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Noida News: कपालमोचन मेला क्षेत्र में सवा घंटे गुल रही बिजली
Mon, 03 Nov 2025 12:36 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:36 AM IST
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कपालमोचन मेले में बिजली बंद होने से पसरा अंधेरा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/व्यासपुर। कपालमोचन मेला में शनिवार रात उस समय लोगों के होश उड़ गए जब चारों तरफ अंधेरा छा गया। अचानक बिजली गुल होने से पूरे मेला परिसर में अंधेरा हो गया। अंधेरा होने से लोग डर गए। भीड़ में लोगों को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। आनन- फानन में लोगों ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर किसी तरह अपने आसपास रोशनी की। सवा घंटे तक मेला में अंधेरे का साम्राज्य रहा।
इसके बाद मेला परिसर में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली गुल होने के साथ ही बिजली निगम व प्रशासन के दावों की पोल भी खुल गई। मेला शुरू होने से पहले दावे किए जा रहे थे कि 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था की गई है। ऐसे में तमाम दावे मेला में फेल हो गए। कपालमोचन के अलावा व्यासपुर व आसपास के क्षेत्र में भी बिजली चले जाने से अंधेरा हो गया। शनिवार रात करीब नौ बजे मेला क्षेत्र में अच्छी खासी भीड़ थी। श्रद्धालु मेला में घूम रहे थे। कोई दुकान पर सामान पसंद कर रहा था तो कोई खरीद रहा था। वहीं काफी श्रद्धालु सरोवरों में स्नान कर रहे थे। तभी अचानक बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होते ही लोग परेशान हो गए क्योंकि चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा था।
एक के बाद एक लोगों के मोबाइल की टार्च जलती गई। करीब 10 मिनट बाद बिजली कर्मचारियों ने जनरेटर चलाया तो प्रशासनिक खंड, प्रदर्शनी स्थल व सूरजकुंड सरोवर परिसर में थोड़ी रोशनी हो गई। बिजली चले जाने से दुकानदारों को अपना समान चोरी होने का खतरा सताने लगा। क्योंकि सभी का सामान टैंट के अंदर खुले में ही रहता है। हो सकता है कि कोई ग्राहक रात को अंधेरे का फायदा उठाकर सामान के पैसे दिए बिना ही चला गया हो।
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भारी पड़ सकती है बिजली निगम की लापरवाही
बिजली गुल चाहे किसी भी वजह से हुई हो, लेकिन यह लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। क्योंकि कपालमोचन मेला में आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। यह तो शुक्र है कि जब बिजली गुल हुई तब मेला का पहला दिन था। पहला दिन होने की वजह से सड़कों पर उतनी भीड़ नहीं थी, जितनी कार्तिक पूर्णिमा के स्नान करने से पहले होती है। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के लिए श्रद्धालु आधी रात को 12 बजे अपने तंबुओं व धर्मशालाओं से निकल कर सरोवरों की और निकल पड़ते हैं। उस समय मेला क्षेत्र की सड़कों पर पांव रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में यदि उस दौरान बिजली चली जाए तो कुछ भी हो सकता है। ऐसे में अधिकारियों को मेला क्षेत्र की मुख्य सड़कों पर लाइट का ऑटो बैकअप रखना चाहिए ताकि बिजली जाने पर जनरेटर अपने आप ही स्टार्ट हाे जाए।
व्यासपुर स्थित 66 केवीए पावर हाउस में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। जिस कारण कपालमोचन व आसपास क्षेत्र में बिजली बंद रही। कर्मचारियों ने तत्परता से काम करते हुए खराबी को ठीक कर दिया था। इसके बाद बिजली बहाल कर दी गई। - धर्मेंद्र यादव, एसडीओ, बिजली निगम व्यासपुर।
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यमुनानगर/व्यासपुर। कपालमोचन मेला में शनिवार रात उस समय लोगों के होश उड़ गए जब चारों तरफ अंधेरा छा गया। अचानक बिजली गुल होने से पूरे मेला परिसर में अंधेरा हो गया। अंधेरा होने से लोग डर गए। भीड़ में लोगों को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। आनन- फानन में लोगों ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर किसी तरह अपने आसपास रोशनी की। सवा घंटे तक मेला में अंधेरे का साम्राज्य रहा।
इसके बाद मेला परिसर में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली गुल होने के साथ ही बिजली निगम व प्रशासन के दावों की पोल भी खुल गई। मेला शुरू होने से पहले दावे किए जा रहे थे कि 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था की गई है। ऐसे में तमाम दावे मेला में फेल हो गए। कपालमोचन के अलावा व्यासपुर व आसपास के क्षेत्र में भी बिजली चले जाने से अंधेरा हो गया। शनिवार रात करीब नौ बजे मेला क्षेत्र में अच्छी खासी भीड़ थी। श्रद्धालु मेला में घूम रहे थे। कोई दुकान पर सामान पसंद कर रहा था तो कोई खरीद रहा था। वहीं काफी श्रद्धालु सरोवरों में स्नान कर रहे थे। तभी अचानक बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होते ही लोग परेशान हो गए क्योंकि चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा था।
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एक के बाद एक लोगों के मोबाइल की टार्च जलती गई। करीब 10 मिनट बाद बिजली कर्मचारियों ने जनरेटर चलाया तो प्रशासनिक खंड, प्रदर्शनी स्थल व सूरजकुंड सरोवर परिसर में थोड़ी रोशनी हो गई। बिजली चले जाने से दुकानदारों को अपना समान चोरी होने का खतरा सताने लगा। क्योंकि सभी का सामान टैंट के अंदर खुले में ही रहता है। हो सकता है कि कोई ग्राहक रात को अंधेरे का फायदा उठाकर सामान के पैसे दिए बिना ही चला गया हो।
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भारी पड़ सकती है बिजली निगम की लापरवाही
बिजली गुल चाहे किसी भी वजह से हुई हो, लेकिन यह लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। क्योंकि कपालमोचन मेला में आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। यह तो शुक्र है कि जब बिजली गुल हुई तब मेला का पहला दिन था। पहला दिन होने की वजह से सड़कों पर उतनी भीड़ नहीं थी, जितनी कार्तिक पूर्णिमा के स्नान करने से पहले होती है। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के लिए श्रद्धालु आधी रात को 12 बजे अपने तंबुओं व धर्मशालाओं से निकल कर सरोवरों की और निकल पड़ते हैं। उस समय मेला क्षेत्र की सड़कों पर पांव रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में यदि उस दौरान बिजली चली जाए तो कुछ भी हो सकता है। ऐसे में अधिकारियों को मेला क्षेत्र की मुख्य सड़कों पर लाइट का ऑटो बैकअप रखना चाहिए ताकि बिजली जाने पर जनरेटर अपने आप ही स्टार्ट हाे जाए।
व्यासपुर स्थित 66 केवीए पावर हाउस में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। जिस कारण कपालमोचन व आसपास क्षेत्र में बिजली बंद रही। कर्मचारियों ने तत्परता से काम करते हुए खराबी को ठीक कर दिया था। इसके बाद बिजली बहाल कर दी गई। - धर्मेंद्र यादव, एसडीओ, बिजली निगम व्यासपुर।

कपालमोचन मेले में बिजली बंद होने से पसरा अंधेरा। संवाद