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25 करोड़ की चोरी : शेयर खरीदकर पिता-पुत्र करते थे फाइनेंस कंपनियों से उगाही
Sun, 13 Jun 2021 06:33 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 06:33 AM IST
सार
सूरजपुर के डेल्टा-1 स्थित सिल्वर सिटी के बंद फ्लैट से चोरी किया गया करीब 40 किलोग्राम सोना और 6.5 करोड़ रुपये किसलय पांडेय व उसके पिता राममणि पांडेय के थे।
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किसलय के घर के बाहर खड़ी गाड़ियां...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला पुलिस के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार है जब 25 करोड़ की चोरी के मामले में फरार आरोपियों से ज्यादा पुलिस को उनकी तलाश है, जिनकी रकम और सोना चोरी किया गया है। पुलिस की अब तक की पड़ताल में यह बात साफ हो चुकी है कि सूरजपुर के डेल्टा-1 स्थित सिल्वर सिटी के बंद फ्लैट से चोरी किया गया करीब 40 किलोग्राम सोना और 6.5 करोड़ रुपये किसलय पांडेय व उसके पिता राममणि पांडेय के थे।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फाइनेंस कंपनियों के शेयर खरीदकर पिता-पुत्र ने करोड़ों की उगाही की है। इस तरह के कई मामले दिल्ली-एनसीआर में दर्ज हैं। अब 25 करोड़ की चोरी में भी पुख्ता सुबूत हाथ आने पर दोनों पर मामला दर्ज होगा।
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नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि खुद को सुप्रीम कोर्ट का अधिवक्ता बताने वाले यह पिता-पुत्र अब पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस ने चोरी का खुलासा करते हुए जिन 6 युवकों को गिरफ्तार किया है, उन्होंने पुलिस के समक्ष पिता-पुत्र की कई करतूत उजागर किए हैं। पुलिस के पास भी अब कई लोग संपर्क करने पहुंच रहे हैं। इंडिया बुल्स ग्रुप ऑफ कंपनीज के अधिकारियों ने भी पुलिस ने संपर्क साधा है।
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इनका कहना है कि पिता-पुत्र ने कंपनी से करीब 200 करोड़ की धोखाधड़ी की है। पुलिस को भी जांच में पता चला है कि पिता-पुत्र के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इंडिया बुल्स के सीजेएम की शिकायत पर 2019 में गुरुग्राम के उद्योग विहार थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए विकास शेखर को गिरफ्तार किया था।
विकास पर आरोप था कि वह इंडिया बुल्स के अधिकारियों को व्हाट्सएप कॉलिंग से यह कहकर धमकाता था कि उनके पास इंडिया बुल्स की काफी शिकायतें हैं या तो दस करोड़ रुपये दीजिए अन्यथा वह सरकारी अधिकारियों तक कंपनी की शिकायत करेगा। गुरुग्राम पुलिस ने विकास शेखर को गिरफ्तार किया तो उसने पूछताछ में बताया था कि धमकी देने और रंगदारी मांगने का यह सारा काम वह किसलय पांडेय के कहने पर ही करता था।
इस मामले में अपने खिलाफ दर्ज हुई इस एफआईआर को खारिज कराने के लिए किसलय ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में रिट भी दाखिल की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने इसे खारिज कर दिया था।
विकास शेखर ने पुलिस को यह भी बताया कि किसलय ने ही उसे समझाया था कि दो तीन वित्त कंपनियों के शेयर खरीदने के बाद उन पर झूठे आरोप लगाकर पैसा हड़पा जा सकता है। उसी के निर्देश पर विकास ने इंडिया बुल्स और डीएचएफएल फाइनेंस कंपनियों के कुछ शेयर खरीदे थे व बाद में उनकी ही शिकायत की थी।
विकास ने यह भी बताया इसके कुछ ही दिन बाद किसलय ने उसे दफ्तर में बुलाकर पांच लाख रुपये यह कहते हुए दिए थे कि डीएचएफएल से समझौते के रूप में 20 लाख रुपये मिले हैं। इनमें से पांच लाख उसके हैं। अब वह डीएचएफएल कंपनी के खिलाफ दी गई शिकायतों को वापस ले।