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Noida News: संकट में डरे नहीं, पुलिस को दोस्त की तरह करें याद
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अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत नोएडा के सेक्टर- 39 स्थित महिला
दोस्त पुलिस
छात्राओं ने पुलिस से सीखा, गुड टच-बैड टच व महिला सुरक्षा का पाठ, साइबर स्टाकिंग के बारे में भी बताया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि संकट के समय पुलिस को दोस्त की तरह याद करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति जब किसी मुश्किल में होता है तो सबसे पहले सहायता के लिए पुलिस को ही खोजता है। यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में सेक्टर-39 स्थित महिला थाने की थाना अध्यक्ष नीलम राणा ने उच्च प्राथमिक स्कूल खानपुर की छात्राओं से कहीं। उन्होंने छात्राओं को डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090, गुड टच-बैड टच, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति अभियान, साइबर सुरक्षा, साइबर स्टाकिंग, साइबर ठगी से बचाव और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। छात्रा गौरी, कनिष्का ने सवाल पूछे और अपनी परेशानियां साझा कीं।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी तरह की छेड़छाड़, धमकी, साइबर ठगी या घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं को छिपाएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और हर शिकायत पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाती है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने हवालात, हेल्प डेस्क, शिकायत कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं का भ्रमण किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को यह भी समझाया गया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना या ओटीपी साझा करना साइबर अपराध का कारण बन सकता है। इस मौके पर एआई दिनेशपाल सिंह, हिना सैनी, रीना, अंजली के साथ प्रधानाध्यापक भारती श्रीवास्तव, मंजू शुक्ला व छाया मिश्रा मौजूद रहीं।
मिशन शक्ति के गिनाए फायदे
हिना सैनी ने किशोरियों के साथ होने वाले अपराध और उनसे बचकर रहने का तरीका बताया। उन्होंने छात्राओं से डरकर नहीं डटकर लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर बेटियां डरेंगी नहीं तो उन्हें कोई खतरा नहीं पहुंचा सकता। किशोरियों के साथ होने वाले अपराध और उनसे बचकर रहने का तरीका बताया। उन्होंने छात्राओं को मिशन शक्ति से जोड़ते हुए कुछ उदाहरण दिए।
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छात्राओं ने पुलिस से सीखा, गुड टच-बैड टच व महिला सुरक्षा का पाठ, साइबर स्टाकिंग के बारे में भी बताया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि संकट के समय पुलिस को दोस्त की तरह याद करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति जब किसी मुश्किल में होता है तो सबसे पहले सहायता के लिए पुलिस को ही खोजता है। यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में सेक्टर-39 स्थित महिला थाने की थाना अध्यक्ष नीलम राणा ने उच्च प्राथमिक स्कूल खानपुर की छात्राओं से कहीं। उन्होंने छात्राओं को डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090, गुड टच-बैड टच, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति अभियान, साइबर सुरक्षा, साइबर स्टाकिंग, साइबर ठगी से बचाव और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। छात्रा गौरी, कनिष्का ने सवाल पूछे और अपनी परेशानियां साझा कीं।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी तरह की छेड़छाड़, धमकी, साइबर ठगी या घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं को छिपाएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और हर शिकायत पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाती है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने हवालात, हेल्प डेस्क, शिकायत कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं का भ्रमण किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को यह भी समझाया गया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना या ओटीपी साझा करना साइबर अपराध का कारण बन सकता है। इस मौके पर एआई दिनेशपाल सिंह, हिना सैनी, रीना, अंजली के साथ प्रधानाध्यापक भारती श्रीवास्तव, मंजू शुक्ला व छाया मिश्रा मौजूद रहीं।
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मिशन शक्ति के गिनाए फायदे
हिना सैनी ने किशोरियों के साथ होने वाले अपराध और उनसे बचकर रहने का तरीका बताया। उन्होंने छात्राओं से डरकर नहीं डटकर लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर बेटियां डरेंगी नहीं तो उन्हें कोई खतरा नहीं पहुंचा सकता। किशोरियों के साथ होने वाले अपराध और उनसे बचकर रहने का तरीका बताया। उन्होंने छात्राओं को मिशन शक्ति से जोड़ते हुए कुछ उदाहरण दिए।
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