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किसानों का फूटा गुस्सा, कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं
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ग्रेटर नोएडा/रबूपुरा। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर शनिवार को किसानों के देशव्यापी चक्का जाम का ग्रेटर नोएडा में भी असर देखने को मिला। किसान संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कहीं कृषि कानून की प्रतियां जलाईं तो कहीं ज्ञापन सौंपकर कानूनों को वापस लेने की मांग की।
ग्रेटर नोएडा, रबूपुरा, जेवर सहित कई जगहों पर किसानों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, चक्का जाम को देखते हुए पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रही। सूरजपुर कलक्ट्रेट पर पुलिस बल तैनात किया गया।
किसान संगठनों ने देशव्यापी चक्का जाम की घोषणा पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन अखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेश कसाना के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने भारत सरकार से तीनों कृषि कानून को वापस लेने समेत अन्य मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। इसमें एमएसपी पर कानून बनाने, किसानों को एकमुश्त कर्ज माफ करने, कृषि से जुड़े सामान बीज, खाद, दवाई, बिजली, पानी, डीजल के रेट को कम करने, किसान आयोग का गठन करने, गन्ना किसानों के बकाया का शत प्रतिशत भुगतान कराने की मांग की गई है।
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वहीं, अखिल भारतीय यूनियन (भानू) के जिलाध्यक्ष अनित कसाना के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें जनपद के किसानों को बकाया 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान कराने, तीनों प्राधिकरणों में आबादी के मामलों का निस्तारण कराने, किसान परिवारों के बेरोजगार युवकों को नौकरी में आरक्षण देने, कृषि कानून को वापस लेने की मांग की गई है।
किसान एकता संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण नागर के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया जिसमें तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, एमएसपी पर कानून बनाने, स्वामीनाथन आयोग का गठन करने, सभी किसानों के कर्ज माफ कराने की मांग की गई है। इस मौके पर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी, श्यामवीर सिंह, राजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
किसान बोले- जारी रहेगा आंदोलन
किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने कैलाशपुर गांव में तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों को पुतले पर रखकर जलाया। किसान सभा के उपाध्यक्ष सूबेदार ब्रह्मपाल ने कहा कि देशभर के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर इसे वापस करने की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरसेन नागर ने कहा जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते तब तक किसान सभा आंदोलन जारी रखेगी। इस मौके पर जिला कमेटी के सदस्य ब्रजवीर भाटी, किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
जेवर-रबूपुरा में भी ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध
जेवर व रबूपुरा के किसानों ने एसीपी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तीनों कृषि कानूनों वापस लेने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से धरना स्थल पर बैठे किसानों के लिए बिजली, पानी रोकने पर नाराजगी जताई। इस मौके पर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष इकपाल सिंह सिवाच, चंदर पहलवान, बिजेंद्र सिंह, शाहिद मंजूर, विपिन सेवा, प्रमोद श्रीवास, यूनुस कुरेशी, कादिर साबरी, किशनपाल, शिशुपाल शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, कालीचरण गिरी, सूबेदार सिंह, रामपाल सिंह राणा मौजूद रहे।
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ग्रेटर नोएडा, रबूपुरा, जेवर सहित कई जगहों पर किसानों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, चक्का जाम को देखते हुए पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रही। सूरजपुर कलक्ट्रेट पर पुलिस बल तैनात किया गया।
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किसान संगठनों ने देशव्यापी चक्का जाम की घोषणा पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन अखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेश कसाना के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने भारत सरकार से तीनों कृषि कानून को वापस लेने समेत अन्य मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। इसमें एमएसपी पर कानून बनाने, किसानों को एकमुश्त कर्ज माफ करने, कृषि से जुड़े सामान बीज, खाद, दवाई, बिजली, पानी, डीजल के रेट को कम करने, किसान आयोग का गठन करने, गन्ना किसानों के बकाया का शत प्रतिशत भुगतान कराने की मांग की गई है।
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वहीं, अखिल भारतीय यूनियन (भानू) के जिलाध्यक्ष अनित कसाना के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें जनपद के किसानों को बकाया 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान कराने, तीनों प्राधिकरणों में आबादी के मामलों का निस्तारण कराने, किसान परिवारों के बेरोजगार युवकों को नौकरी में आरक्षण देने, कृषि कानून को वापस लेने की मांग की गई है।
किसान एकता संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण नागर के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया जिसमें तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, एमएसपी पर कानून बनाने, स्वामीनाथन आयोग का गठन करने, सभी किसानों के कर्ज माफ कराने की मांग की गई है। इस मौके पर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी, श्यामवीर सिंह, राजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
किसान बोले- जारी रहेगा आंदोलन
किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने कैलाशपुर गांव में तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों को पुतले पर रखकर जलाया। किसान सभा के उपाध्यक्ष सूबेदार ब्रह्मपाल ने कहा कि देशभर के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर इसे वापस करने की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरसेन नागर ने कहा जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते तब तक किसान सभा आंदोलन जारी रखेगी। इस मौके पर जिला कमेटी के सदस्य ब्रजवीर भाटी, किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
जेवर-रबूपुरा में भी ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध
जेवर व रबूपुरा के किसानों ने एसीपी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तीनों कृषि कानूनों वापस लेने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से धरना स्थल पर बैठे किसानों के लिए बिजली, पानी रोकने पर नाराजगी जताई। इस मौके पर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष इकपाल सिंह सिवाच, चंदर पहलवान, बिजेंद्र सिंह, शाहिद मंजूर, विपिन सेवा, प्रमोद श्रीवास, यूनुस कुरेशी, कादिर साबरी, किशनपाल, शिशुपाल शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, कालीचरण गिरी, सूबेदार सिंह, रामपाल सिंह राणा मौजूद रहे।