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Noida News: तुर्किये, जर्मनी, बांग्लादेश कनेक्शन की हो रही जांच
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- कासना स्थित प्रिंटिंग प्रेस से मनस्यता फैलाने के लिए विदेश से 11 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित कंपनी से आरओ रिपेयरिंग, आर्युवेद दवा की आड़ में भड़काऊ सामग्री प्रकाशित करने के मामले में एटीएस ने जांच तेज की है। एटीएस की ओर से तुर्किये, जर्मनी, बांग्लादेश आदि का लिंक खंगाला जा रहा है। इसके के लिए आरोपी की सीडीआर, बैंक अकाउंट डिटेल, कंपनी में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। एटीएस की ओर से दिल्ली में हुए कार धमाके के बाद से आरोपी के संपर्क में रहे लोगों पर नजर रखी जा रही है।
यूपी एटीएस की टीम ने कासना स्थित एक कंपनी से टेरर फंडिंग के मामले में फरहान नबी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। कंपनी में धार्मिक समुदाय के बीच वैमनस्यता फैलाने वाली किताबों का प्रकाशन होता था। इन किताबों को आयुर्वेदिक दवाइयों और आरओ की आड़ में विदेश भेजा जा रहा था। बीते मंगलवार की रात करीब आधे घंटे तक एटीएस की टीम ने यहां रखी किताबों के बारे में जानकारी जुटाई थी। दस्तावेज का रिकॉर्ड खंगालने के साथ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी थी। यहां मौजूद मिले सहायकों से पूछताछ की थी। जांच में पता चला है कि कंपनी में विदेशियों को ठहरने के लिए दूसरे तल पर गेस्ट हाउस है। यहीं तुर्की, जर्मनी, बांग्लादेश के लोग ठहरते थे। टीम आरोपी फरहान के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। जांच में पता चला है कि ऑर्डर पर किताबों को छापने के बाद डिलीवर किया जाता था। ऑनलाइन भी किताबों की डिलीवरी होती थी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित कंपनी से आरओ रिपेयरिंग, आर्युवेद दवा की आड़ में भड़काऊ सामग्री प्रकाशित करने के मामले में एटीएस ने जांच तेज की है। एटीएस की ओर से तुर्किये, जर्मनी, बांग्लादेश आदि का लिंक खंगाला जा रहा है। इसके के लिए आरोपी की सीडीआर, बैंक अकाउंट डिटेल, कंपनी में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। एटीएस की ओर से दिल्ली में हुए कार धमाके के बाद से आरोपी के संपर्क में रहे लोगों पर नजर रखी जा रही है।
यूपी एटीएस की टीम ने कासना स्थित एक कंपनी से टेरर फंडिंग के मामले में फरहान नबी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। कंपनी में धार्मिक समुदाय के बीच वैमनस्यता फैलाने वाली किताबों का प्रकाशन होता था। इन किताबों को आयुर्वेदिक दवाइयों और आरओ की आड़ में विदेश भेजा जा रहा था। बीते मंगलवार की रात करीब आधे घंटे तक एटीएस की टीम ने यहां रखी किताबों के बारे में जानकारी जुटाई थी। दस्तावेज का रिकॉर्ड खंगालने के साथ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी थी। यहां मौजूद मिले सहायकों से पूछताछ की थी। जांच में पता चला है कि कंपनी में विदेशियों को ठहरने के लिए दूसरे तल पर गेस्ट हाउस है। यहीं तुर्की, जर्मनी, बांग्लादेश के लोग ठहरते थे। टीम आरोपी फरहान के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। जांच में पता चला है कि ऑर्डर पर किताबों को छापने के बाद डिलीवर किया जाता था। ऑनलाइन भी किताबों की डिलीवरी होती थी।
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