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Noida News: इंटीरियर का काम अधूरा छोड़ा 12.59 लाख रुपये लौटाने का आदेश
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इंटीरियर का काम अधूरा छोड़ा 12.59 लाख रुपये लौटाने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
फ्लैट का इंटीरियर काम अधूरा छोड़ने और घटिया गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने इंटीरियर फर्म के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया है। आयोग ने फर्म ग्रिड इंटीरियर्स एंड आर्किटेक्ट को शिकायतकर्ता के 12.59 लाख रुपये छह फीसदी ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है।
आदित्य कुमार जेना ने नोएडा एक्सटेंशन स्थित आयरिश पर्ल्स सोसाइटी के फ्लैट के इंटीरियर का काम कराने के लिए फर्म से 23 दिसंबर 2024 को समझौता किया था। 13 नवंबर 2024 से 27 अप्रैल 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 12.59 लाख रुपये का भुगतान किया। फर्म ने इंटीरियर का काम पूरा नहीं किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ जगह घटिया या दोबारा इस्तेमाल की गई सामग्री लगाई गई, जिससे सामान टूटने और मुड़ने लगा। मामले को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया गया। आयोग से नोटिस भेजे जाने के बाद भी फर्म की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने मामले की सुनवाई एक पक्षीय की। आयोग ने फार्म को आदेश दिया कि 12.59 लाख रुपये का 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
फ्लैट का इंटीरियर काम अधूरा छोड़ने और घटिया गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने इंटीरियर फर्म के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया है। आयोग ने फर्म ग्रिड इंटीरियर्स एंड आर्किटेक्ट को शिकायतकर्ता के 12.59 लाख रुपये छह फीसदी ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है।
आदित्य कुमार जेना ने नोएडा एक्सटेंशन स्थित आयरिश पर्ल्स सोसाइटी के फ्लैट के इंटीरियर का काम कराने के लिए फर्म से 23 दिसंबर 2024 को समझौता किया था। 13 नवंबर 2024 से 27 अप्रैल 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 12.59 लाख रुपये का भुगतान किया। फर्म ने इंटीरियर का काम पूरा नहीं किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ जगह घटिया या दोबारा इस्तेमाल की गई सामग्री लगाई गई, जिससे सामान टूटने और मुड़ने लगा। मामले को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया गया। आयोग से नोटिस भेजे जाने के बाद भी फर्म की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने मामले की सुनवाई एक पक्षीय की। आयोग ने फार्म को आदेश दिया कि 12.59 लाख रुपये का 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है।
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