फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Fast food and screen time are increasing the risk of obesity in children

Noida News: फास्ट फूड और स्क्रीन टाइम बढ़ा रहे बच्चों में मोटापे का खतरा

Wed, 14 Oct 2026 09:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 09:58 PM IST
विज्ञापन
Fast food and screen time are increasing the risk of obesity in children
- जिम्स में हर महीने इलाज के लिए पहुंच रहे 30 से 35 मरीज, इनमें 10 से 15 कम उम्र के बच्चे शामिल
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बदलती जीवनशैली, खानपान की आदतों और फास्ट फूड के बढ़ते चलन के कारण लोगों में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। इसका असर अब कम उम्र के बच्चों पर भी दिखाई देने लगा है। चिकित्सकों के अनुसार, बचपन में बढ़ता मोटापा आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में हर महीने मोटापे के उपचार के लिए करीब 30 से 35 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 10 से 15 कम उम्र के बच्चे शामिल हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, शारीरिक गतिविधियों में कमी और असंतुलित खानपान मोटापे के प्रमुख कारण हैं। आजकल बच्चों और युवाओं में पिज्जा, बर्गर, चिप्स, पैकेटबंद स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों का सेवन बढ़ रहा है। इनमें अधिक कैलोरी, नमक, चीनी और वसा होने के कारण नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है। वहीं, मोबाइल फोन, टीवी और वीडियो गेम पर अधिक समय बिताने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां भी सीमित हो रही हैं।
विज्ञापन

जिम्स के मेडिसिन विभाग के सह-आचार्य डॉ. दीपक शर्मा का कहना है कि पहले बच्चे मैदानों में खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में अधिक समय बिताते थे, लेकिन अब उनकी दिनचर्या में स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद की कमी भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इन कारणों से बच्चों समेत हर उम्र के लोगों में मोटापे का खतरा बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर :
रेजिडेंट डॉ. सोनू राजपूत के मुताबिक, बचपन में बढ़ता मोटापा आगे चलकर टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य चयापचय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। इसके अलावा बच्चों में आत्मविश्वास की कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अभिभावकों को बच्चों का वजन तेजी से बढ़ने पर इसे सामान्य शारीरिक विकास मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

संतुलित खानपान और व्यायाम जरूरी :
रेजिडेंट डॉ. नेहा सिंह का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय दिनचर्या जरूरी है। बच्चों के भोजन में फल, हरी सब्जियां, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। फास्ट फूड और अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए। साथ ही, बच्चों को उम्र के अनुसार रोजाना खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। समय रहते खानपान और जीवनशैली में सुधार कर मोटापे के जोखिम को कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed