50 प्रतिशत बालक के वयस्क होने तक या अगले आदेश तक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा (एफडी) किया जाएगा। प्लॉट तत्कालीन सर्किल रेट से कम कीमत पर किसी भी हाल में नहीं बेचा जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने 12 वर्षीय नाबालिग बालक के नाम नोएडा के एक आवासीय भूखंड में मौजूद 1/12 हिस्से को बेचने की अनुमति उसकी मां को दे दी है। अदालत ने यह अनुमति कड़ी शर्तों के साथ दी है। झट्टा गांव थाना नॉलेज पार्क निवासी महिला ने नाबालिग बेटे के हिस्से की संपत्ति बेचने की इजाजत मांगी थी। याचिका के अनुसार बालक के दादा की कृषि भूमि झट्टा में थी। दादा का निधन 2008 में हुआ, जबकि उनके बड़े बेटे का निधन 2003 में ही हो चुका था। बालक के पिता का निधन 4 फरवरी 2011 को हुआ था। बालक अपने पिता का इकलौता कानूनी वारिस है। मां ने 2022 में दोबारा विवाह किया है। बालक अपनी दादी के संरक्षण में रहकर पढ़ाई कर रहा है।
जमीन के अधिग्रहण के बदले नोएडा प्राधिकरण ने परिवार को सेक्टर 143-बी में आवासीय भूखंड आवंटित किया था। बालक की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए मां को कर्ज लेना पड़ा है, जबकि उनके पास आय का कोई साधन नहीं है। परिवार के सभी विपक्षियों ने शपथ पत्र देकर याचिका के कथनों को स्वीकार किया और बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने कहा कि बिक्री से मिली रकम का 50 प्रतिशत बालक के वयस्क होने तक या अगले आदेश तक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा (एफडी) किया जाएगा। प्लॉट तत्कालीन सर्किल रेट से कम कीमत पर किसी भी हाल में नहीं बेचा जाएगा।
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