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Noida News: अचानक आ रहे दिल के दौरे का जिम्मेदार हो सकता है मधुमेह

Sat, 22 Apr 2023 09:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Apr 2023 09:42 PM IST
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Diabetes can be responsible for sudden heart attack
- आधे से ज्यादा लोगों को पता ही नहीं हैं उनमें मधुमेह की शिकायत
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- मधुमेह की समस्या के निदान के लिए दिल्ली में जुटेंगे देशभर के डॉक्टर
- शोध के परिणाम से निकालेंगे इलाज की नई विधि
राकेश शर्मा
नई दिल्ली। नाचते-गाते, जिम में व्यायाम करते हुए अचानक आ रहे दिल के दौरे के लिए मधुमेह भी जिम्मेदार हो सकता है। मधुमेह को लेकर किए गए शोध बताते हैं कि आहार परिवर्तन और अपर्याप्त या शारीरिक गतिविधि की कमी से युवा वयस्कों में मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर दिल्ली में अगले माह लोटस डायबिटीज फाउंडेशन का वार्षिक सम्मेलन होगा।
सम्मेलन में दुनियाभर के डॉक्टर जुटेंगे और अनुसंधान व शोध के माध्यम से मधुमेह को लेकर उपचार की नई विधि, इलाज का तरीका, मधुमेह को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश पर चर्चा की जाएगी। डॉक्टरों की मानें तो मधुमेह वाले वयस्कों में दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा दो से तीन गुना तक बढ़ जाता है। इसके अलावा कम रक्त प्रवाह से पैरों में न्यूरोपैथी (तंत्रिका क्षति), पैर में अल्सर और संक्रमण की आशंका भी बढ़ जाती है। मधुमेह रेटिनोपैथी अंधेपन का एक महत्वपूर्ण कारण है, इससे गुर्दे तक फेल हो जाते हैं।
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गुरु तेग बहादुर अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक व सम्मेलन के वैज्ञानिक सदस्य डॉ. रजत झाम्ब ने बताया कि ऐसे मामले देखे गए है कि अचानक आए दिल के दौरे में जब युवाओं की जांच की गई तो उन्हें मधुमेह पाया गया। मधुमेह के कारण ही दिल की समस्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि मधुमेह देश के लिए बड़ी चुनौती है। एक अनुमान है कि 2025 तक देश में मधुमेह के मामले 7 करोड़ को पार कर जाएंगे।
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जागरूकता का अभाव
मधुमेह को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है। देश में आधे मरीज ऐसे हैं जिन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें मधुमेह की शिकायत है। डॉ. झाम्ब के अनुसार मधुमेह की स्थिति में अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करती या फिर शरीर अपने द्वारा उत्पादित इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाती। ऐसे में हमें नियमित मधुमेह की जांच करवानी चाहिए। ताकि इससे होने वाली समस्याओं की रोकथाम पहले ही की जा सकें।



तीन तरह का होता है मधुमेह
मधुमेह मुख्य रूप से टाइप 1, टाइप 2 और गर्भावधि होता है। टाइप 1 मधुमेह किसी भी उम्र हो सकता है। हालांकि यह अक्सर बच्चों और किशोरों में होता है। इसमें रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। वहीं टाइप 2 मधुमेह वयस्कों में आम है। कुल मामलों में करीब 90 इसी टाइप का है। इसमें शरीर उत्पादित इंसुलिन का अच्छा उपयोग नहीं कर पाता। वहीं गर्भकालीन मधुमेह (जीडीएम) की स्थिति में गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त शर्करा होता है और यह मां और बच्चे दोनों के लिए समस्या बना सकता है।
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