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ग्रेनो में विकसित होंगे आठ नए औद्योगिक सेक्टर
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ग्रेटर नोएडा। देश-विदेश की कई कंपनियाें की मांग पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आठ नए औद्योगिक सेक्टर विकसित करेगा। इसके लिए 900 हेक्टेयर लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। इससे न सिर्फ करोड़ों रुपये का लाभ प्राधिकरण को होगा बल्कि एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की भी उम्मीद है। प्राधिकरण ने 19 गांवों में जमीन खरीदने के लिए शिविर लगाएगा। गांव-गांव जाकर अधिकारी जमीन खरीदने की प्रक्रिया को अंजाम देंगे। हालांकि, करीब 50 फीसदी जमीन प्राधिकरण इन गांवों में पहले ही खरीद चुका है लेकिन खरीदी हुई जमीन एक साथ लगी हुई न होकर अलग-अलग टुकड़ों में है।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में भी औद्योगिक निवेश के लिए कंपनियां आगे आ रही हैं। पिछले दिनों ताइवान की कंपनी ने 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की इच्छा जताई थी। इसी तरह कई कंपनियों ने ग्रेनो में काम करने के लिए भूमि की मांग की है। कंपनियां का रुझान बढ़ते देख प्राधिकरण ने आठ नए औद्योगिक सेक्टर बसाने की योजना बनाई है। इनमें ईकोटेक 7, 8, 9, 12ए, 16, 19, 19ए और ईकोटेक 21 शामिल हैं। इन सेक्टरों के लिए प्राधिकरण को करीब 900 हेक्टेयर जमीन चाहिए।
किसानों से आपसी सहमति के आधार पर यहा लगेंगे शिविर
तीन सितंबर को कैलाशपुर, 10 सितंबर को आमका,17 सितंबर को खेड़ी, 24 सितंबर को सुनपुरा, एक अक्तूबर को जौनसमाना, 8 अक्तूबर को धूम मानिकपुर, 15 अक्तूबर को भोला रावल, 22 अक्तूबर को खोदना कलां, 29 अक्तूबर को लड़पुरा और 05 नवंबर को अटाई-मुरादपुर में शिविर लगाए जाएंगे। यह सभी शिविर प्राथमिक विद्यालयों में सुबह 11 से शाम पांच बजे तक लगाए जाएंगे। जिन गांवों में जमीन ली जाएगी उनमें पौव्वारी, इमिलियाका, अटाई, मुरादपुर, लुक्सर, दादूपुर, लड़पुरा, खानपुर, सिरसा, वैदपुरा, जौन समाना, सुनपुरा, भोला रावल, धूममानिकपुर, खेड़ी, आमका, किराचपुर, कैलाशपुर, खोदना कला, भनौता व खोदना खुर्द गांव शामिल हैं।
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किन सेक्टरों के लिए कितनी जमीन की जरूरत
ईकोटेक 7 में 109 हेक्टेयर
ईकोटेक 8 में 161 हेक्टेयर
ईकोटेक 9 170 हेक्टेयर
ईकोटेक 12ए में191 हेक्टेयर
ईकोटेक 16 में 45 हेक्टेयर
ईकोटेक 19 में 60 हेक्टेयर
ईकोटेक 19 ए में 80 हेक्टेयर
ईकोटेक 21 में 83 हेक्टेयर
देश के अलावा कुछ विदेशी कंपनियों ने ग्रेटर नोएडा में निवेश करने की इच्छा जताई है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए आठ नए औद्योगिक सेक्टर बनाने की योजना है। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बनेंगे बल्कि ग्रेनो प्राधिकरण की परियोजनाओं को बढ़ावा भी मिलेगा।
सुरेंद्र सिंह, सीईओ व मंडलायुक्त मेरठ
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दरअसल, यमुना प्राधिकरण के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में भी औद्योगिक निवेश के लिए कंपनियां आगे आ रही हैं। पिछले दिनों ताइवान की कंपनी ने 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की इच्छा जताई थी। इसी तरह कई कंपनियों ने ग्रेनो में काम करने के लिए भूमि की मांग की है। कंपनियां का रुझान बढ़ते देख प्राधिकरण ने आठ नए औद्योगिक सेक्टर बसाने की योजना बनाई है। इनमें ईकोटेक 7, 8, 9, 12ए, 16, 19, 19ए और ईकोटेक 21 शामिल हैं। इन सेक्टरों के लिए प्राधिकरण को करीब 900 हेक्टेयर जमीन चाहिए।
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किसानों से आपसी सहमति के आधार पर यहा लगेंगे शिविर
तीन सितंबर को कैलाशपुर, 10 सितंबर को आमका,17 सितंबर को खेड़ी, 24 सितंबर को सुनपुरा, एक अक्तूबर को जौनसमाना, 8 अक्तूबर को धूम मानिकपुर, 15 अक्तूबर को भोला रावल, 22 अक्तूबर को खोदना कलां, 29 अक्तूबर को लड़पुरा और 05 नवंबर को अटाई-मुरादपुर में शिविर लगाए जाएंगे। यह सभी शिविर प्राथमिक विद्यालयों में सुबह 11 से शाम पांच बजे तक लगाए जाएंगे। जिन गांवों में जमीन ली जाएगी उनमें पौव्वारी, इमिलियाका, अटाई, मुरादपुर, लुक्सर, दादूपुर, लड़पुरा, खानपुर, सिरसा, वैदपुरा, जौन समाना, सुनपुरा, भोला रावल, धूममानिकपुर, खेड़ी, आमका, किराचपुर, कैलाशपुर, खोदना कला, भनौता व खोदना खुर्द गांव शामिल हैं।
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किन सेक्टरों के लिए कितनी जमीन की जरूरत
ईकोटेक 7 में 109 हेक्टेयर
ईकोटेक 8 में 161 हेक्टेयर
ईकोटेक 9 170 हेक्टेयर
ईकोटेक 12ए में191 हेक्टेयर
ईकोटेक 16 में 45 हेक्टेयर
ईकोटेक 19 में 60 हेक्टेयर
ईकोटेक 19 ए में 80 हेक्टेयर
ईकोटेक 21 में 83 हेक्टेयर
देश के अलावा कुछ विदेशी कंपनियों ने ग्रेटर नोएडा में निवेश करने की इच्छा जताई है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए आठ नए औद्योगिक सेक्टर बनाने की योजना है। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बनेंगे बल्कि ग्रेनो प्राधिकरण की परियोजनाओं को बढ़ावा भी मिलेगा।
सुरेंद्र सिंह, सीईओ व मंडलायुक्त मेरठ