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शिक्षा का अधिकारी: स्कूलों की मैपिंग के बाद भी RTE के तहत जनपद में घट गई सीटें, प्रदेश में बढ़ा आंकड़ा
Sat, 16 Nov 2024 03:09 PM IST
अनुज कुमार
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 16 Nov 2024 03:09 PM IST
सार
शिक्षा विभाग की ओर से दावा किया गया था कि स्कूल कक्षा एक में सीटें नहीं छिपा पाएंगे। मैपिंग के दौरान सभी स्कूलों की सीटों की जानकारी होगी और नए सत्र के लिए सीटें बढ़ जाएगी,लेकिन उसके बाद भी सीटें कम हो गई हैं। वहीं, प्रदेश में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में सीटें बढ़ी हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीट पर दाखिला कराने की सोच रहे अभिभावकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। स्कूलों की मैपिंग होने के बाद भी आरटीई के तहत जनपद में सीटें घट गई हैं।
शासन की ओर से आरटीई का पोर्टल स्कूलों की मैपिंग के लिए खोला गया। उसके बाद भी जिले में आरटीई की सीटें बढ़ने की बजाय कम हो गईं। सीटों के नहीं बढ़ने पर एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े किए हैं।
एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन के संस्थापक सुखपाल सिंह तूर का कहना है कि सत्र 2022-23 में निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 18029 सीटें थी। 2023-24 में मैपिंग के बाद 16516 सीटें हुईं। नए सत्र के लिए 16000 से भी सीटें कम हो गई हैं। इससे पहले तो बिना मैपिंग के ही सीटें अधिक रहती थीं। आरटीई के तहत स्कूलों में दाखिला नहीं लेना पड़े इसके लिए निजी स्कूल सीट छिपा रहे हैं। शिक्षा विभाग उनके साथ खड़ा है। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के हित में काम होना चाहिए।
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उन्होंने कहा, इसका मतलब मैपिंग सही से नहीं की गई है। कई नामी निजी स्कूल हर साल वास्तविक सीटों को नहीं दिखाते हैं, जिससे उन्हें दाखिला नहीं लेना पड़े। शिक्षा विभाग को स्कूलों की सीटों की सार्वजनिक करनी चाहिए। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि पोर्टल से हटाए गए स्कूल कक्षा छह से 12 तक संचालित होते हैं। जबकि आरटीई के तहत प्री प्राइमरी और कक्षा एक में ही दाखिला मिलता है। इसी वजह से इन्हें पोर्टल से बाहर किया गया है। कुछ स्कूल आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए पात्र नहीं हैं। वह अल्पसंख्यक में आते हैं।
आरटीई में प्रवेश की स्थिति
सत्र कुल सीट
2020-21 15000
2021-22 16000
2022-23 18029
2023-24 16516
2023-24 15900(करीब)
यूडाइस पोर्टल पर स्कूलों की अंकित सीटों से ही मैंपिग की गई है। अब तक 1037 स्कूलों की मैपिंग हो चुकी है। कई स्कूल आरटीई के तहत नहीं आते हैं। उन्हें हटाया गया है। कई स्कूल पोर्टल पर दो बार दिखाई दे रहे थे। उन्हें भी हटा दिया गया है। नए सत्र के लिए 1 दिसंबर से पहले चरण के लिए आवेदन लिए जाएंगे। - राहुल पंवार,बेसिक शिक्षा अधिकारी
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शासन की ओर से आरटीई का पोर्टल स्कूलों की मैपिंग के लिए खोला गया। उसके बाद भी जिले में आरटीई की सीटें बढ़ने की बजाय कम हो गईं। सीटों के नहीं बढ़ने पर एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े किए हैं।
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एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन के संस्थापक सुखपाल सिंह तूर का कहना है कि सत्र 2022-23 में निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 18029 सीटें थी। 2023-24 में मैपिंग के बाद 16516 सीटें हुईं। नए सत्र के लिए 16000 से भी सीटें कम हो गई हैं। इससे पहले तो बिना मैपिंग के ही सीटें अधिक रहती थीं। आरटीई के तहत स्कूलों में दाखिला नहीं लेना पड़े इसके लिए निजी स्कूल सीट छिपा रहे हैं। शिक्षा विभाग उनके साथ खड़ा है। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के हित में काम होना चाहिए।
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उन्होंने कहा, इसका मतलब मैपिंग सही से नहीं की गई है। कई नामी निजी स्कूल हर साल वास्तविक सीटों को नहीं दिखाते हैं, जिससे उन्हें दाखिला नहीं लेना पड़े। शिक्षा विभाग को स्कूलों की सीटों की सार्वजनिक करनी चाहिए। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि पोर्टल से हटाए गए स्कूल कक्षा छह से 12 तक संचालित होते हैं। जबकि आरटीई के तहत प्री प्राइमरी और कक्षा एक में ही दाखिला मिलता है। इसी वजह से इन्हें पोर्टल से बाहर किया गया है। कुछ स्कूल आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए पात्र नहीं हैं। वह अल्पसंख्यक में आते हैं।
आरटीई में प्रवेश की स्थिति
सत्र कुल सीट
2020-21 15000
2021-22 16000
2022-23 18029
2023-24 16516
2023-24 15900(करीब)
यूडाइस पोर्टल पर स्कूलों की अंकित सीटों से ही मैंपिग की गई है। अब तक 1037 स्कूलों की मैपिंग हो चुकी है। कई स्कूल आरटीई के तहत नहीं आते हैं। उन्हें हटाया गया है। कई स्कूल पोर्टल पर दो बार दिखाई दे रहे थे। उन्हें भी हटा दिया गया है। नए सत्र के लिए 1 दिसंबर से पहले चरण के लिए आवेदन लिए जाएंगे। - राहुल पंवार,बेसिक शिक्षा अधिकारी