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Noida News: विधानसभा परिसर में आप विधायकों का प्रवेश रोका
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पुलिस ने प्रवेश द्वार पर की बैरिकेडिंग, आतिशी सहित अन्य विधायकों ने दिया धरना
आतिशी ने भाजपा पर लगाया तानाशाही का आरोप, विजेंद्र गुप्ता बोले-नहीं मिलेगा प्रवेश
आप विधायक अमानतुल्लाह खान ही विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सके
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा सत्र से तीन बैठकों के लिए निलंबित किए गए आप के 21 विधायकों पर विधानसभा परिसर में भी प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है। विधायकों को बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के आदेश पर पुलिस ने प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी है। वहीं, आप ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। इसके विरोध में पूरे दिन विधानसभा के बाहर आप विधायकों ने धरना-प्रदर्शन किया। एक विधायक अमानतुल्लाह खान ही विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सके।
आतिशी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह तानाशाही की हदें पार करने जैसा है। भाजपा सत्ता में आते ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कुचलने पर उतारू हो गई है। ऐसा कदम विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं देखा गया। जब भाजपा के विधायक प्रधानमंत्री के नाम के नारे लगाते हैं, तो उन्हें कोई सजा नहीं मिलती। जब आप विधायक डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के नाम के नारे लगाते हैं, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाता है। आप मुख्य विपक्षी पार्टी है। वे नेता प्रतिपक्ष हैं। लिहाजा, नेता विपक्ष को उनके ऑफिस में जाने से कैसे रोका जा सकता है। विधानसभा परिसर के अंदर जाने से रोकने का कोई नियम नहीं है। अगर ऐसा कोई नियम है तो हमें दिखाना चाहिए। पुलिस के पास लिखित आदेश तक नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष का वह आदेश दिखाया, जिसमें आप विधायकों को सदन की तीन बैठकों के लिए बाहर किया गया है। इसमें यह नहीं लिखा है कि विधानसभा परिसर के अंदर प्रवेश पर भी रोक है। उधर, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप विधायकों का आचरण असांविधानिक था जो सदन की कार्यवाही के लिए बाधक बन गया था। विधानसभा की गरिमा बनाए रखना सबसे अहम है। निलंबन का निर्णय पूरी तरह से उचित था। निलंबित विधायकों को विधानसभा परिसर में भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बाहर निकलने वाले द्वार से हुआ आवागमन
विधानसभा के प्रवेश द्वार बंद करने से मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा विधायकों व अधिकारियों को बाहर निकलने वाले रास्ते से आवागमन करना पड़ा। बैरिकेडिंग के कारण सभी को सुबह इसी गेट से प्रवेश दिया गया था।
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आतिशी ने भाजपा पर लगाया तानाशाही का आरोप, विजेंद्र गुप्ता बोले-नहीं मिलेगा प्रवेश
आप विधायक अमानतुल्लाह खान ही विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सके
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा सत्र से तीन बैठकों के लिए निलंबित किए गए आप के 21 विधायकों पर विधानसभा परिसर में भी प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है। विधायकों को बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के आदेश पर पुलिस ने प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी है। वहीं, आप ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। इसके विरोध में पूरे दिन विधानसभा के बाहर आप विधायकों ने धरना-प्रदर्शन किया। एक विधायक अमानतुल्लाह खान ही विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सके।
आतिशी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह तानाशाही की हदें पार करने जैसा है। भाजपा सत्ता में आते ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कुचलने पर उतारू हो गई है। ऐसा कदम विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं देखा गया। जब भाजपा के विधायक प्रधानमंत्री के नाम के नारे लगाते हैं, तो उन्हें कोई सजा नहीं मिलती। जब आप विधायक डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के नाम के नारे लगाते हैं, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाता है। आप मुख्य विपक्षी पार्टी है। वे नेता प्रतिपक्ष हैं। लिहाजा, नेता विपक्ष को उनके ऑफिस में जाने से कैसे रोका जा सकता है। विधानसभा परिसर के अंदर जाने से रोकने का कोई नियम नहीं है। अगर ऐसा कोई नियम है तो हमें दिखाना चाहिए। पुलिस के पास लिखित आदेश तक नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष का वह आदेश दिखाया, जिसमें आप विधायकों को सदन की तीन बैठकों के लिए बाहर किया गया है। इसमें यह नहीं लिखा है कि विधानसभा परिसर के अंदर प्रवेश पर भी रोक है। उधर, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप विधायकों का आचरण असांविधानिक था जो सदन की कार्यवाही के लिए बाधक बन गया था। विधानसभा की गरिमा बनाए रखना सबसे अहम है। निलंबन का निर्णय पूरी तरह से उचित था। निलंबित विधायकों को विधानसभा परिसर में भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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बाहर निकलने वाले द्वार से हुआ आवागमन
विधानसभा के प्रवेश द्वार बंद करने से मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा विधायकों व अधिकारियों को बाहर निकलने वाले रास्ते से आवागमन करना पड़ा। बैरिकेडिंग के कारण सभी को सुबह इसी गेट से प्रवेश दिया गया था।
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