{"_id":"6892245a8c336d27d902dd2b","slug":"ed-action-grnoida-news-c-1-gnd1002-3251565-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: ईडी से बिल्डरों की अटैच संपत्ति पर प्राधिकरण का दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: ईडी से बिल्डरों की अटैच संपत्ति पर प्राधिकरण का दावा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईडी से बिल्डरों की अटैच संपत्ति पर प्राधिकरण का दावा
-नोएडा के कई केस की जांच में ईडी ने बिल्डरों की संपत्ति अटैच की है, अधिकारियों के घर से भी हुई है बरामदगी
-प्राधिकरण ने ईडी को पत्र भेजने के साथ ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दिया प्रार्थनापत्र, बताया कि बिल्डरों पर है प्राधिकरण का बकाया
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फंड डायवर्जन समेत अन्य गंभीर आरोप पर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में परियोजना ला चुके कई बिल्डरों की जांच कर रहा है। ईडी ने केस की जांच में कई बिल्डरों की संपत्तियों को अटैच किया हुआ है। इन अटैच की गई संपत्तियों पर नोएडा प्राधिकरण ने अपना दावा किया है। प्राधिकरण का पक्ष है कि इन बिल्डरों पर जमीन की कीमत का मूल बकाया है। इसलिए अटैच संपत्तियों से प्राधिकरण का बकाया दिला दिया जाए। इसको लेकर प्राधिकरण ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थनापत्र लगाया है। वहीं ईडी को भी पत्र भेजा है।
शहर में प्रवर्तन निदेशालय की जांच कई बिल्डर समूह पर चल रही है। लेकिन कार्रवाई सार्वजनिक लोटस-300 सोसाइटी सेक्टर-107 व द अरण्या सोसाइटी सेक्टर-119 की हुई है। लोटस-300 में निदेशालय ने हेसिंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बिल्डर कंपनी की जांच को आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही द अरण्या सोसाइटी की जांच में उन्नति फॉर्च्यून के प्रमोटर अनिल मिठास को ईडी गिरफ्तार भी कर चुकी है।
स्पोर्ट्स सिटी में हाई कोर्ट ने आदेश दिया हुआ है। प्राधिकरण का कई बिल्डरों पर बकाया है जो जमा नहीं कर रहे हैं। बकाये को लेने के लिए प्राधिकरण अलग-अलग स्तर पर काम कर रहा है। बकाया लेने के लिए प्राधिकरण अधिकारी बिल्डरों के साथ समय-समय पर बैठक करने के अलावा नोटिस भेजने व आरसी जारी करने की कार्रवाई भी कर रहे हैं। प्राधिकरण के सीईओ डाॅ. लोकेश एम ने बताया कि ईडी को प्राधिकरण ने पत्र भेजा है। इसमें उन बिल्डरों की अटैच की गई संपत्तियां जो नोएडा के बकाएदार हैं उनसे बकाया दिलाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-नोएडा के कई केस की जांच में ईडी ने बिल्डरों की संपत्ति अटैच की है, अधिकारियों के घर से भी हुई है बरामदगी
-प्राधिकरण ने ईडी को पत्र भेजने के साथ ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दिया प्रार्थनापत्र, बताया कि बिल्डरों पर है प्राधिकरण का बकाया
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फंड डायवर्जन समेत अन्य गंभीर आरोप पर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में परियोजना ला चुके कई बिल्डरों की जांच कर रहा है। ईडी ने केस की जांच में कई बिल्डरों की संपत्तियों को अटैच किया हुआ है। इन अटैच की गई संपत्तियों पर नोएडा प्राधिकरण ने अपना दावा किया है। प्राधिकरण का पक्ष है कि इन बिल्डरों पर जमीन की कीमत का मूल बकाया है। इसलिए अटैच संपत्तियों से प्राधिकरण का बकाया दिला दिया जाए। इसको लेकर प्राधिकरण ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थनापत्र लगाया है। वहीं ईडी को भी पत्र भेजा है।
शहर में प्रवर्तन निदेशालय की जांच कई बिल्डर समूह पर चल रही है। लेकिन कार्रवाई सार्वजनिक लोटस-300 सोसाइटी सेक्टर-107 व द अरण्या सोसाइटी सेक्टर-119 की हुई है। लोटस-300 में निदेशालय ने हेसिंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बिल्डर कंपनी की जांच को आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही द अरण्या सोसाइटी की जांच में उन्नति फॉर्च्यून के प्रमोटर अनिल मिठास को ईडी गिरफ्तार भी कर चुकी है।
विज्ञापन
स्पोर्ट्स सिटी में हाई कोर्ट ने आदेश दिया हुआ है। प्राधिकरण का कई बिल्डरों पर बकाया है जो जमा नहीं कर रहे हैं। बकाये को लेने के लिए प्राधिकरण अलग-अलग स्तर पर काम कर रहा है। बकाया लेने के लिए प्राधिकरण अधिकारी बिल्डरों के साथ समय-समय पर बैठक करने के अलावा नोटिस भेजने व आरसी जारी करने की कार्रवाई भी कर रहे हैं। प्राधिकरण के सीईओ डाॅ. लोकेश एम ने बताया कि ईडी को प्राधिकरण ने पत्र भेजा है। इसमें उन बिल्डरों की अटैच की गई संपत्तियां जो नोएडा के बकाएदार हैं उनसे बकाया दिलाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन