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Noida News: घर खरीदारों के 14599 करोड़ रुपये पर ईडी की जांच, कई और बिल्डर दायरे में

Thu, 13 Nov 2025 10:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Nov 2025 10:06 PM IST
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ED probes Rs 14,599 crore worth of home buyers, several more builders under scanner
-जेपी समूह के पूर्व अध्यक्ष मनोज गौड़ की गिरफ़्तारी के बाद हुई पूछताछ
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-समूह से बड़े लेन-देन करने वाले बिल्डर भी ईडी के राडार पर

-ईडी की जांच में निकल कर सामने आ रहा कि घर ख़रीदारों का पैसा अस्पताल
-स्पोर्ट्स व अन्य समूह में ट्रांसफर किया गया

माई सिटी रिपोर्टर,

नोएडा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेपी समूह के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार करने के बाद जांच आगे बढ़ाई है। ईडी की यह जांच घर खरीदारों से विभिन्न परियोजनाओं में जमा कराए करीब 14599 करोड़ रुपये पर है। इस धनराशि का बड़ा हिस्सा खरीदारों की आवासीय परियोजनाओं में न लगाकर दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया। जांच में सामने आया कि बड़ी रकम जेपी समूह की हेल्थकेयर, स्पोर्ट्स कंपनियों व ट्रस्ट में ट्रांसफर हुई है।



ईडी ने यह जांच मई में शुरू की थी। 23 मई को सेक्टर-128 स्थित जेपी के कॉरपोरेट व मार्केटिंग के ऑफिस समेत 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी। टीमें गौड़ व गुलशन बिल्डर के ठिकानों पर भी पहुंची थीं। इसके साथ ही जेपी की परियोजनाओं को पूरा कर रही एजेंसी सुरक्षा को भी ईडी ने छापेमारी की जद में लिया था। यह जांच घर खरीदारों और निवेशकों के 12000 करोड़ रुपये धनराशि विभिन्न परियोजनाओं से फंड डायवर्जन के इनपुट पर शुरू हुई थी। ईडी ने जांच कई घर खरीदारों की तरफ से दिल्ली व उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में करवाए गए केस के आधार पर और आगे बढ़ायी। यहां के खरीदार कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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परियोजनाओं को पूरा करने में 5500 करोड़ रुपये होंगे खर्च : जेपी की नोएडा स्थित विशटाउन परियोजना को पूरा करने में 5500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जेपी विशटाउन में शामिल 16 परियोजनाओं में 20 हजार निवेशक, 150 से अधिक टावर हैं। अप्रैल में जेपी और सुरक्षा की संयुक्त प्रेस-कांफ्रेंस में यह दावा किया गया था कि 24 लाख वर्ग फिट जमीन खाली पड़ी हुई है जिसको बेचने का अधिकार सुरक्षा के पास है। 2900 करोड़ खर्च होने, 1200 करोड़ रुपये निवेशकों से भविष्य में मिलने की सूचना दी गई थी। यह भी बताया गया था कि 1100 फ्लैट जिनका क्षेत्रफल 25 लाख वर्ग फीट है सुरक्षा इनको भी बेच सकेगा।
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कई और समूह तक पहुंचेगी जांच : प्रवर्तन निदेशालय की यह जांच जेपी समूह से जुड़े व बड़ा लेनदेन करने वाले दूसरे बिल्डर समूह तक भी पहुंचेगी। निदेशालय पूर्व में हुए बड़े लेनदेन का ब्यौरा निकाल रहा है। यह देखा जाएगा कि लेनदेन किस लिए हुआ। घर खरीदारों का हित किस तरह प्रभावित हुआ।
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