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अदालत के आदेश के बाद भी किसानों को नहीं मिला बढ़ा हुआ मुआवजा
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अदालत के आदेश के बाद भी किसानों को नहीं मिला बढ़ा हुआ मुआवजा
तावड़ू। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी सेक्टरों के लिए अधिगृहित की गई भूमि का बढ़ा हुआ मुआवजा किसानों को नहीं मिल पाया है। इससे परेशान किसानों ने एसडीएम द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मुआवजा दिलवाने की गुहार लगाई है।
किसान बलबीर, अजित, सरजीत, मांगेराम, लखमी और निरंजन ने बताया कि वर्ष 2013 में हुडा द्वारा तावडू में तीन सेक्टरों के लिए करीब भूमि अधिगृहित की गई थी। किसानों का आरोप था कि दी गई मुआवजा राशि बाजार भाव के हिसाब से बहुत थी, जिसको लेकर किसानों ने हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। किसानों के मुताबिक उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की ओर से किसानों के पक्ष में फैसला दिया गया, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद किसानों को बढ़ी हुई मुआवजा राशि नहीं दी। जिस पर किसानों ने दोबारा उच्च न्यायालय में गुहार लगाई। उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 1 मार्च 2018 को हुडा को दो माह के अंदर मुआवजा राशि देने का आदेश दिए। लेकिन न्यायालय के इस आदेश के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
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तावड़ू। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी सेक्टरों के लिए अधिगृहित की गई भूमि का बढ़ा हुआ मुआवजा किसानों को नहीं मिल पाया है। इससे परेशान किसानों ने एसडीएम द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मुआवजा दिलवाने की गुहार लगाई है।
किसान बलबीर, अजित, सरजीत, मांगेराम, लखमी और निरंजन ने बताया कि वर्ष 2013 में हुडा द्वारा तावडू में तीन सेक्टरों के लिए करीब भूमि अधिगृहित की गई थी। किसानों का आरोप था कि दी गई मुआवजा राशि बाजार भाव के हिसाब से बहुत थी, जिसको लेकर किसानों ने हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। किसानों के मुताबिक उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की ओर से किसानों के पक्ष में फैसला दिया गया, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद किसानों को बढ़ी हुई मुआवजा राशि नहीं दी। जिस पर किसानों ने दोबारा उच्च न्यायालय में गुहार लगाई। उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 1 मार्च 2018 को हुडा को दो माह के अंदर मुआवजा राशि देने का आदेश दिए। लेकिन न्यायालय के इस आदेश के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
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