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Noida News: किसान बोले, उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ीं दरें
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दयानतपुर गांव में किसान जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी। अमर
- ग्रेनो प्राधिण्रण ने डेढ़ गुना बढ़ाई है मुआवजे की दर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से किसानों की जमीन के मुआवजे में की गई बढ़ोतरी को लेकर किसान संगठनों ने अहमति जताई है। किसान नेताओं का कहना है कि प्राधिकरण किसानों से जमीन कम दरों पर लेकर उसे कई गुना अधिक कीमत पर बेचता है। ऐसे में बढ़ाया गया मुआवजा किसानों के हित में पर्याप्त नहीं है। किसान नेताओं ने मुआवजे के साथ विकसित भूखंड और रोजगार देने की मांग भी दोहराई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों की जमीन सस्ती दरों पर लेकर करीब दस गुना अधिक दर पर बेचता है। जिस हिसाब से मुआवजे में बढ़ोतरी की गई है, वह कम है। किसानों को जमीन बाजार में खुले तौर पर बेचने पर इससे अधिक कीमत मिल सकती है। - मनवीर भाटी, प्रवक्ता, किसान संघर्ष समिति
पिछले 13 वर्षों से कृषि भूमि के सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। ऐसे में मुआवजे में की गई मौजूदा बढ़ोतरी किसानों के लिए काफी कम है। किसान लंबे समय से 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा, 20 फीसदी विकसित भूखंड और रोजगार की मांग करते रहे हैं। - सुनील फौजी, प्रवक्ता, जय जवान जय किसान मोर्चा
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किसानों की मांग 10 फीसदी विकसित भूखंड देने की रही है। इसके बावजूद केवल 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा तय किया गया है और भूखंड देने की बात नहीं है। इसे लेकर किसान सहमत नहीं हैं। बाजार में किसानों की जमीन का भाव 10 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर अधिक है। - पवन खटाना, राष्ट्रीय महासचिव, भाकियू टिकैत
किसान लंबे समय से 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा और 20 फीसदी विकसित भूखंड देने की मांग करते आ रहे हैं। बिना भूखंड के 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा लेने से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा। मौजूदा प्रस्ताव को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। - डॉ. रूपेश वर्मा, प्रवक्ता, किसान सभा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से किसानों की जमीन के मुआवजे में की गई बढ़ोतरी को लेकर किसान संगठनों ने अहमति जताई है। किसान नेताओं का कहना है कि प्राधिकरण किसानों से जमीन कम दरों पर लेकर उसे कई गुना अधिक कीमत पर बेचता है। ऐसे में बढ़ाया गया मुआवजा किसानों के हित में पर्याप्त नहीं है। किसान नेताओं ने मुआवजे के साथ विकसित भूखंड और रोजगार देने की मांग भी दोहराई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों की जमीन सस्ती दरों पर लेकर करीब दस गुना अधिक दर पर बेचता है। जिस हिसाब से मुआवजे में बढ़ोतरी की गई है, वह कम है। किसानों को जमीन बाजार में खुले तौर पर बेचने पर इससे अधिक कीमत मिल सकती है। - मनवीर भाटी, प्रवक्ता, किसान संघर्ष समिति
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पिछले 13 वर्षों से कृषि भूमि के सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। ऐसे में मुआवजे में की गई मौजूदा बढ़ोतरी किसानों के लिए काफी कम है। किसान लंबे समय से 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा, 20 फीसदी विकसित भूखंड और रोजगार की मांग करते रहे हैं। - सुनील फौजी, प्रवक्ता, जय जवान जय किसान मोर्चा
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किसानों की मांग 10 फीसदी विकसित भूखंड देने की रही है। इसके बावजूद केवल 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा तय किया गया है और भूखंड देने की बात नहीं है। इसे लेकर किसान सहमत नहीं हैं। बाजार में किसानों की जमीन का भाव 10 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर अधिक है। - पवन खटाना, राष्ट्रीय महासचिव, भाकियू टिकैत
किसान लंबे समय से 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा और 20 फीसदी विकसित भूखंड देने की मांग करते आ रहे हैं। बिना भूखंड के 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा लेने से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा। मौजूदा प्रस्ताव को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। - डॉ. रूपेश वर्मा, प्रवक्ता, किसान सभा

दयानतपुर गांव में किसान जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी। अमर

दयानतपुर गांव में किसान जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी। अमर

दयानतपुर गांव में किसान जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी। अमर

दयानतपुर गांव में किसान जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी। अमर