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Noida News: आठ हजार की रिश्वत लेते डिप्टी वन रेंजर और वन दरोगा गिरफ्तार
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आठ हजार की रिश्वत लेते डिप्टी वन रेंजर और वन दरोगा गिरफ्तार
- एंटी करप्शन टीम मेरठ ने कासना स्थित वन विभाग के दफ्तर में रंगे हाथों पकड़ा
- पेड़ काटने पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में ककोड़ के ग्रामीण से वसूल रहे थे रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एंटी करप्शन की मेरठ यूनिट से शुक्रवार को वन विभाग के डिप्टी रेंजर तालिब और वन दरोगा अमित को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर ककोड़ निवासी ग्रामीण के खिलाफ पेड़ काटने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में रिश्वत वसूलने का आरोप है। एंटी करप्शन की टीम ने कासना स्थित वन विभाग के दफ्तर में कार्रवाई के बाद दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
दस नवंबर को वन विभाग को बुलंदशहर के ककोड़ के बादशाहरपुर गांव निवासी इस्राइल के बेटे आबिद के खिलाफ पेड़ काटने की शिकायत मिली थी। वन अधिकारियों से मामले की जांच शुरू की। आरोप है कि अधिकारियों ने आबिद पर केस दर्ज कराने के नाम पर कार्रवाई करने का डर दिखाकर दबाव बनाया। वह आबिद को कार्रवाई से बचाने के लिए रुपयों की मांग करने लगे। आरोप है कि पहले अधिक रुपयों की मांग की गई। आबिद ने पिता इस्राइल को इसकी जानकारी दी। इस्राइल ने रुपये देने में असमर्थता जताई तो वह सौदेबाजी करने लगे। इस पर इस्राइल ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।
एंटी करप्शन टीम के निर्देशानुसार शुक्रवार को इस्राइल कासना स्थित वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के पास पहुंचा। यहां पाउडर आदि लगाकर दिए गए रुपये डिप्टी वन रेंजर और वन दरोगा को सौंप दिए। एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिश्वत में लिए रुपये बरामद कर लिए।
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जनवरी में पुलिस के दरोगा को किया था गिरफ्तार
इसी वर्ष जनवरी में एंटी करप्शन की मेरठ यूनिट ने नेवी के पूर्व कमांडर राजीव सरदाना की शिकायत पर ईकोटेक-1 थाने में तैनात रहे दरोगा गुलाब सिंह को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गुलाब सिंह एक मामले की विवेचना कर रहे थे। इस मामले में राजीव सरदाना के किसी परिजन को झूठा फंसाने की कोशिश की जा रही थी। गुलाब सिंह ने राजीव सरदाना से लाखों रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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- एंटी करप्शन टीम मेरठ ने कासना स्थित वन विभाग के दफ्तर में रंगे हाथों पकड़ा
- पेड़ काटने पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में ककोड़ के ग्रामीण से वसूल रहे थे रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एंटी करप्शन की मेरठ यूनिट से शुक्रवार को वन विभाग के डिप्टी रेंजर तालिब और वन दरोगा अमित को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर ककोड़ निवासी ग्रामीण के खिलाफ पेड़ काटने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में रिश्वत वसूलने का आरोप है। एंटी करप्शन की टीम ने कासना स्थित वन विभाग के दफ्तर में कार्रवाई के बाद दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
दस नवंबर को वन विभाग को बुलंदशहर के ककोड़ के बादशाहरपुर गांव निवासी इस्राइल के बेटे आबिद के खिलाफ पेड़ काटने की शिकायत मिली थी। वन अधिकारियों से मामले की जांच शुरू की। आरोप है कि अधिकारियों ने आबिद पर केस दर्ज कराने के नाम पर कार्रवाई करने का डर दिखाकर दबाव बनाया। वह आबिद को कार्रवाई से बचाने के लिए रुपयों की मांग करने लगे। आरोप है कि पहले अधिक रुपयों की मांग की गई। आबिद ने पिता इस्राइल को इसकी जानकारी दी। इस्राइल ने रुपये देने में असमर्थता जताई तो वह सौदेबाजी करने लगे। इस पर इस्राइल ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।
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एंटी करप्शन टीम के निर्देशानुसार शुक्रवार को इस्राइल कासना स्थित वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के पास पहुंचा। यहां पाउडर आदि लगाकर दिए गए रुपये डिप्टी वन रेंजर और वन दरोगा को सौंप दिए। एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिश्वत में लिए रुपये बरामद कर लिए।
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जनवरी में पुलिस के दरोगा को किया था गिरफ्तार
इसी वर्ष जनवरी में एंटी करप्शन की मेरठ यूनिट ने नेवी के पूर्व कमांडर राजीव सरदाना की शिकायत पर ईकोटेक-1 थाने में तैनात रहे दरोगा गुलाब सिंह को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गुलाब सिंह एक मामले की विवेचना कर रहे थे। इस मामले में राजीव सरदाना के किसी परिजन को झूठा फंसाने की कोशिश की जा रही थी। गुलाब सिंह ने राजीव सरदाना से लाखों रुपये की रिश्वत मांगी थी।