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Noida News: हर फेज को माना जाएगा प्रोजेक्ट, देनी होंगी सभी मूलभूत सुविधाएं

Mon, 15 Sep 2025 02:22 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 15 Sep 2025 02:22 AM IST
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Every phase will be considered a project, all basic facilities will have to be provided
- यूपी रेरा ने प्रोजेक्ट के पंजीकरण की शर्तों में बदलाव कर जारी किए आदेश, हर फेज का डेवलपमेंट प्लान देना जरुरी
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नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। अब बिल्डरों को हर फेज का डेवलपमेंट प्लान देना होगा। उसी हिसाब से फेज का निर्माण करना होगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रोजेक्ट पंजीकरण की शर्तों में बदलाव कर आदेश जारी कर दिया है। हर फेज को प्रोजेक्ट माना जाएगा। सोसाइटी में लिफ्ट, पानी, बिजली आदि जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं देनी होंगी। रेरा के अधिकारियों ने कहा है कि ऐसा नहीं करने पर प्रोजेक्ट का पंजीकरण नहीं होगा। वहीं पंजीकरण कराने के बाद शर्तों की अनदेखी पर जुर्माना लगाया जाएगा।

यूपी रेरा में इस समय 4000 प्रोजेक्ट पंजीकृत है। हर माह 200 से अधिक प्रोजेक्ट पंजीकृत हो रहे हैं, लेकिन बिल्डर प्रोजेक्ट के निर्माण में मनमानी कर रहे हैं। बिल्डर प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरण में बनाते हैं। उनकी ओर से सभी जरूरी कागजात जमा नहीं कराए जाते हैं। साथ ही खरीदारों को जरूरी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। लगातार शिकायत आने के बाद यूपी रेरा ने पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया है।
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अफसरों ने बताया कि बिल्डर अब तक केवल एक डेवलपमेंट प्लान और ले आउट प्लान जमा करते थे, लेकिन अब यूपी रेरा ने पंजीकरण के नियमों में बदलाव कर आदेश जारी कर दिया है। अब बिल्डर को हर फेज का डेवलपमेंट प्लान जमा करना होगा। फिर उसी हिसाब से निर्माण भी करना होग। फेज को अलग प्रोजेक्ट ही माना जाएगा। वहां के खरीदारों को मूलभूत सुविधाएं भी देनी होंगी। इनमें फायर सिस्टम, पेयजल, आपातकालीन निकास सेवा और बिजली आदि शामिल हैं। इसका भी प्लान बिल्डर को जमा करना होगा। अफसरों ने बताया कि प्रोजेक्ट तक पहुंचने का रास्ता, स्ट्रीट लाइट, विद्युत आपूर्ति का डिजाइन, एसटीपी का भी ब्योरा देना होगा। प्लान के हिसाब से ही निर्माण करना होगा। हर फेज के खरीदारों को मूलभूत सुविधा देनी होगी।
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विवाद का कारण बन रही है बिल्डर की मनमानी
अलग-अलग फेज में बन रहे प्रोजेक्टों में विवाद भी बढ़ रहे हैं। कहीं पर मूलभूत सुविधा नहीं दी जाती तो कहीं पर दूसरे फेज के निवासियों से विवाद होता रहता है। ग्रेनो वेस्ट की 20 से अधिक सोसाइटी में ही इस तरह के विवाद चल रहे हैं। कुछ दिन पहले निराला एस्टेट और दूसरे फेज के निवासियों के बीच विवाद हुआ था। लोगों का कहना है कि अगर पहले मूलभूत सुविधा तैयार कर दी जाती है तो फिर दूसरे फेज तक वो पुरानी हो जाती है। वहीं अगर निर्माण नहीं करे तो फिर परेशानी होती है। बिल्डरों को फेज के हिसाब से ही मूलभूत सुविधाएं देनी चाहिए।

कोट
बिल्डरों को प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराने के समय ही विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं का प्लान जमा करना होगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पिछले साल सितंबर में जारी एसओपी भी इस पर लागू रहेगी। - महेंद्र वर्मा, सचिव यूपी रेरा
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