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Noida News: सड़कों पर ऑटो से ज्यादा दौड़ रहे ई-रिक्शा
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जिले मेंं 26,789 ई-रिक्शा पंजीकृत, यात्री भी ज्यादा करते हैं पसंद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की सड़कों पर ऑटो से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 26,789 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। वहीं सीएनजी ऑटो 17,788 हैं। हालांकि इलेक्ट्रिक ऑटो भी 10,753 हैं। ये भी ई रिक्शा की जगहों पर चल रहे हैं। निठारी, बरोला, सलारपुर, हरौला, होशियारपुर, छिजारसी, छलेरा, सेक्टर 12-22 में ई रिक्शा खूब चल रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि उन्हें ऑटो के बजाय ई-रिक्शा में सफर आसान लगता है। इसके अलावा ऑटो चालक कई जगहों पर जाने से कतराते हैं लेकिन ई-रिक्शा वाले तैयार हो जाते हैं। खासकर बाजारों की गलियों में। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा में बैठना ज्यादा आरामदायक रहता है।
गलियोंं में ई-रिक्शा ही चल पाते हैं। किसी बुजुर्ग या बीमार को ले जाने-लाने में यही कारगर है। -पवित्र, निठारी
ऑटो वाले कुछ जगहों पर जाने से इन्कार कर देते हैं जबकि ई-रिक्शा चालक तैयार हो जाते हैं। -अंश गुप्ता, बरोला
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की सड़कों पर ऑटो से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 26,789 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। वहीं सीएनजी ऑटो 17,788 हैं। हालांकि इलेक्ट्रिक ऑटो भी 10,753 हैं। ये भी ई रिक्शा की जगहों पर चल रहे हैं। निठारी, बरोला, सलारपुर, हरौला, होशियारपुर, छिजारसी, छलेरा, सेक्टर 12-22 में ई रिक्शा खूब चल रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि उन्हें ऑटो के बजाय ई-रिक्शा में सफर आसान लगता है। इसके अलावा ऑटो चालक कई जगहों पर जाने से कतराते हैं लेकिन ई-रिक्शा वाले तैयार हो जाते हैं। खासकर बाजारों की गलियों में। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा में बैठना ज्यादा आरामदायक रहता है।
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गलियोंं में ई-रिक्शा ही चल पाते हैं। किसी बुजुर्ग या बीमार को ले जाने-लाने में यही कारगर है। -पवित्र, निठारी
ऑटो वाले कुछ जगहों पर जाने से इन्कार कर देते हैं जबकि ई-रिक्शा चालक तैयार हो जाते हैं। -अंश गुप्ता, बरोला