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एयरपोर्ट निर्माण के लिए डीजीसीए की मंजूरी जल्द
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जेवर। नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से सैद्धांतिक मंजूरी लेना आवश्यक है, जिसके लिए कंपनी ने आवेदन किया था। मंगलवार को डीजीसीए के डिप्टी डायरेक्टर जनरल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने एयरपोर्ट साइट का दौरा करते हुए तकनीकी परीक्षण किया।
नियाल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने टीम को अभी तक एयरपोर्ट निर्माण के लिए ली गई सभी अनापत्ति और मास्टर प्लान की जानकारी देते हुए साइट का दौरा कराया। भाटिया ने बताया कि डीजीसीए के डिप्टी डायरेक्टर जरनल अमित कुमार के नेतृत्व में टीम नियाल के ऑफिस पहुंची। टीम ने मास्टर प्लान के अलावा तकनीकी बिंदुओं पर मंथन किया। इसके बाद एयरपोर्ट साइट का दौरा किया। टीम ने सभी बिंदुओं को मिलान मास्टर प्लान से किया। इस दौरान नियाल, ज्यूरिख इंटरनेशनल और डीजीसीए के अधिकारियों की टीम मौजूद रही। डीजीसीए की टीम ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद संतुष्टि जताई है। साथ ही, टीम ने रनवे, एटीसी टावर, टर्मिनल बिल्डिंग आदि का भी तकनीकी परीक्षण के बाद सहमति जाहिर की। अब जल्द ही सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
समुद्र तल से गहराई पर भी हुई चर्चा
अधिकारियों ने बताया कि टीम ने एयरपोर्ट की समुद्र तल से गहराई जांचने के साथ ही आसपास के वातावरण और एयरपोर्ट पर पड़ने वाले असर की गहनता से जानकारी हासिल की। टीम ने अभी तक एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पर्यावरण, नगर विमानन मंत्रालय आदि से ली गई एनओसी की भी जानकारी हासिल की।
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वनवारीवास या रोही में होगी पीएम-सीएम की जनसभा
एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में करीब डेढ़ लाख लोग आ सकते हैं। इसके लिए प्राधिकरण, प्रशासन सहित पूरा अमला किसी बेहतर साइट को चुनने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके लिए रोही व वनवारीवास का चयन किया गया है। इसमें से एक को अंतिम तौर पर चुना जा सकता है। यमुना प्राधिकरण का कहना है कि लोगों की आसानी के लिए साइट चुनने पर मंथन किया जा रहा है। वाहनों की पार्किंग के लिए भी जगह देनी होगी। साइट चयन के बाद हैलीपैड के लिए जगह चुनी जाएगी। सभा स्थल एयरपोर्ट की सीमा के दायरे में होगा। फिलहाल, एयरपोर्ट के पांच किलोमीटर दीवार का काम चल रहा है। पिलर तैयार किए जा रहे हैं।
चार गुना मुआवजा नहीं मिला तो एयरपोर्ट के लिए भूमि नहीं देंगे किसान
रबूपुरा। नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए ली जाने वाली भूमि पर मंगलवार को जन सुनवाई में नगला हुकम सिंह गांव के किसानों ने विरोध जताया। किसानों ने अधिगृहीत की जाने वाली भूमि का चार गुना मुआवजा मांगा। साथ ही, चेतावनी दी कि यदि मुआवजा नहीं मिला तो ग्रामीण सभी कार्यों का भी विरोध करेंगे। गांव से विस्थापन भी नहीं होने देंगे।
गांव स्थित इंटर कालेज में ग्रामीणों के साथ यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने जन सुनवाई पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान एडीएम (एलए) बलराम सिंह, एसडीएम जेवर रजनीकांत मिश्रा, एसआईए की चेयरमैन डॉ. वंदना पांडे व यीडा के अधिकारियों और किसानों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। कई बार कार्यक्रम में मौजूद किसान उठकर जाने भी लगे। अधिकारियों के बार-बार समझाने के बाद ही किसानों का गुस्सा शांत हुआ। लोक सुनवाई में सर्वसम्मति से किसानों ने निर्णय लिया गया कि किसी भी कीमत पर गांव का विस्थापन नहीं होगा।
चौधरी इकपाल सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ग्राम वासियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से नोटिस भेज रहा है। इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। प्राधिकरण गांव से विस्थापन नहीं करने की बातें कह रहा है। दूसरी ओर ग्रामीणों को विस्थापन के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपये कुटुंब के हिसाब से मुआवजा देने की बात कह रहा है, जबकि 25 लाख रुपये व चार गुना मुआवजा देना चाहिए।
