{"_id":"6484c9477440d5bd820be054","slug":"dont-rely-on-the-district-hospital-if-you-need-blood-noida-news-c-1-noi1096-615122-2023-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: खून की जरूरत है तो जिला अस्पताल के भरोसे न रहें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: खून की जरूरत है तो जिला अस्पताल के भरोसे न रहें
विज्ञापन
खून की जरूरत है तो जिला अस्पताल के भरोसे न रहें
- पुराना लाइसेंस निरस्त होने पर बंद हुआ ब्लड बैंक, जरूरतमंदों को हो रही परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इससे जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त का बंदोबस्त करने के लिए तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। निजी ब्लड बैंकों में जाकर महंगे दाम पर ब्लड खरीदना पड़ रहा है।
मई की शुरूआत में ही जिला अस्पताल को सेक्टर-39 स्थित नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया था। सेक्टर-30 स्थित पुराने जिला अस्पताल से ब्लड बैंक सहित पैथोलॉजी विभाग को भी नए अस्पताल के दूसरे तल पर स्थापित किया गया है। इसके बाद से ही अस्पताल प्रशासन ने ब्लड बैंक का भंडारण बंद कर दिया था। अब तक रक्त के बचे हुए स्टॉक से काम चल रहा था। स्टॉक खत्म होने के बाद सेक्टर-30 स्थित पुराने जिला अस्पताल के पते पर जारी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अब अस्पताल प्रशासन रक्तदान शिविर भी नहीं लगा सकता। इसके लिए अस्पताल की नई इमारत के पते पर लाइसेंस जारी होने का इंतजार करना होगा।
इस बीच मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. एचएम लवानिया ने बताया कि जब तक नया लाइसेंस जारी नहीं होता, तब तक ब्लड बैंक की सुविधा शुरू नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों की हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
अब दूसरों से मदद की आस
जिला अस्पताल में रोजाना चार से छह यूनिट रक्त की जरूरत होती है, जबकि बाहर से आकर भी जरूरतमंद रक्त ले जाते हैं। जिला अस्पताल के ब्ल्ड बैंक से आसपास के जिलों में रक्त पहुंचाने का काम किया जाता था। लेकिन अब जिला अस्पताल दूसरों से मदद की आस लगाए बैठा है।
जिले में हैँ 24 ब्लड बैंक
जिले में कुल 24 ब्लड बैंक हैं। जिला अस्प्ताल, चाइल्ड पीजीआई और जिम्स के अलावा 21 निजी अस्पतालों व संस्थाओं के ब्लड बैंक हैं। अन्य बैंकों की तुलना में जिला अस्पताल से रक्त का बंदोबस्त करना सस्ता और आसान होता है। यह सुविधा बंद हो जाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र से मंजूरी का इंतजार
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा चुका है। जिला औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि जांच टीम इसका निरीक्षण कर चुकी हैं। अब महाऔषधि नियंत्रक भारत सरकार एवं औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश से इसकी औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।
विज्ञापन
- पुराना लाइसेंस निरस्त होने पर बंद हुआ ब्लड बैंक, जरूरतमंदों को हो रही परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इससे जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त का बंदोबस्त करने के लिए तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। निजी ब्लड बैंकों में जाकर महंगे दाम पर ब्लड खरीदना पड़ रहा है।
मई की शुरूआत में ही जिला अस्पताल को सेक्टर-39 स्थित नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया था। सेक्टर-30 स्थित पुराने जिला अस्पताल से ब्लड बैंक सहित पैथोलॉजी विभाग को भी नए अस्पताल के दूसरे तल पर स्थापित किया गया है। इसके बाद से ही अस्पताल प्रशासन ने ब्लड बैंक का भंडारण बंद कर दिया था। अब तक रक्त के बचे हुए स्टॉक से काम चल रहा था। स्टॉक खत्म होने के बाद सेक्टर-30 स्थित पुराने जिला अस्पताल के पते पर जारी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अब अस्पताल प्रशासन रक्तदान शिविर भी नहीं लगा सकता। इसके लिए अस्पताल की नई इमारत के पते पर लाइसेंस जारी होने का इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
इस बीच मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. एचएम लवानिया ने बताया कि जब तक नया लाइसेंस जारी नहीं होता, तब तक ब्लड बैंक की सुविधा शुरू नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों की हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
अब दूसरों से मदद की आस
जिला अस्पताल में रोजाना चार से छह यूनिट रक्त की जरूरत होती है, जबकि बाहर से आकर भी जरूरतमंद रक्त ले जाते हैं। जिला अस्पताल के ब्ल्ड बैंक से आसपास के जिलों में रक्त पहुंचाने का काम किया जाता था। लेकिन अब जिला अस्पताल दूसरों से मदद की आस लगाए बैठा है।
जिले में हैँ 24 ब्लड बैंक
जिले में कुल 24 ब्लड बैंक हैं। जिला अस्प्ताल, चाइल्ड पीजीआई और जिम्स के अलावा 21 निजी अस्पतालों व संस्थाओं के ब्लड बैंक हैं। अन्य बैंकों की तुलना में जिला अस्पताल से रक्त का बंदोबस्त करना सस्ता और आसान होता है। यह सुविधा बंद हो जाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र से मंजूरी का इंतजार
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा चुका है। जिला औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि जांच टीम इसका निरीक्षण कर चुकी हैं। अब महाऔषधि नियंत्रक भारत सरकार एवं औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश से इसकी औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।