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Noida News: 10 साल बाद भी घर की आस में भटक रहे लॉजिक्स ब्लॉसम जेस्ट के फ्लैट खरीदार
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-बिल्डर के खिलाफ 2021 में शुरु हो गई थी दिवालिया प्रक्रिया, 2022 में आईआरपी आ गए
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर 143 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम जेस्ट सोसाइटी के निवासी 10 साल बाद भी अपना घर पाने के लिए भटक रहे हैं। बिल्डर सोसाइटी का निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर जा चुका है और 2021 से मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में चल रहा है। ऐसे में यहां पर 2022 से अंतरिम रिज्यॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) आ गए हैं। हालांकि अबतक सोसाइटी के निर्माण के संबंध में कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
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14 टावरों में 9 टावर अधूरे
ब्लॉसम जेस्ट फ्लैट बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष व फ्लैट खरीदार अनिल कौशल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2011 में शुरू हुआ था और 2013 के अंत में पजेशन मिलना था। यहां पर कुल 14 टावर हैं लेकिन बिल्डर ने सिर्फ 5 टावरों का निर्माण पूरा किया है और 9 टावरों का निर्माण अबतक अधूरा है। 5 टावरों का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) लेने के बाद लोगों को पजेशन दे दिया था, लेकिन अन्य फ्लैट अबतक अधूरे ही पड़े हैं।
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एनसीएलटी में जल्द हो सकता फैसला
ब्लॉसम जेस्ट फ्लैट बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव विनोद शर्मा ने बताया कि उन्होंने 2011 में फ्लैट बुक कराया था जिसका पजेशन 2013 में मिलना था लेकिन आजतक नहीं मिला। यहां पर 2019 में 5 टावरों की ओसी लेकर बिल्डर ने पजेशन देना शुरू कर दिया था। एनसीएलटी में नए बिल्डर का प्लान दिया गया है इस संबंध में संबंधित आपत्तियों को निस्तारित करने के बाद ही प्लान को अप्रूवल मिलेगा।
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90 फीसदी भुगतान कर चुके
फ्लैट खरीदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने 2011 में फ्लैट खरीदा था जिसका पजेशन 2013 में मिलना था लेकिन आजतक वहां पर फ्लैट का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में हम सभी अपना घर पाने के लिए भटक रहे हैं। हम फ्लैट का 90 फीसदी भुगतान भी कर चुके हैं।
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85 फीसदी भुगतान कर चुके हैं
फ्लैट खरीदार राकेश कुमार जैन ने बताया कि 2011 में फ्लैट बुक किया था लेकिन अबतक नहीं मिला है। इस संबंध में हमने बिल्डर से बहुत गुहार लगाई थी लेकिन 2015-16 के बाद बिल्डर ने कार्य की गति बहुत धीमी कर दी थी। इसके बाद निर्माण कार्य ही बंद हो गया। हम फ्लैट का 85 फीसदी भुगतान भी कर चुके हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर 143 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम जेस्ट सोसाइटी के निवासी 10 साल बाद भी अपना घर पाने के लिए भटक रहे हैं। बिल्डर सोसाइटी का निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर जा चुका है और 2021 से मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में चल रहा है। ऐसे में यहां पर 2022 से अंतरिम रिज्यॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) आ गए हैं। हालांकि अबतक सोसाइटी के निर्माण के संबंध में कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
14 टावरों में 9 टावर अधूरे
ब्लॉसम जेस्ट फ्लैट बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष व फ्लैट खरीदार अनिल कौशल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2011 में शुरू हुआ था और 2013 के अंत में पजेशन मिलना था। यहां पर कुल 14 टावर हैं लेकिन बिल्डर ने सिर्फ 5 टावरों का निर्माण पूरा किया है और 9 टावरों का निर्माण अबतक अधूरा है। 5 टावरों का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) लेने के बाद लोगों को पजेशन दे दिया था, लेकिन अन्य फ्लैट अबतक अधूरे ही पड़े हैं।
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एनसीएलटी में जल्द हो सकता फैसला
ब्लॉसम जेस्ट फ्लैट बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव विनोद शर्मा ने बताया कि उन्होंने 2011 में फ्लैट बुक कराया था जिसका पजेशन 2013 में मिलना था लेकिन आजतक नहीं मिला। यहां पर 2019 में 5 टावरों की ओसी लेकर बिल्डर ने पजेशन देना शुरू कर दिया था। एनसीएलटी में नए बिल्डर का प्लान दिया गया है इस संबंध में संबंधित आपत्तियों को निस्तारित करने के बाद ही प्लान को अप्रूवल मिलेगा।
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90 फीसदी भुगतान कर चुके
फ्लैट खरीदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने 2011 में फ्लैट खरीदा था जिसका पजेशन 2013 में मिलना था लेकिन आजतक वहां पर फ्लैट का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में हम सभी अपना घर पाने के लिए भटक रहे हैं। हम फ्लैट का 90 फीसदी भुगतान भी कर चुके हैं।
85 फीसदी भुगतान कर चुके हैं
फ्लैट खरीदार राकेश कुमार जैन ने बताया कि 2011 में फ्लैट बुक किया था लेकिन अबतक नहीं मिला है। इस संबंध में हमने बिल्डर से बहुत गुहार लगाई थी लेकिन 2015-16 के बाद बिल्डर ने कार्य की गति बहुत धीमी कर दी थी। इसके बाद निर्माण कार्य ही बंद हो गया। हम फ्लैट का 85 फीसदी भुगतान भी कर चुके हैं।