{"_id":"6ac8f91ce68f69062e030a39","slug":"dfsg-grnoida-news-c-23-1-lko1064-108597-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
विज्ञापन
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी आशु की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार पीड़िता की ओर से 20 मई 2026 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि दिसंबर 2025 में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए किशोरी ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के एक गांव आई थी। वहां आशु ने उसकी कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इससे किशोरी बेहोश हो गई और आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद पेट में दर्द होने पर चिकित्सकीय जांच कराई गई तो किशोरी तीन माह की गर्भवती पाई गई। आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता के बयानों में बड़े विरोधाभास हैं। घटना के करीब पांच माह बाद एफआईआर दर्ज हुई और देरी का कोई कारण नहीं बताया गया। अदालत ने माना कि दोनों बयानों में पीड़िता ने आरोपी पर स्पष्ट आरोप लगाए हैं। मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना अदालत ने कहा कि तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी आशु की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार पीड़िता की ओर से 20 मई 2026 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि दिसंबर 2025 में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए किशोरी ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के एक गांव आई थी। वहां आशु ने उसकी कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इससे किशोरी बेहोश हो गई और आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद पेट में दर्द होने पर चिकित्सकीय जांच कराई गई तो किशोरी तीन माह की गर्भवती पाई गई। आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता के बयानों में बड़े विरोधाभास हैं। घटना के करीब पांच माह बाद एफआईआर दर्ज हुई और देरी का कोई कारण नहीं बताया गया। अदालत ने माना कि दोनों बयानों में पीड़िता ने आरोपी पर स्पष्ट आरोप लगाए हैं। मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना अदालत ने कहा कि तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है।