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फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह काम करेगी यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ
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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की संपूर्ण पीठ ने सुनवाई शुरू कर दी है। संपूर्ण पीठ फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह काम कर शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण करेगी। साथ ही, एक जैसी शिकायतों पर अब एकसमान आदेश जारी होंगे। इसका फ्लैट खरीदारों को फायदा मिलेगा। वहीं, अभी संपूर्ण पीठ में 52 बिल्डरों की 1598 शिकायतों पर सुनवाई होगी।
यूपी रेरा के स्थायी कार्यालय की स्थापना तीन सितंबर, 2018 को हुई थी, तब से यूपी रेरा में 41 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें से 34 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण हो चुका है, लेकिन इन साढ़े तीन सालों में यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ एक बार भी नहीं बैठी। अब यूपी रेरा ने संपूर्ण पीठ के सुनवाई करने का फैसला लिया है। 22 फरवरी को पहली सुनवाई के साथ इसकी शुरुआत हो चुकी है। ऑनलाइन सुनवाई में संपूर्ण पीठ ने वर्धमान बिल्डर की 66 शिकायतों पर सुनवाई की जो कब्जा या पैसे वापस दिलाने की है। यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि अभी संपूर्ण पीठ में 52 बिल्डरों की 1598 शिकायतों पर सुनवाई होगी। पीठ एक जैसी शिकायतों पर एक साथ सुनवाई करेगी। अगली सुनवाई 28 फरवरी को सुपरटेक बिल्डर के नॉर्थ आई प्रोजेक्ट की 79 शिकायतों पर होगी। मार्च से सप्ताह में दो दिन सुनवाई होगी। साथ ही, यह पीठ फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह काम करेगी। जल्द से जल्द बड़ी संख्या में शिकायतों का एक साथ निस्तारण होगा।
अब अलग-अलग नहीं होंगे आदेश
अभी तक एक जैसी शिकायत करने वाले खरीदारों का आरोप होता है कि उनका आदेश अलग-अलग है, जबकि शिकायत एक जैसी थी। यह समस्या सबसे अधिक एक बिल्डर के खरीदारों में ज्यादा थी। यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ के सुनवाई करने से यह शिकायत दूर हो जाएगी। एक साथ सुनवाई के बाद एकसमान आदेश जारी होगा।
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शाहबेरी के केस पर भी आ सकता है फैसला
शाहबेरी के खरीदारों की शिकायत पर यूपी रेरा की पीठ दो ने सुनवाई की थी, लेकिन लाल डोरा के अंदर जमीन और अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के कारण पीठ ने शाहबेरी की शिकायतों पर फैसला नहीं लिया और सभी शिकायत संपूर्ण पीठ के पास रेफर कर दीं। करीब दो साल से शाहबेरी के केस यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ के पास लंबित हैं। इसकी मुख्य वजह संपूर्ण पीठ का बैठना नहीं रहा। अब संपूर्ण पीठ ने सुनवाई शुरू कर दी है तो जल्द ही शाहबेरी की शिकायतों पर भी फैसला आने की उम्मीद है।
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यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ अब हर सप्ताह शिकायतों पर सुनवाई करेगी। इससे एक जैसी काफी शिकायतों का एक साथ और जल्द निस्तारण होगा। अगर कोई मुद्दा आता है तो उस पर भी चर्चा कर फैसला लिया जा सकेगा। मार्च से पीठ सप्ताह में दो दिन सुनवाई करेगी।
- राजीव कुमार, चेयरमैन यूपी रेरा
संपूर्ण पीठ में सभी सदस्य और सचिव शामिल
यूपी रेरा में अभी चार पीठ हैं। इनमें यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार की पीठ वन ए, सदस्य भानु प्रताप सिंह की पीठ तीन और सदस्य कल्पना मिश्रा की पीठ एक के अलावा पीठ दो है जो सेवानिवृत्त सदस्य बलविंदर कुमार की थी। संपूर्ण पीठ में ये सभी सदस्य शामिल हैं। इनके अलावा यूपी रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी संपूर्ण पीठ का हिस्सा हैं। जिन शिकायतों पर सामान्य पीठ निर्णय नहीं ले सकती, उनको भी संपूर्ण पीठ के पास भेजा जाता है।
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यूपी रेरा के स्थायी कार्यालय की स्थापना तीन सितंबर, 2018 को हुई थी, तब से यूपी रेरा में 41 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें से 34 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण हो चुका है, लेकिन इन साढ़े तीन सालों में यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ एक बार भी नहीं बैठी। अब यूपी रेरा ने संपूर्ण पीठ के सुनवाई करने का फैसला लिया है। 22 फरवरी को पहली सुनवाई के साथ इसकी शुरुआत हो चुकी है। ऑनलाइन सुनवाई में संपूर्ण पीठ ने वर्धमान बिल्डर की 66 शिकायतों पर सुनवाई की जो कब्जा या पैसे वापस दिलाने की है। यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि अभी संपूर्ण पीठ में 52 बिल्डरों की 1598 शिकायतों पर सुनवाई होगी। पीठ एक जैसी शिकायतों पर एक साथ सुनवाई करेगी। अगली सुनवाई 28 फरवरी को सुपरटेक बिल्डर के नॉर्थ आई प्रोजेक्ट की 79 शिकायतों पर होगी। मार्च से सप्ताह में दो दिन सुनवाई होगी। साथ ही, यह पीठ फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह काम करेगी। जल्द से जल्द बड़ी संख्या में शिकायतों का एक साथ निस्तारण होगा।
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अब अलग-अलग नहीं होंगे आदेश
अभी तक एक जैसी शिकायत करने वाले खरीदारों का आरोप होता है कि उनका आदेश अलग-अलग है, जबकि शिकायत एक जैसी थी। यह समस्या सबसे अधिक एक बिल्डर के खरीदारों में ज्यादा थी। यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ के सुनवाई करने से यह शिकायत दूर हो जाएगी। एक साथ सुनवाई के बाद एकसमान आदेश जारी होगा।
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शाहबेरी के केस पर भी आ सकता है फैसला
शाहबेरी के खरीदारों की शिकायत पर यूपी रेरा की पीठ दो ने सुनवाई की थी, लेकिन लाल डोरा के अंदर जमीन और अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के कारण पीठ ने शाहबेरी की शिकायतों पर फैसला नहीं लिया और सभी शिकायत संपूर्ण पीठ के पास रेफर कर दीं। करीब दो साल से शाहबेरी के केस यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ के पास लंबित हैं। इसकी मुख्य वजह संपूर्ण पीठ का बैठना नहीं रहा। अब संपूर्ण पीठ ने सुनवाई शुरू कर दी है तो जल्द ही शाहबेरी की शिकायतों पर भी फैसला आने की उम्मीद है।
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यूपी रेरा की संपूर्ण पीठ अब हर सप्ताह शिकायतों पर सुनवाई करेगी। इससे एक जैसी काफी शिकायतों का एक साथ और जल्द निस्तारण होगा। अगर कोई मुद्दा आता है तो उस पर भी चर्चा कर फैसला लिया जा सकेगा। मार्च से पीठ सप्ताह में दो दिन सुनवाई करेगी।
- राजीव कुमार, चेयरमैन यूपी रेरा
संपूर्ण पीठ में सभी सदस्य और सचिव शामिल
यूपी रेरा में अभी चार पीठ हैं। इनमें यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार की पीठ वन ए, सदस्य भानु प्रताप सिंह की पीठ तीन और सदस्य कल्पना मिश्रा की पीठ एक के अलावा पीठ दो है जो सेवानिवृत्त सदस्य बलविंदर कुमार की थी। संपूर्ण पीठ में ये सभी सदस्य शामिल हैं। इनके अलावा यूपी रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी संपूर्ण पीठ का हिस्सा हैं। जिन शिकायतों पर सामान्य पीठ निर्णय नहीं ले सकती, उनको भी संपूर्ण पीठ के पास भेजा जाता है।