फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Due to not being corona test, the fight in the district hospital

कोरोना जांच नहीं होने पर जिला अस्पताल में मारपीट की नौबत

Sun, 25 Apr 2021 12:31 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 12:31 AM IST
विज्ञापन
Due to not being corona test, the fight in the district hospital
नोएडा। जिला अस्पताल में स्वास्थकर्मी और जांच करवाने आए लोगों के बीच हुआ हंगामा।
नोएडा। जिला अस्पताल में कोरोना जांच नहीं होने पर शनिवार को लोगों के सब्र का बांध टूट गया। करीब 50 लोग अस्पताल परिसर में ही जमकर हंगामा करने लगे। उन्होंने सीएमएस के कार्यालय में भी विरोध जताया। हालात इस कदर बिगड़े कि कर्मचारी से मारपीट तक की नौबत आ गई।
विज्ञापन

दरअसल, जिला अस्पताल में रोजाना 200 लोगों की ही कोरोना जांच की जाती है। यह आंकड़ा पूरा होते ही जांच बंद कर दी जाती है। शनिवार दोपहर 12 बजे तय लोगों की जांच होने के बाद काउंटर से कर्मचारियों के उठते ही लाइन में लगे लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और वे अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में सीएमएस के कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए, लेकिन सीएमएस नहीं थीं।
विज्ञापन

इसके बाद उन्होंने सीएमएस के निजी स्टाफ से बात की। इस दौरान सीएमएस के कार्यालय के कर्मचारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को दोबारा जांच शुरू करने का आश्वासन देते हुए उन्हें लाइन में लगने के लिए कहा। अस्पताल परिसर में लाइन लगाने के दौरान लोगों की जांच कार्य में लगे एक कर्मचारी के साथ नोकझोंक के बीच मारपीट की नौबत आ गई। कर्मचारी ने लोगों को मारने के लिए डंडा उठा लिया। हालांकि, मीडिया कर्मियों के यहां पहुंचते ही कर्मचारी डंडा फेंककर अस्पताल की बिल्डिंग में घुस गया। इसके बाद लोग लाइन में लग गए, लेकिन जांच नहीं होने से करीब आधे घंटे इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीमार लोगों की भी नहीं हो सकी जांच
जिला अस्पताल में जांच कराने से वंचित रहे कई लोगों को बुखार व सांस लेने की दिक्कत थी, वहीं कई लोग ऐसे थे जो गत सप्ताह कोरोना संक्रमित थे। वे अपनी कोरोना जांच कराने के लिए सुबह से लाइन में लगे हुए थे, लेकिन जांच नहीं हो पाई। कोरोना जांच के लिए लाइन में लगे सेक्टर-49 निवासी वशिष्ठ शर्मा ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारी पीछे से जानकारों की जांच कराने में लगे रहते हैं। इस कारण जांच की दो सौ किट जल्द खत्म हो जाती है और यहां आने वाले सभी लोगों की जांच नहीं हो पाती है। जांच के लिए टोकन सिस्टम होना चाहिए।
पुलिसकर्मियों को भी करनी पड़ रही मशक्कत
निरंतर ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों को भी जिला अस्पताल में कोरोना जांच कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले में तैनात पुलिसकर्मी अंजू शर्मा व उनके पति की काफी भागदौड़ के बाद जांच हो पाई। दंपती को बुखार, खांसी व जुकाम की शिकायत थी, लेकिन ये जिले के मूल निवासी नहीं थे। इस कारण जिले में रहने का कोई प्रमाण नहीं था। आखिर आईकार्ड के आधार पर जांच की गई।
पांच दिन से रिपोर्ट के लिए लगा रहा चक्कर
जिला अस्पताल में सेक्टर-44 निवासी मनीष ने पांच दिन पहले कोरोना जांच कराई थी, लेकिन अभी तक रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वह पांच दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। ऑनलाइन रिपोर्ट भी नहीं मिल रही है। संभावना है कि अस्पताल ने ऑनलाइन सिस्टम पर उनका ब्योरा नहीं भेजा है।

गर्भवती और कर्फ्यू में पकड़े गए लोगों की कोरोना जांच कराई गई। इसमें 200 किट खत्म हो गईं। आज अन्य लोगों की भी जांच की जाएगी। - डॉ. एचएम लवानिया, पैथॉलोजिस्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed