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Noida News: इलेक्ट्रिक बसों के लिए तैयार होगा डिपो, टेंडर जारी
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फोटो : 1बस स्टैंड़ पर खड़़ीं इलेक्ट्रिक बसें। संवाद
- फोटो : हैदरगढ़ प्रेमदास कुटी पर श्रीरामचरितमानस संत सम्मेलन।
रेवाड़ी। सेक्टर-12 में नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में जाने के बाद इलेक्ट्रिक बसों के लिए डिपो तैयार करने का टेंडर जारी कर दिया गया है। करीब 13.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह टेंडर दोबारा से जारी किया गया है।
इसका मुख्य कारण यह है कि कुछ समय पहले आधुनिक बस स्टैंड और रोडवेज वर्कशॉप के निर्माण को लेकर करीब 42.89 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था। फाइल अनुमति के लिए चंडीगढ़ भेजी गई है। अनुमति मिलते ही निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
ऐसे में मौजूदा हालातों को देखते हुए ये 13.96 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है ताकि जब बस स्टैंड का निर्माण शुरू हो जाए तो इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी कार्य मौके पर ही शुरू जाए। यह डिपो पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित होगा जहां इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग, मरम्मत और रखरखाव की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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डिपो में एक साथ कई बसों की चार्जिंग के लिए हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही वर्कशॉप, ड्राइवर व कंडक्टर के लिए विश्राम कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक और सुरक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
यह डिपो भविष्य में इलेक्ट्रिक बस सेवा विस्तार का केंद्र बनेगा। इसी के मद्देनजर रोडवेज की तरफ से नए बस स्टैंड परिसर में 90 गज जमीन पर चार्जिंग पॉइंट बनेगा। तीन एकड़ पर स्टेशन होगा।
यहां पर बनने वाली बिल्डिंग में 170 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाने की क्षमता तय की गई है। चार्जिंग पॉइंट के लिए रैकनुमा मशीनें लगेंगी जिनको चालू करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके चार्ज किया जाएगा। इससे एक बार में ही सभी बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
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इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 45 करने की है योजना
सरकार ने अगले वर्ष तक रेवाड़ी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 45 करने की योजना बनाई है। 5 बसें अगले माह तक मिलने की संभावना है। इस पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। बसों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को यातायात की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। फिलहाल पांच इलेक्ट्रिक बसें शहर में सेवाएं दे रही हैं। वर्ष 2008-09 में बस अड्डे की घोषणा हुई थी। पुराने बस स्टैंड को स्थानांतरित करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से 2011 में लगभग 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद मुआवजे को लेकर मामला कोर्ट में चला गया था। 2 साल पहले पूरी जमीन कब्जा मुक्त हुई थी।
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1973 में बना था पुराना बस स्टैंड
शहर के सरकुलर रोड पर बना मौजूदा बस स्टैंड 1973 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद से ही डिपो लगातार उपेक्षा का शिकार बना रहा है। बस स्टैंड भीड़ वाले इलाके में स्थित है और इसका भवन जर्जर हो चुका है। बारिश के समय बस स्टैंड के भवन का प्लास्टर तक गिरता रहता है। शहर की लाइफलाइन सर्कुलर रोड पर जाम लगा रहता है जिससे लोग परेशान होते हैं। यात्री दबाव, निजी बसें और अधिक ऑटो के कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बस अड्डे के साथ ही नाईवाली चौक, झज्जर चौक, धारूहेड़ा चुंगी एरिया से निकलना मुश्किल हो जाता है। इसमें रोडवेज बसें फंसकर खड़ी हो जाती हैं तो कभी जाम का खुद भी कारण बनती हैं। बसों को खड़ी करने तक की भी जगह कई बार डिपो में नहीं होती है।
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बस स्टैंड के निर्माण को लेकर फाइल अनुमति के लिए भेजी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
-सत्येंद्र, एक्सईएन, पीडब्लयूडी
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डिपो को 5 इलेक्ट्रिक बसें पहले मिल चुकी हैं जिसका संचालन वर्तमान में बेहतर तरीके से हो रहा है। 45 और बसें मिलनी हैं इसे लेकर नए बस स्टैंड पर चार्जिंग पॉइंट बनेंगे। -निरंजन, जीएम रोडवेज, रेवाड़ी
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इसका मुख्य कारण यह है कि कुछ समय पहले आधुनिक बस स्टैंड और रोडवेज वर्कशॉप के निर्माण को लेकर करीब 42.89 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था। फाइल अनुमति के लिए चंडीगढ़ भेजी गई है। अनुमति मिलते ही निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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ऐसे में मौजूदा हालातों को देखते हुए ये 13.96 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है ताकि जब बस स्टैंड का निर्माण शुरू हो जाए तो इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी कार्य मौके पर ही शुरू जाए। यह डिपो पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित होगा जहां इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग, मरम्मत और रखरखाव की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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डिपो में एक साथ कई बसों की चार्जिंग के लिए हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही वर्कशॉप, ड्राइवर व कंडक्टर के लिए विश्राम कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक और सुरक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
यह डिपो भविष्य में इलेक्ट्रिक बस सेवा विस्तार का केंद्र बनेगा। इसी के मद्देनजर रोडवेज की तरफ से नए बस स्टैंड परिसर में 90 गज जमीन पर चार्जिंग पॉइंट बनेगा। तीन एकड़ पर स्टेशन होगा।
यहां पर बनने वाली बिल्डिंग में 170 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाने की क्षमता तय की गई है। चार्जिंग पॉइंट के लिए रैकनुमा मशीनें लगेंगी जिनको चालू करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके चार्ज किया जाएगा। इससे एक बार में ही सभी बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 45 करने की है योजना
सरकार ने अगले वर्ष तक रेवाड़ी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 45 करने की योजना बनाई है। 5 बसें अगले माह तक मिलने की संभावना है। इस पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। बसों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को यातायात की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। फिलहाल पांच इलेक्ट्रिक बसें शहर में सेवाएं दे रही हैं। वर्ष 2008-09 में बस अड्डे की घोषणा हुई थी। पुराने बस स्टैंड को स्थानांतरित करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से 2011 में लगभग 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद मुआवजे को लेकर मामला कोर्ट में चला गया था। 2 साल पहले पूरी जमीन कब्जा मुक्त हुई थी।
1973 में बना था पुराना बस स्टैंड
शहर के सरकुलर रोड पर बना मौजूदा बस स्टैंड 1973 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद से ही डिपो लगातार उपेक्षा का शिकार बना रहा है। बस स्टैंड भीड़ वाले इलाके में स्थित है और इसका भवन जर्जर हो चुका है। बारिश के समय बस स्टैंड के भवन का प्लास्टर तक गिरता रहता है। शहर की लाइफलाइन सर्कुलर रोड पर जाम लगा रहता है जिससे लोग परेशान होते हैं। यात्री दबाव, निजी बसें और अधिक ऑटो के कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बस अड्डे के साथ ही नाईवाली चौक, झज्जर चौक, धारूहेड़ा चुंगी एरिया से निकलना मुश्किल हो जाता है। इसमें रोडवेज बसें फंसकर खड़ी हो जाती हैं तो कभी जाम का खुद भी कारण बनती हैं। बसों को खड़ी करने तक की भी जगह कई बार डिपो में नहीं होती है।
बस स्टैंड के निर्माण को लेकर फाइल अनुमति के लिए भेजी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
-सत्येंद्र, एक्सईएन, पीडब्लयूडी
डिपो को 5 इलेक्ट्रिक बसें पहले मिल चुकी हैं जिसका संचालन वर्तमान में बेहतर तरीके से हो रहा है। 45 और बसें मिलनी हैं इसे लेकर नए बस स्टैंड पर चार्जिंग पॉइंट बनेंगे। -निरंजन, जीएम रोडवेज, रेवाड़ी