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Noida News: एसएमओ की सीधी भर्ती का चिकित्सकों ने किया विरोध
Thu, 13 Nov 2025 12:11 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Thu, 13 Nov 2025 12:11 AM IST
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11जेएनडी02: एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में नागरिक अस्पताल में सीएमओ को ज्ञापन सौंपते हुए चिकि
- फोटो : सिरसागंज में परचून की गोदाम में मिला पटाखों का जखीरा। स्रोतः पुलिस
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जींद। स्वास्थ्य विभाग में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधी भर्ती के विरोध में बुधवार को नागरिक अस्पताल में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन ने सीएमओ डाॅ. सुमन कोहली को ज्ञापन सौंपा।
इससे पहले मंगलवार को चिकित्सकों ने सरकार के इस निर्णय पर रोष जताते हुए काले बिल्ले लगा काम किया था। एसोसिएशन ने सरकार को चेताया है कि डायरेक्ट एसएमओ भर्ती के निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो आगामी कदम उठाने को मजबूर होंगे।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगा दी थी लेकिन अब इस निर्णय को लागू किया जा रहा है।
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वहीं एसीपी इस समय 5, 10 व 15 वर्ष पर मिल रहा है। इसे 4, 9, 13 व 20 वर्ष पर किए जाने का आश्वासन भी मिला था लेकिन मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रधान डाॅ. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि यदि एसएमओ की सीधी भर्ती की जाती है तो वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति रुक जाएगी।
विभाग ने पहले भी इस तरह का निर्णय लिया था लेकिन विरोध के बाद फैसला वापस ले लिया था। अब फिर से विभाग ने एसएमओ की सीधी भर्ती करने का प्रयास कर रहा है।
अगर एसएमओ की सीधी भर्ती होती है तो सालों से जनता की सेवा कर रहे चिकित्सक पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे। सचिव डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि विभाग को अपने पूर्व आश्वासन का सम्मान करते हुए पदोन्नति नीति के तहत ही एसएमओ की नियुक्ति की जानी चाहिए। इससे विभागीय अधिकारियों में न्याय और पारदर्शिता बनी रहेगी।
अगर एसएमओ के पद खाली है तो उनको चिकित्सकों की पदोन्नति करके भरा जाए। केंद्र सरकार व बिहार राज्य में लागू पे स्केल को हरियाणा में लागू की जाए।
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इससे पहले मंगलवार को चिकित्सकों ने सरकार के इस निर्णय पर रोष जताते हुए काले बिल्ले लगा काम किया था। एसोसिएशन ने सरकार को चेताया है कि डायरेक्ट एसएमओ भर्ती के निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो आगामी कदम उठाने को मजबूर होंगे।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगा दी थी लेकिन अब इस निर्णय को लागू किया जा रहा है।
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वहीं एसीपी इस समय 5, 10 व 15 वर्ष पर मिल रहा है। इसे 4, 9, 13 व 20 वर्ष पर किए जाने का आश्वासन भी मिला था लेकिन मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रधान डाॅ. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि यदि एसएमओ की सीधी भर्ती की जाती है तो वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति रुक जाएगी।
विभाग ने पहले भी इस तरह का निर्णय लिया था लेकिन विरोध के बाद फैसला वापस ले लिया था। अब फिर से विभाग ने एसएमओ की सीधी भर्ती करने का प्रयास कर रहा है।
अगर एसएमओ की सीधी भर्ती होती है तो सालों से जनता की सेवा कर रहे चिकित्सक पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे। सचिव डाॅ. राजेश भोला ने कहा कि विभाग को अपने पूर्व आश्वासन का सम्मान करते हुए पदोन्नति नीति के तहत ही एसएमओ की नियुक्ति की जानी चाहिए। इससे विभागीय अधिकारियों में न्याय और पारदर्शिता बनी रहेगी।
अगर एसएमओ के पद खाली है तो उनको चिकित्सकों की पदोन्नति करके भरा जाए। केंद्र सरकार व बिहार राज्य में लागू पे स्केल को हरियाणा में लागू की जाए।