बकरा महंगा है: बकरीद पर जेब को भी देनी पड़ी रही 'कुर्बानी', शाहरूख-सलमान छोड़ साधारण पर हाथ रख रहे लोग
वजीरुद्दीन अहमद हर साल बकरीद के मौके पर उन्नाव से बकरे लाकर बेचते हैं। अहमद बताते हैं कि वह लगभग 27 साल से बकरे बेचने का काम कर रहे हैं। मगर इस बार बकरे महंगे हैं।
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ईद-उल-अजहा यानि बकरीद की तैयारी को लेकर नोएडा में कई जगह बकरों की खरीद-फरोख्त पूरे शबाब पर है। नोएडा में सेक्टर-8, 59 और सेक्टर-62 सहित कई स्थानों पर लोग बकरे की खरीदारी करने आ रहे हैं। मगर शहर में इस बार शाहरूख-सलमान नहीं, बल्कि साधारण बकरों पर ही नोएडावासी हाथ रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि बकरे इस बार महंगे हैं जिस कारण हमें बजट को देखते हुए कुर्बानी करनी पड़ेगी।
इस बार देश भर में ईद-उल-अजहा गुरुवार को मनाई जाएगी। जिसकी तैयारी नोएडा में भी जोरों पर है। सेक्टर-59 में दुकान चलाने वाले वजीरुद्दीन अहमद हर साल बकरीद के मौके पर उन्नाव से बकरे लाकर बेचते हैं। अहमद बताते हैं कि वह लगभग 27 साल से बकरे बेचने का काम कर रहे हैं। मगर इस बार बकरे महंगे हैं। जिस कारण वे 78 बकरे ही लाए थे जिसमें से 40 बकरे बिक गए।
वहीं तालीब भी सेक्टर-59 में बकरे बेचते हैं, उनका कहना हैं कि 15 से 20 हजार के साधारण बकरों पर तीन हजार रुपये तक दाम बड़ गए हैं। जिस कारण ग्राहक भी कम बकरे खरीद रहे हैं। हमारे 35 बकरों में से अभी 15 ही बिके हैं। अभी ईद में तीन दिन का समय है अब देखते हैं कितने बकरे बिकेंगे। अगर नहीं बिके तो मंदा (सस्ता) करना पड़ेगा।
बकरा मंडी पर बढ़ती महंगाई का असर भी साफ नजर आ रहा है। नोएडा के ज्यादातर स्थानों पर 35 से 40 हजार दाम तक के ही बकरे हैं कहीं-कहीं 50 हजार या इससे ज्यादा के बकरे हैं। विक्रेताओं का कहना है की ज्यादातर लोगों का काम-धाम मंदा पड़ा है जिस कारण हम बड़े बकरे भी कम लाए हैं क्योंकि उनकी खिलाई-पिलाई का खर्चा भी ज्यादा आता है। साथ ही शहरवासी 25-30 हजार तक के ही बकरे पसंद कर रहे हैं और ज्यादातर महंगे बकरे पहले ही बिक गए।
मेरा 50 हजार रुपये का बजट है सोचा था कि इतने में बकरे की एक अच्छी तंदुरुस्त जोड़ी मिल जाएगी। मगर पिछले साल की तुलना में बकरों के दाम में काफी बढ़ोतरी हुई है। जो जोड़ी पिछले साल 35-38 हजार की थी, वह अब 50 हजार में मिल रही है। -मौ. कैफ (ग्राहक)
अभी लोगों ने कम बकरे खरीदें हैं, ईद में तीन दिन का ही समय बचा है। बकरीद पर ज्यादातर 8-10 दिन का ही कारोबार होता है। पिछले साल की तुलना में चारा कम बिक रहा है। -सोनू (चारा विक्रेता, सेक्टर-8)