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कचरा प्रबंधन में एमिटी फेल, 51 लाख का जुर्माना
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कचरा प्रबंधन में फेल होने पर 86 लाख का जुर्माना
नोएडा। कचरा प्रबंधन की जांच में कई संस्थान पूरी तरह से फेल पाए गए हैं। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने जांच के बाद इन संस्थानों पर 86 लाख का जुर्माना लगाया। सबसे ज्यादा 51 लाख का जुर्माना एमिटी विवि पर लगाया गया है। एनजीटी के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण शहर के अलग-अलग संस्थानों में कचरा प्रबंधन की जांच कर रहा है।
प्राधिकरण के मुख्य सलाहकार ओमेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने कचरा प्रबंधन की जांच के लिए सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी पर छापा मारा। जांच के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी कचरा प्रबंधन में पूरी तरह से फेल पाया गया। जांच में पाया गया कि पांच से छह दिन पुराना कचरा पड़ा हुआ था। उससे दुर्गंध भी आ रही थी। दूषित जल शोधन संयत्र (ईटीपी) और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं चल रहा था। उद्यान से निकल कचरा और गीला कचरा के प्रबंधन के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे थे। परिसर में प्लास्टिक का भरपूर उपयोग हो रहा था। कचरा नालियों में बहाया जा रहा था। यही नहीं भूजल का दोहन करने की बात भी सामने आई। इसे देखते हुए टीम ने यूनिवर्सिटी पर 51 लाख का जुर्माना किया।
धर्मपाल प्रेमचंद लिमिटेड पर 31 लाख का जुर्माना
प्राधिकरण की टीम ने जांच के दौरान पाया कि सेक्टर-60 स्थित धर्मपाल प्रेमचंद लिमिटेड (बाबा मसाला) परिसर में कचरा प्रबंधन के किसी तरह के उपाय नहीं किए गए थे। यहां भी दूषित जल शोधन संयंत्र बंद पड़ा था। प्लास्टिक का ढेर लगा था। कर्मचारियों के सुरक्षा के उपाय नहीं थे। काला और दूषित जल नालियों में प्रवाहित किया जा रहा था। टीम ने यहां 31 लाख का जुर्माना किया।
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मयूर स्कूल पर 1 लाख और कंसेप्ट महिंद्रा पर 3 लाख जुर्माना
प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर-126 स्थित मयूर इंटरनेशनल स्कूल पर छापा मारा। यहां प्लास्टिक बैग में कचरा ले जाते हुए पकड़ा गया। यही नहीं यहां कई अन्य प्रकार की लापरवाही बरती जा रही थी। टीम ने स्कूल पर एक लाख का जुर्माना किया। इसके अलावा सेक्टर-59 स्थित कंसेप्ट महिंद्रा ऑटोमोबाइल के परिसर की जांच के दौरान कचरा प्रबंधन का उल्लंघन करते हुए पाया गया। यहां तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मिठास रेस्तरां पर 25 हजार का जुर्माना
टीम ने सेक्टर-53 स्थित मिठास रेस्तरां पर भी छापा मारा। यहां भारी मात्रा में प्लास्टिक के उपयोग पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा सेक्टर-60 जियान कंपनी के कार्यालय पर 11 हजार का जुर्माना लगाया गया।
एक माह के दौरान की गई बड़ी कार्रवाई
संस्थान जुर्माना
- फोर्टिस अस्पताल 25 लाख
- संदीप पेपर मिल 21 लाख
- जेनपैक्ट इंडिया लिमिटेड 15 लाख
- जीआईपी मॉल 15 लाख
- डीएलएफ मॉल 15 लाख
- स्पाइस मॉल 11 लाख
- लॉजिक्स मॉल 11 लाख
- ओरिएंट क्राफ्ट लिमिटेड 10 लाख
- महिंद्र शो रुम 5 लाख
- सागर मोटर्स 5 लाख
- विपुल मोटर्स 5 लाख
- मदरसल सुमी सिस्टम्स लिमिटेड 11.7 लाख
- रोहन मोटर्स 6.7 लाख
- रायन इंटरनेशनल स्कूल 95 हजार
- खेतान स्कूल 70 हजार
- दिल्ली पब्लिक स्कूल 35 हजार
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नोएडा। कचरा प्रबंधन की जांच में कई संस्थान पूरी तरह से फेल पाए गए हैं। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने जांच के बाद इन संस्थानों पर 86 लाख का जुर्माना लगाया। सबसे ज्यादा 51 लाख का जुर्माना एमिटी विवि पर लगाया गया है। एनजीटी के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण शहर के अलग-अलग संस्थानों में कचरा प्रबंधन की जांच कर रहा है।
प्राधिकरण के मुख्य सलाहकार ओमेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने कचरा प्रबंधन की जांच के लिए सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी पर छापा मारा। जांच के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी कचरा प्रबंधन में पूरी तरह से फेल पाया गया। जांच में पाया गया कि पांच से छह दिन पुराना कचरा पड़ा हुआ था। उससे दुर्गंध भी आ रही थी। दूषित जल शोधन संयत्र (ईटीपी) और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं चल रहा था। उद्यान से निकल कचरा और गीला कचरा के प्रबंधन के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे थे। परिसर में प्लास्टिक का भरपूर उपयोग हो रहा था। कचरा नालियों में बहाया जा रहा था। यही नहीं भूजल का दोहन करने की बात भी सामने आई। इसे देखते हुए टीम ने यूनिवर्सिटी पर 51 लाख का जुर्माना किया।
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धर्मपाल प्रेमचंद लिमिटेड पर 31 लाख का जुर्माना
प्राधिकरण की टीम ने जांच के दौरान पाया कि सेक्टर-60 स्थित धर्मपाल प्रेमचंद लिमिटेड (बाबा मसाला) परिसर में कचरा प्रबंधन के किसी तरह के उपाय नहीं किए गए थे। यहां भी दूषित जल शोधन संयंत्र बंद पड़ा था। प्लास्टिक का ढेर लगा था। कर्मचारियों के सुरक्षा के उपाय नहीं थे। काला और दूषित जल नालियों में प्रवाहित किया जा रहा था। टीम ने यहां 31 लाख का जुर्माना किया।
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मयूर स्कूल पर 1 लाख और कंसेप्ट महिंद्रा पर 3 लाख जुर्माना
प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर-126 स्थित मयूर इंटरनेशनल स्कूल पर छापा मारा। यहां प्लास्टिक बैग में कचरा ले जाते हुए पकड़ा गया। यही नहीं यहां कई अन्य प्रकार की लापरवाही बरती जा रही थी। टीम ने स्कूल पर एक लाख का जुर्माना किया। इसके अलावा सेक्टर-59 स्थित कंसेप्ट महिंद्रा ऑटोमोबाइल के परिसर की जांच के दौरान कचरा प्रबंधन का उल्लंघन करते हुए पाया गया। यहां तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मिठास रेस्तरां पर 25 हजार का जुर्माना
टीम ने सेक्टर-53 स्थित मिठास रेस्तरां पर भी छापा मारा। यहां भारी मात्रा में प्लास्टिक के उपयोग पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा सेक्टर-60 जियान कंपनी के कार्यालय पर 11 हजार का जुर्माना लगाया गया।
एक माह के दौरान की गई बड़ी कार्रवाई
संस्थान जुर्माना
- फोर्टिस अस्पताल 25 लाख
- संदीप पेपर मिल 21 लाख
- जेनपैक्ट इंडिया लिमिटेड 15 लाख
- जीआईपी मॉल 15 लाख
- डीएलएफ मॉल 15 लाख
- स्पाइस मॉल 11 लाख
- लॉजिक्स मॉल 11 लाख
- ओरिएंट क्राफ्ट लिमिटेड 10 लाख
- महिंद्र शो रुम 5 लाख
- सागर मोटर्स 5 लाख
- विपुल मोटर्स 5 लाख
- मदरसल सुमी सिस्टम्स लिमिटेड 11.7 लाख
- रोहन मोटर्स 6.7 लाख
- रायन इंटरनेशनल स्कूल 95 हजार
- खेतान स्कूल 70 हजार
- दिल्ली पब्लिक स्कूल 35 हजार