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Noida News: सार्वजनिक परिवहन सेवा के अभाव में पैदल चलने को मजबूर हैं दैनिक यात्री
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-दादरी नोएडा मार्ग पर चार साल से व्याप्त है समस्या, कामगार परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी-नोएडा मार्ग पर करीब चार साल से सार्वजनिक परिवहन सेवा नहीं है। कई बार दैनिक यात्रियों को पैदल आना जाना पड़ता है। आए दिन कारखाना मालिक और श्रमिक संघ के पदाधिकारी भी रोडवेज और निजी बसें चलाने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
दादरी-नोएडा मार्ग पर सूरजपुर, सुत्याना, इकोटेक, कुलेसरा, फेस-टू समेत कई औद्योगिक सेक्टर पड़ते है। इस पर सैंकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े कारखाने है। हर रोज इस मार्ग पर लाखों की संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। जिन कंपनियों की अपनी बसें नहीं हैं। उनके श्रमिकों को अपने संसाधन से आवागमन करना पड़ता है।
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ऑटो ही है एकमात्र साधन
इस मार्ग पर आने जाने के लिए केवल ऑटो ही एक मात्र साधन है। जो दादरी से सूरजपुर, सुरजपुर से परी चौक, परी चौक से कासना और सूरजपुर से फेस-टू के बीच चलते है। 10 से 12 किलोमीटर की दूरी के 40 रुपया तक किराया लेते है। किराया अधिक होने के कारण आने जाने में दैनिक यात्रियों को 80 से 100 रुपये तक खर्च करना होता हैं।
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रात में रहते हैं बंद
रात में दस बजे के बाद ऑटो चलने भी बंद हो जाते है। उसके बाद श्रमिकों और कर्मचारियों के आने जाने का कोई साधन नहीं है। रात में देवला से दादरी और सूरजपुर जाने के लिए श्रमिकों को पैदल यात्रा करनी पड़ती है। पांच से आठ किलोमीटर की दूर हर रोज पैदल तय करते है।
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वर्जन
- लोकल रूटों पर दस मिनी बसें चलाई जाएंगी। उनके परमिट मिलने का इंतजार है। परमिट मिलते ही मिनी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
अनिल कुमार शर्मा, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी-नोएडा मार्ग पर करीब चार साल से सार्वजनिक परिवहन सेवा नहीं है। कई बार दैनिक यात्रियों को पैदल आना जाना पड़ता है। आए दिन कारखाना मालिक और श्रमिक संघ के पदाधिकारी भी रोडवेज और निजी बसें चलाने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
दादरी-नोएडा मार्ग पर सूरजपुर, सुत्याना, इकोटेक, कुलेसरा, फेस-टू समेत कई औद्योगिक सेक्टर पड़ते है। इस पर सैंकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े कारखाने है। हर रोज इस मार्ग पर लाखों की संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। जिन कंपनियों की अपनी बसें नहीं हैं। उनके श्रमिकों को अपने संसाधन से आवागमन करना पड़ता है।
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ऑटो ही है एकमात्र साधन
इस मार्ग पर आने जाने के लिए केवल ऑटो ही एक मात्र साधन है। जो दादरी से सूरजपुर, सुरजपुर से परी चौक, परी चौक से कासना और सूरजपुर से फेस-टू के बीच चलते है। 10 से 12 किलोमीटर की दूरी के 40 रुपया तक किराया लेते है। किराया अधिक होने के कारण आने जाने में दैनिक यात्रियों को 80 से 100 रुपये तक खर्च करना होता हैं।
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रात में रहते हैं बंद
रात में दस बजे के बाद ऑटो चलने भी बंद हो जाते है। उसके बाद श्रमिकों और कर्मचारियों के आने जाने का कोई साधन नहीं है। रात में देवला से दादरी और सूरजपुर जाने के लिए श्रमिकों को पैदल यात्रा करनी पड़ती है। पांच से आठ किलोमीटर की दूर हर रोज पैदल तय करते है।
वर्जन
- लोकल रूटों पर दस मिनी बसें चलाई जाएंगी। उनके परमिट मिलने का इंतजार है। परमिट मिलते ही मिनी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
अनिल कुमार शर्मा, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो