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Noida News: किसानों के धरना प्रदर्शन ने तीन घंटे तक रोका आवागमन
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डीएम कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर किसानों का धरना
तीन घंटे तक रोका आवागमन; स्टेडियम चौराहा, उद्योग मार्ग, सेक्टर-14ए फ्लाईओवर और चिल्ला बॉर्डर तक किया मार्च
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण और एनटीपीसी के सामने अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे भारतीय किसान परिषद और भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले 105 गांवों के किसानों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर दिखाई दिया। पुलिस ने मार्च रोकने की कोशिश की तो किसान भड़क गए। उन्होंने डीएम कार्यालय, स्टेडियम चौराहा, उद्योग मार्ग, सेक्टर-14ए फ्लाईओवर और चिल्ला बॉर्डर पर तीन घंटे तक आवागमन रोक दिया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। प्रदर्शन के बीच कई स्थानों पर पुलिस से झड़प भी हुई। किसानों को रोकने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
एनटीपीसी पर धरना दे रहे भारतीय किसान परिषद के किसान स्टेडियम के सामने मोदी मॉल के पास स्थित पार्किंग में एकत्रित हुए। इसके बाद यहां से पैदल मार्च डीएम कैंप कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगें रखीं। जिलाधिकारी से मिलने के लिए किसान कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर ही धरना देने बैठ गए। इसके बाद डीएम ने किसान नेता सुखबीर खलीफा समेत अन्य किसान प्रतिनिधियों से बात कर उनका ज्ञापन लिया और इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया।
इस दौरान किसानों ने करीब तीन घंटे तक स्टेडियम से लेकर कैंप कार्यालय में जगह-जगह यातायात को बाधित किया। कैंप कार्यालय के सामने एक रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया। आवागमन प्रभावित करने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने किसानों से कहा, संवाद का द्वार खुला हुआ है तो सड़क पर बैठना उचित नहीं है। जिले में कोई ऐसा अधिकारी नहीं है जो आपकी बात सुनना या समाधान करना नहीं चाहता है। आपके साथ अगर अन्याय हुआ है तो कानून पर भरोसा रखिए, कानून संगत इंसाफ मिलेगा। इस तरह से रोड और गेट पर बैठने से समस्या का समाधान करने में भी परेशानी आएगी। सुखबीर खलीफा ने कहा कि 18 जनवरी को प्राधिकरण की संपूर्ण तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान डीएम एक प्रतिनिधिमंडल को भी वार्ता के लिए बुलाया।
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महामाया से चिल्ला रोड पर लगा लंबा जाम
भारतीय किसान यूनियन मंच के किसान मंगलवार को सांसद के घर का घेराव करने हरौला से निकले। पुलिस के रोकने पर उन्हाेंने विरोध जताना शुरू कर दिया। सेक्टर-14ए नोएडा गेट के पास किसान दिल्ली-नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर पर धरना देने के लिए सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते महामाया फ्लाईओवर तक करीब तीन किमी लंबा जाम लग गया। स्थानीय पुलिस और यातायात कर्मियों ने ट्रैफिक को डीएनडी और कालिंदी कुंज की तरफ डायवर्ट कर हालात पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया।
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यह हैं किसानों की मांगें
- 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट दिए जाएं
- राजस्व रिकॉर्ड में काश्तकार का नाम अंकित किया जाए
- 450 वर्गमीटर की सीमा को 1000 वर्गमीटर किया जाए
- पांच प्रतिशत विकसित आबादी के भूखंड पर वाणिज्यिक गतिविधियाें की अनुमति दी जाए
- गांवों में किसानों के घर पर भवन नियमावली लागू न किया जाए
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तीन घंटे तक रोका आवागमन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण और एनटीपीसी के सामने अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे भारतीय किसान परिषद और भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले 105 गांवों के किसानों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर दिखाई दिया। पुलिस ने मार्च रोकने की कोशिश की तो किसान भड़क गए। उन्होंने डीएम कार्यालय, स्टेडियम चौराहा, उद्योग मार्ग, सेक्टर-14ए फ्लाईओवर और चिल्ला बॉर्डर पर तीन घंटे तक आवागमन रोक दिया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। प्रदर्शन के बीच कई स्थानों पर पुलिस से झड़प भी हुई। किसानों को रोकने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
एनटीपीसी पर धरना दे रहे भारतीय किसान परिषद के किसान स्टेडियम के सामने मोदी मॉल के पास स्थित पार्किंग में एकत्रित हुए। इसके बाद यहां से पैदल मार्च डीएम कैंप कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगें रखीं। जिलाधिकारी से मिलने के लिए किसान कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर ही धरना देने बैठ गए। इसके बाद डीएम ने किसान नेता सुखबीर खलीफा समेत अन्य किसान प्रतिनिधियों से बात कर उनका ज्ञापन लिया और इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया।
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इस दौरान किसानों ने करीब तीन घंटे तक स्टेडियम से लेकर कैंप कार्यालय में जगह-जगह यातायात को बाधित किया। कैंप कार्यालय के सामने एक रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया। आवागमन प्रभावित करने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने किसानों से कहा, संवाद का द्वार खुला हुआ है तो सड़क पर बैठना उचित नहीं है। जिले में कोई ऐसा अधिकारी नहीं है जो आपकी बात सुनना या समाधान करना नहीं चाहता है। आपके साथ अगर अन्याय हुआ है तो कानून पर भरोसा रखिए, कानून संगत इंसाफ मिलेगा। इस तरह से रोड और गेट पर बैठने से समस्या का समाधान करने में भी परेशानी आएगी। सुखबीर खलीफा ने कहा कि 18 जनवरी को प्राधिकरण की संपूर्ण तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान डीएम एक प्रतिनिधिमंडल को भी वार्ता के लिए बुलाया।
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महामाया से चिल्ला रोड पर लगा लंबा जाम
भारतीय किसान यूनियन मंच के किसान मंगलवार को सांसद के घर का घेराव करने हरौला से निकले। पुलिस के रोकने पर उन्हाेंने विरोध जताना शुरू कर दिया। सेक्टर-14ए नोएडा गेट के पास किसान दिल्ली-नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर पर धरना देने के लिए सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते महामाया फ्लाईओवर तक करीब तीन किमी लंबा जाम लग गया। स्थानीय पुलिस और यातायात कर्मियों ने ट्रैफिक को डीएनडी और कालिंदी कुंज की तरफ डायवर्ट कर हालात पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया।
यह हैं किसानों की मांगें
- 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट दिए जाएं
- राजस्व रिकॉर्ड में काश्तकार का नाम अंकित किया जाए
- 450 वर्गमीटर की सीमा को 1000 वर्गमीटर किया जाए
- पांच प्रतिशत विकसित आबादी के भूखंड पर वाणिज्यिक गतिविधियाें की अनुमति दी जाए
- गांवों में किसानों के घर पर भवन नियमावली लागू न किया जाए