फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Due to the absence of streetlights

Noida News: स्ट्रीट लाइटें न होने से शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है गांव

Tue, 30 Sep 2025 10:04 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 10:04 PM IST
विज्ञापन
Due to the absence of streetlights
-अमर उजाला संवाद में मकसूदपुर गांव के लोगों ने बताईं समस्याएं
विज्ञापन

-ग्रामीणों का आरोप, कूड़ा कलेक्शन के लिए नहीं आते सफाईकर्मी
-जर्जर सड़कों से बढ़ी परेशानी, शिकायतों की नहीं हो रही सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। अमर उजाला की ओर से मकसूदपुर गांव में आयोजित ग्रामीण संवाद में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्ट्रीट लाइट न होना बड़ी समस्या बन चुकी है। शाम होते ही गांव अंधेरे में डूब जाता है। इस वजह से ग्रामीणों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि मकसूदपुर गांव में जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह से जर्जर हालत में है। संकरी सड़क पर जब भी गड्ढे हो जाते हैं तो उसपर पैच वर्क कर दिया जाता है। कुछ ही समय बाद सड़क दोबारा जर्जर हाल में तब्दील हो जाती है। दो पहिया वाहन चालकों को इससे काफी परेशानी होती है। गड्ढों से भरी सड़क पर कई बार दो पहिया वाहन चालक नियंत्रण गंवाने से गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। नालियां भी टूटी हुई हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है। कूड़ा कलेक्शन के लिए सफाई कर्मी आते नहीं है। तमाम शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन


1- गांव में कूड़ा कलेक्शन के लिए कोई नहीं आता, जिस वजह से कूड़ा स्वयं ही डालना पड़ता है।
- सुशील।
2-स्ट्रीट लाइट न होने के कारण गांव में शाम के बाद अंधेरा छा जाता है। जिससे घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
-सतेश्वर, त्यागी।
3- गांव में नालियां बेहद खराब हालत में हैं। नालियां टूटी होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर उतर आता है।
-प्रिंस, त्यागी।
4- करीब दो किमी की जर्जर सड़क से होकर गांव का रास्ता जा रहा है। ऐसे में सभी को इसी खराब मार्ग से आना पड़ता है।
-उत्कर्ष।
5- गांव की दो पुलिया लंबे समय से टूटी हुई हैं। इसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायत भी की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
-रोहित त्यागी।
6- गांव में कूड़ा डालने की कोई जगह नहीं है। जगह-जगह कूड़ेदान लगने चाहिए, जिससे गांव में भी साफ-सफाई रहेगी।
अमित।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed