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मानवता की मिसाल: मानसिक विक्षिप्त युवक का कोतवाली प्रभारी ने कराया इलाज
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- ठीक होने के बाद मेंटल अस्पताल से निकालकर घर भेजने की तैयारी
- चार माह पहले चोरी के शक में लोगों ने युवक को पकड़ा था
संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। पुलिस को लेकर अकसर लोग दिमाग में गलत ही विचार रखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है वे भी इंसान है। दनकौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है। उन्होंने मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक उमर को आगरा के अस्पताल में भेजकर इलाज कराया। चार माह के इलाज के बाद ठीक होने पर उसे जम्मू-कश्मीर स्थित पुंछ में उसके घर भेजने की तैयारी की जा रही है। युवक के मामा मुस्ताक आगरा अस्पताल से लेने के लिए पहुंचे और कागजी कार्रवाई के बाद उन्हें भेज दिया है। अब तक संजय सिंह इस तरह के 16 लोगों को उनके घर भेज चुके हैं। प्रभारी के इस कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
दरअसल, करीब 4 माह पहले कस्बे के लोगों ने 24 साल के एक युवक को चोरी के शक में पकड़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो वह अपना नाम तक नहीं बता पाया। दो पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी कर दी थी। इस हरकत के बाद मामला कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह के संज्ञान में लाया गया। पुलिस ने युवक को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखकर उसकी हरकतों को गहनता से देखा तो पता चला कि वह मानसिक रूप से बीमार है। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी से बात कर मनोचिकित्सक को दिखाया गया। चिकित्सक ने जांच के बाद मानसिक रोगी होने की पुष्टि कर दी। इसके बाद उसे आगरा के मानसिक अस्पताल में दाखिल कराया गया।
अस्पताल में बतौर अभिभावक खुद कोतवाल ने उसकी जिम्मेदारी ली और चार माह तक युवक का इलाज चला और वह पूरी तरह ठीक हो गया। अस्पताल ने अभिभावक/कोतवाली प्रभारी को युवक के ठीक होने की सूचना दी। इंस्पेक्टर ने आगरा अस्पताल पहुंचकर उससे बातचीत की तो युवक ने अपने परिजन का मोबाइल नंबर आदि समेत सारी जानकारी दे दी। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने वहां की पुलिस से बात की तो पता चला उसकी गुमशुदगी भी दर्ज है। कोतवाली प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि अब तक विभिन्न थानों में बतौर प्रभारी रहने के दौरान 16 मानसिक विक्षिप्त लोगों को इलाज के बाद परिजनों को सुपुर्द कर चुका हूं। उमर को भी पूरी तरह ठीक होने के बाद उसके घर भेजा जा रहा है।
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- चार माह पहले चोरी के शक में लोगों ने युवक को पकड़ा था
संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। पुलिस को लेकर अकसर लोग दिमाग में गलत ही विचार रखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है वे भी इंसान है। दनकौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है। उन्होंने मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक उमर को आगरा के अस्पताल में भेजकर इलाज कराया। चार माह के इलाज के बाद ठीक होने पर उसे जम्मू-कश्मीर स्थित पुंछ में उसके घर भेजने की तैयारी की जा रही है। युवक के मामा मुस्ताक आगरा अस्पताल से लेने के लिए पहुंचे और कागजी कार्रवाई के बाद उन्हें भेज दिया है। अब तक संजय सिंह इस तरह के 16 लोगों को उनके घर भेज चुके हैं। प्रभारी के इस कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
दरअसल, करीब 4 माह पहले कस्बे के लोगों ने 24 साल के एक युवक को चोरी के शक में पकड़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो वह अपना नाम तक नहीं बता पाया। दो पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी कर दी थी। इस हरकत के बाद मामला कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह के संज्ञान में लाया गया। पुलिस ने युवक को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखकर उसकी हरकतों को गहनता से देखा तो पता चला कि वह मानसिक रूप से बीमार है। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी से बात कर मनोचिकित्सक को दिखाया गया। चिकित्सक ने जांच के बाद मानसिक रोगी होने की पुष्टि कर दी। इसके बाद उसे आगरा के मानसिक अस्पताल में दाखिल कराया गया।
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अस्पताल में बतौर अभिभावक खुद कोतवाल ने उसकी जिम्मेदारी ली और चार माह तक युवक का इलाज चला और वह पूरी तरह ठीक हो गया। अस्पताल ने अभिभावक/कोतवाली प्रभारी को युवक के ठीक होने की सूचना दी। इंस्पेक्टर ने आगरा अस्पताल पहुंचकर उससे बातचीत की तो युवक ने अपने परिजन का मोबाइल नंबर आदि समेत सारी जानकारी दे दी। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने वहां की पुलिस से बात की तो पता चला उसकी गुमशुदगी भी दर्ज है। कोतवाली प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि अब तक विभिन्न थानों में बतौर प्रभारी रहने के दौरान 16 मानसिक विक्षिप्त लोगों को इलाज के बाद परिजनों को सुपुर्द कर चुका हूं। उमर को भी पूरी तरह ठीक होने के बाद उसके घर भेजा जा रहा है।
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