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Noida News: न पंखा चला, न लाइट जली फिर भी थमा दिया 3000 का बिल
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-सेक्टर 22-डी सोसाइटी में खाली पड़े फ्लैटों में 3000 रुपये तक के बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं
- लोगों ने कहा- बिना रीडिंग लिए मनमाने तरीके से बना रहे हैं बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। सेक्टर 22-डी सोसाइटी में बिजली बिलिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां खाली पड़े फ्लैटों पर भी हर महीने करीब 3000 रुपये तक के बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं। बिना उपयोग के भारी बिल आने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि कई फ्लैट बंद पड़े हैं, जहां बिजली का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसके बावजूद बिलों में खपत दिखाई जा रही है। मामले को लेकर बिजली विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना मीटर रीडिंग लिए ही मनमाने तरीके से बिल तैयार कर दिए जाते हैं, जिससे वास्तविक खपत से कई ज्यादा अधिक राशि वसूल की जा रही है। परेशान निवासियों ने अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।
फ्लैट पूरी तरह खाली है, फिर भी करीब 3000 रुपये का बिल आ रहा है। यह पूरी तरह गलत है। इससे हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रदीप सिंह, निवेशक
बिजली विभाग बिना रीडिंग लिए अपने हिसाब से बिल बना देता है, इसी वजह से लोगों के बिल जरूरत से ज्यादा आ रहे हैं। - किशोर चंद, निवेशक
सोसाइटी निवासियों की शिकायतें हमारे संज्ञान में हैं। कई फ्लैट्स के बिल को लेकर सवाल उठे हैं। बिजली विभाग से बात की जा रही है। मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की जांच कराकर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
- राकेश त्रिपाठी, अध्यक्ष, सेक्टर 22-डी सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन
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- लोगों ने कहा- बिना रीडिंग लिए मनमाने तरीके से बना रहे हैं बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। सेक्टर 22-डी सोसाइटी में बिजली बिलिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां खाली पड़े फ्लैटों पर भी हर महीने करीब 3000 रुपये तक के बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं। बिना उपयोग के भारी बिल आने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि कई फ्लैट बंद पड़े हैं, जहां बिजली का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसके बावजूद बिलों में खपत दिखाई जा रही है। मामले को लेकर बिजली विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना मीटर रीडिंग लिए ही मनमाने तरीके से बिल तैयार कर दिए जाते हैं, जिससे वास्तविक खपत से कई ज्यादा अधिक राशि वसूल की जा रही है। परेशान निवासियों ने अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।
फ्लैट पूरी तरह खाली है, फिर भी करीब 3000 रुपये का बिल आ रहा है। यह पूरी तरह गलत है। इससे हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रदीप सिंह, निवेशक
बिजली विभाग बिना रीडिंग लिए अपने हिसाब से बिल बना देता है, इसी वजह से लोगों के बिल जरूरत से ज्यादा आ रहे हैं। - किशोर चंद, निवेशक
सोसाइटी निवासियों की शिकायतें हमारे संज्ञान में हैं। कई फ्लैट्स के बिल को लेकर सवाल उठे हैं। बिजली विभाग से बात की जा रही है। मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की जांच कराकर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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- राकेश त्रिपाठी, अध्यक्ष, सेक्टर 22-डी सोसाइटी वेलफेयर एसोसिएशन