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सुनहेड़ा बॉर्डर पर महापंचायत कर किसानों ने भरी हुंकार
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सुनहेड़ा बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत के दौरान मौजूद जनसमूह
- फोटो : Mewat
पुन्हाना (यूनुस अल्वी)। कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को सुनहेड़ा बॉर्डर पर महापंचायत आयोजित कर किसानों हक की हुंकार भरी। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ कानून वापसी तक लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया। महापंचायत में पहुंचे नूंह के नेताओं को आम किसानों के बीच बैठाया और राजनीतिक भाषण नहीं देने दिया गया। हालंाकि बाद में किसानों के मुद्दे पर बात रखने के लिए कुछ समय दिया गया।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के अध्यक्ष नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत ने कहा, सरकार ने लोकलाज को खूंटी पर टांगकर किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें ठोक दी हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, बैंक, एलआईसी, रेल, जहाज निजी हाथों में सौंप दिए हैं। भाजपा ने धर्म जाति के नाम पर बहुत वोट मांगे, लेकिन अब देश को हिंदू-मुस्लिमों में बंटने नहीं देंगेे। उन्होंने आह्वान किया कि हर परिवार से एक आदमी को धरना स्थलों पर जरूर भेजें।
भीम आर्मी के प्रमुख च्ंाद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सरकार किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी कहकर बदनाम कर बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, हक छीने जाते हैं, देने से नहीं मिलते। मेवात के लोगों ने देश को आजाद कराने में कुर्बानियां दी हैं। आज महापंचायत में 36 बिरादरी के लोगों ने एकजुट होकर दिखा दिया कि सरकार कितने भी प्रोपेगेंडा कर ले, हमारे भाईचारे को नहीं तोड़ सकती।
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सरकार के अहंकार के खिलाफ लड़ाई: युुद्धवीर सिंह
राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा, कश्मीर से कन्या कुमारी तक सरकार के अहंकार के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने केवल 10 पूंजीपतियों के 61 हजार करोड़ माफ कर दिए और किसान का एक पैसा तक माफ नहीं किया है। मेवात ने हमेशा अन्याय व अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और इस बार भी पीछे नहीं हटेंगे। महापंचायत में किसान नेता राम गोपाल भी मौजूद रहे। अध्यक्षता मोलाना अरशद मीलखेड़ला ने की। आयोजकों ने सभी मेहमानों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।
नेताओं को मंच से दूर रखा
महापंचायत में पहुंचे नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद, विधायक मोहम्मद इलयास, विधायक मम्मन खां को मंच से ही दूर नहीं रखा बल्कि आम किसानों के बीच बैठाया। हालांकि किसानों के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए कुछ समय दिया गया। किसी भी नेता को राजनीतिक भाषण नहीं देने दिया गया।
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के अध्यक्ष नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत ने कहा, सरकार ने लोकलाज को खूंटी पर टांगकर किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें ठोक दी हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, बैंक, एलआईसी, रेल, जहाज निजी हाथों में सौंप दिए हैं। भाजपा ने धर्म जाति के नाम पर बहुत वोट मांगे, लेकिन अब देश को हिंदू-मुस्लिमों में बंटने नहीं देंगेे। उन्होंने आह्वान किया कि हर परिवार से एक आदमी को धरना स्थलों पर जरूर भेजें।
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भीम आर्मी के प्रमुख च्ंाद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सरकार किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी कहकर बदनाम कर बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, हक छीने जाते हैं, देने से नहीं मिलते। मेवात के लोगों ने देश को आजाद कराने में कुर्बानियां दी हैं। आज महापंचायत में 36 बिरादरी के लोगों ने एकजुट होकर दिखा दिया कि सरकार कितने भी प्रोपेगेंडा कर ले, हमारे भाईचारे को नहीं तोड़ सकती।
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सरकार के अहंकार के खिलाफ लड़ाई: युुद्धवीर सिंह
राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा, कश्मीर से कन्या कुमारी तक सरकार के अहंकार के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने केवल 10 पूंजीपतियों के 61 हजार करोड़ माफ कर दिए और किसान का एक पैसा तक माफ नहीं किया है। मेवात ने हमेशा अन्याय व अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और इस बार भी पीछे नहीं हटेंगे। महापंचायत में किसान नेता राम गोपाल भी मौजूद रहे। अध्यक्षता मोलाना अरशद मीलखेड़ला ने की। आयोजकों ने सभी मेहमानों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।
नेताओं को मंच से दूर रखा
महापंचायत में पहुंचे नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद, विधायक मोहम्मद इलयास, विधायक मम्मन खां को मंच से ही दूर नहीं रखा बल्कि आम किसानों के बीच बैठाया। हालांकि किसानों के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए कुछ समय दिया गया। किसी भी नेता को राजनीतिक भाषण नहीं देने दिया गया।