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Noida News: संदेह जीता, आरोप हार गए, कोर्ट से बरी हुआ आरोपी
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पॉक्सो कोर्ट ने छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के एक चर्चित मामले में आरोपी दिलीप को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। मामला सेक्टर-24 थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 26 जुलाई 2020 को पीड़िता की मां ने शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी घर के बाहर कपड़े धो रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया। आरोपी पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता के बयान एफआईआर और अभियोजन की कहानी से मेल नहीं खाए। पीड़िता ने स्वीकार किया कि वह आरोपी को पहले से जानती थी और घटना वाले दिन अपनी इच्छा से उसके साथ कमरे में गई थी। न्यायालय ने कहा कि केवल अस्थि परीक्षण के आधार पर उम्र का सटीक निर्धारण नहीं किया जा सकता है। अभियोजन के गवाहों के बयान परस्पर विरोधाभासी हैं और पीड़िता का साक्ष्य ऐसा नहीं है जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया जा सके।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पॉक्सो कोर्ट ने छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के एक चर्चित मामले में आरोपी दिलीप को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। मामला सेक्टर-24 थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 26 जुलाई 2020 को पीड़िता की मां ने शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी घर के बाहर कपड़े धो रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया। आरोपी पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता के बयान एफआईआर और अभियोजन की कहानी से मेल नहीं खाए। पीड़िता ने स्वीकार किया कि वह आरोपी को पहले से जानती थी और घटना वाले दिन अपनी इच्छा से उसके साथ कमरे में गई थी। न्यायालय ने कहा कि केवल अस्थि परीक्षण के आधार पर उम्र का सटीक निर्धारण नहीं किया जा सकता है। अभियोजन के गवाहों के बयान परस्पर विरोधाभासी हैं और पीड़िता का साक्ष्य ऐसा नहीं है जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया जा सके।
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