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Noida News: ईरान-अमेरिका के बीच समझौते से उद्यमी खुश, सस्ता होगा कारोबार
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ईरान-अमेरिका के बीच समझौते से उद्यमी खुश, सस्ता होगा कारोबार
ग्रेटर नोएडा के उद्यमी और निर्यातक को मिली राहत पर 19 जून को हस्ताक्षर पर नजर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईरान-अमेरिका के बीच समझौते पर सहमति बनने से शहर के उद्यमी और निर्यातक खुश हैं। उनका कहना है कि अब कारोबार सस्ता हो जाएगा। हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा लेकिन राहत मिलेगी।
पिछले तीन माह से सभी महंगाई से परेशान थे। कारोबार 50 प्रतिशत तक कम हो गया था। हालांकि अभी सभी की नजर 19 जून को समझौते पर होने वाले हस्ताक्षर पर है। चैंबर ऑफ एक्सपोर्टर्स के महासचिव विकास शर्मा ने बताया कि समझौता भारतीय निर्यात उद्योग के लिए अच्छा साबित होगा। अगले 3-6 महीनों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। युद्ध ग्रस्त एरिया से ही वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। समुद्री माल ढुलाई और समुद्री बीमा की लागत में कमी आएगी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण ईंधन, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण खर्चे भी कम हो जाएंगे। अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व जैसे प्रमुख बाजारों में खरीदारों का भरोसा मिलेगा। शिपिंग शेड्यूल का अधिक अनुमानित होना और सप्लाई चेन में रुकावटें कम होंगी। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के ज्यादा ऑर्डर मिलेंगे। यह होम डेकोर, हस्तशिल्प, लाइटिंग, फर्नीचर, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग सामान और लाइफस्टाइल उत्पादों जैसे क्षेत्रों के लिए काफी फायदेमंद होगा। उन्होंने बताया कि उत्पादन की लागत 15 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। साथ ही शिपिंग बीमा 40 प्रतिशत सस्ता हो जाएगा।
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ग्रेटर नोएडा के उद्यमी और निर्यातक को मिली राहत पर 19 जून को हस्ताक्षर पर नजर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईरान-अमेरिका के बीच समझौते पर सहमति बनने से शहर के उद्यमी और निर्यातक खुश हैं। उनका कहना है कि अब कारोबार सस्ता हो जाएगा। हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा लेकिन राहत मिलेगी।
पिछले तीन माह से सभी महंगाई से परेशान थे। कारोबार 50 प्रतिशत तक कम हो गया था। हालांकि अभी सभी की नजर 19 जून को समझौते पर होने वाले हस्ताक्षर पर है। चैंबर ऑफ एक्सपोर्टर्स के महासचिव विकास शर्मा ने बताया कि समझौता भारतीय निर्यात उद्योग के लिए अच्छा साबित होगा। अगले 3-6 महीनों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। युद्ध ग्रस्त एरिया से ही वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। समुद्री माल ढुलाई और समुद्री बीमा की लागत में कमी आएगी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण ईंधन, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण खर्चे भी कम हो जाएंगे। अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व जैसे प्रमुख बाजारों में खरीदारों का भरोसा मिलेगा। शिपिंग शेड्यूल का अधिक अनुमानित होना और सप्लाई चेन में रुकावटें कम होंगी। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के ज्यादा ऑर्डर मिलेंगे। यह होम डेकोर, हस्तशिल्प, लाइटिंग, फर्नीचर, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग सामान और लाइफस्टाइल उत्पादों जैसे क्षेत्रों के लिए काफी फायदेमंद होगा। उन्होंने बताया कि उत्पादन की लागत 15 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। साथ ही शिपिंग बीमा 40 प्रतिशत सस्ता हो जाएगा।
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