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नियाल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने टीम को अभी तक एयरपोर्ट निर्माण के लिए ली गई सभी अनापत्ति और मास्टर प्लान की जानकारी देते हुए साइट का दौरा कराया। भाटिया ने बताया कि डीजीसीए के डिप्टी डायरेक्टर जरनल अमित कुमार के नेतृत्व में टीम नियाल के ऑफिस पहुंची। टीम ने मास्टर प्लान के अलावा तकनीकी बिंदुओं पर मंथन किया। इसके बाद एयरपोर्ट साइट का दौरा किया। टीम ने सभी बिंदुओं को मिलान मास्टर प्लान से किया। इस दौरान नियाल, ज्यूरिख इंटरनेशनल और डीजीसीए के अधिकारियों की टीम मौजूद रही। डीजीसीए की टीम ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद संतुष्टि जताई है। साथ ही, टीम ने रनवे, एटीसी टावर, टर्मिनल बिल्डिंग आदि का भी तकनीकी परीक्षण के बाद सहमति जाहिर की। अब जल्द ही सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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समुद्र तल से गहराई पर भी हुई चर्चा
अधिकारियों ने बताया कि टीम ने एयरपोर्ट की समुद्र तल से गहराई जांचने के साथ ही आसपास के वातावरण और एयरपोर्ट पर पड़ने वाले असर की गहनता से जानकारी हासिल की। टीम ने अभी तक एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पर्यावरण, नगर विमानन मंत्रालय आदि से ली गई एनओसी की भी जानकारी हासिल की।
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वनवारीवास या रोही में होगी पीएम-सीएम की जनसभा
एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में करीब डेढ़ लाख लोग आ सकते हैं। इसके लिए प्राधिकरण, प्रशासन सहित पूरा अमला किसी बेहतर साइट को चुनने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके लिए रोही व वनवारीवास का चयन किया गया है। इसमें से एक को अंतिम तौर पर चुना जा सकता है। यमुना प्राधिकरण का कहना है कि लोगों की आसानी के लिए साइट चुनने पर मंथन किया जा रहा है। वाहनों की पार्किंग के लिए भी जगह देनी होगी। साइट चयन के बाद हैलीपैड के लिए जगह चुनी जाएगी। सभा स्थल एयरपोर्ट की सीमा के दायरे में होगा। फिलहाल, एयरपोर्ट के पांच किलोमीटर दीवार का काम चल रहा है। पिलर तैयार किए जा रहे हैं।
चार गुना मुआवजा नहीं मिला तो एयरपोर्ट के लिए भूमि नहीं देंगे किसान
रबूपुरा। नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए ली जाने वाली भूमि पर मंगलवार को जन सुनवाई में नगला हुकम सिंह गांव के किसानों ने विरोध जताया। किसानों ने अधिगृहीत की जाने वाली भूमि का चार गुना मुआवजा मांगा। साथ ही, चेतावनी दी कि यदि मुआवजा नहीं मिला तो ग्रामीण सभी कार्यों का भी विरोध करेंगे। गांव से विस्थापन भी नहीं होने देंगे।
गांव स्थित इंटर कालेज में ग्रामीणों के साथ यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने जन सुनवाई पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान एडीएम (एलए) बलराम सिंह, एसडीएम जेवर रजनीकांत मिश्रा, एसआईए की चेयरमैन डॉ. वंदना पांडे व यीडा के अधिकारियों और किसानों के बीच कई बार नोकझोंक हुई। कई बार कार्यक्रम में मौजूद किसान उठकर जाने भी लगे। अधिकारियों के बार-बार समझाने के बाद ही किसानों का गुस्सा शांत हुआ। लोक सुनवाई में सर्वसम्मति से किसानों ने निर्णय लिया गया कि किसी भी कीमत पर गांव का विस्थापन नहीं होगा।
चौधरी इकपाल सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ग्राम वासियों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से नोटिस भेज रहा है। इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। प्राधिकरण गांव से विस्थापन नहीं करने की बातें कह रहा है। दूसरी ओर ग्रामीणों को विस्थापन के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपये कुटुंब के हिसाब से मुआवजा देने की बात कह रहा है, जबकि 25 लाख रुपये व चार गुना मुआवजा देना चाहिए।