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Noida News: परीक्षा के दौरान अभद्रता पर अब सख्त कार्रवाई, केस दर्ज तक की तैयारी
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- सीसीएसयू की अधिसूचना के बाद नोएडा के पीजी कॉलेज ने बनाया निगरानी और रिपोर्टिंग सिस्टम
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब परीक्षा के दौरान शिक्षकों अथवा अधिकारियों के साथ अभद्रता करने वाले छात्रों पर आईपीसी की धारा 3, 21 और 186 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस कड़े निर्देश के बाद सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भी निगरानी और अनुशासन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश चंद ने बताया कि विश्वविद्यालय के आदेश स्पष्ट करते हैं कि परीक्षा के दौरान केंद्र अधीक्षक और कक्ष निरीक्षक को सार्वजनिक सेवक माना जाएगा, और उनके साथ दुर्व्यवहार अब दंडनीय व संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आएगा। यदि कोई छात्र परीक्षा में अभद्रता या अव्यवस्था फैलाता है, तो न केवल उसे परीक्षा से बाहर किया जाएगा, बल्कि मामला दर्ज कर विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भी भेजी जाएगी, जिसके बाद भविष्य के सेमेस्टर तक प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज परीक्षाओं को नकलविहीन और सुरक्षित वातावरण में कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और अनुशासन टीम की तैनाती की जा रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि परीक्षा को सम्मानजनक और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब परीक्षा के दौरान शिक्षकों अथवा अधिकारियों के साथ अभद्रता करने वाले छात्रों पर आईपीसी की धारा 3, 21 और 186 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस कड़े निर्देश के बाद सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भी निगरानी और अनुशासन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश चंद ने बताया कि विश्वविद्यालय के आदेश स्पष्ट करते हैं कि परीक्षा के दौरान केंद्र अधीक्षक और कक्ष निरीक्षक को सार्वजनिक सेवक माना जाएगा, और उनके साथ दुर्व्यवहार अब दंडनीय व संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आएगा। यदि कोई छात्र परीक्षा में अभद्रता या अव्यवस्था फैलाता है, तो न केवल उसे परीक्षा से बाहर किया जाएगा, बल्कि मामला दर्ज कर विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भी भेजी जाएगी, जिसके बाद भविष्य के सेमेस्टर तक प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज परीक्षाओं को नकलविहीन और सुरक्षित वातावरण में कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और अनुशासन टीम की तैनाती की जा रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि परीक्षा को सम्मानजनक और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग करें।
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