फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Fake telephone exchange busted, two arrested

Noida News: फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

Sat, 20 May 2023 12:54 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
Fake telephone exchange busted, two arrested
फोटो
विज्ञापन

फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
सेक्टर-दो के ए-44 स्थित बेसमेंट में चल रहा था, मोबाइल, लैपटॉप, राउटर और डेस्कटॉप बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा एसटीएफ ने शुक्रवार को फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी अंश कुमार सक्सेना और दरभंगा, बिहार निवासी कन्हैया कुमार ने रूप में हुई है। फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज सेक्टर-दो के ए-44 स्थित बेसमेंट में चल रहा था। आरोपियों की निशानदेही पर मोबाइल, लैपटॉप, राउटर और डेस्कटॉप समेत अन्य सामान बरामद हुआ। दोनों अंतरराष्ट्रीय को लोकल काॅल में परिवर्तित कर भारत सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे।

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को एसटीएफ ने सेक्टर-132 में संचालित फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश करते हुए पूर्व रणजी खिलाड़ी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से हुई पूछताछ के दौरान कुछ और लोगों के नाम और फेज-एक कोतवाली क्षेत्र में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज संचालित होने की जानकारी सामने आई। टीम ने दूरसंचार विभाग और टाटा टेली सर्विसेस लिमिटेड के अधिकारियों को साथ लेकर शुक्रवार को सेक्टर-दो से दबिश दी।
विज्ञापन

यहां से अंश और कन्हैया को गिरफ्तार किया गया। कन्हैया कुमार (33) ने बताया कि बीएससी करने के बाद वह 2011 में कंप्यूटर नेटवर्किंग में काम कर चुका है। उसने दिल्ली के गाजीपुर स्थित पथ व्यूअर कंपनी में बतौर आइटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर के तौर पर काम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2014 से 2017 के बीच एआरवाई टेलीकाम में काम करने के दौरान कन्हैया ने पीआरआई सर्वर के कॉन्फिगरेशन का काम सीखा। इसके बाद स्वतंत्र तौर पर काम कर रहा था तभी मुलाकात अंश से हुई। इसके बाद दोनों ने कुछ माह पहले टेलीफोन एक्सचेंज का सेटअप बनाया। इसका प्रमोशन करने के बाद जब कॉल आनी शुरु हुई तो वीओआईपी के जरिये काल को यहीं पर लैंड कराया जाने लगा।


---
50 पैसे प्रति मिनट मिलता था मुनाफा

कन्हैया ने बताया कि बाइपास कर काॅल को लैंड कराने के लिए उसे 20 से 50 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से मिलते थे। रकम यशपाल नाम के व्यक्ति के खाते में बिट क्वाइन सहित अन्य तरीकों से ट्रांसफर होती थी। वहीं बीसीए पास अंश ने बताया कि वह 2010 में नोएडा स्थित प्रोगेसिव इंफोटेक में काम रहता था। दिल्ली में काॅलसेंटर में भी वह काम कर चुका है, बाद में दोस्त अंशुल मेहता के साथ मिलकर गुरुग्राम में फर्जी काल सेंटर संचालित करने लगा। सोहना रोड से ही साल 2020 में जेल भी गया। ऑफिस में अंश और कन्हैया की मुलाकात हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed