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Noida News: पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की एंट्री पर दिल्ली में सख्ती
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-राजधानी के 23 बॉर्डर पर 46 टीमें कर रहीं चौबीसों घंटे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने शनिवार से पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया। इसके तहत 23 प्रमुख सीमाओं पर 46 टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत उठाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, निगरानी टीमें दिन-रात सीमा बिंदुओं पर तैनात कर दी गई है। वहीं फ्लाइंग स्क्वॉड राजधाानी के 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर अचानक जांच कर रही हैंं। पहले दिन कार्रवाई के दौरान 1,747 वाहनों को बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के चलते पाया गया। वहीं 207 अंतरराज्यीय बसें प्रवेश नियमों का उल्लंघन करती मिलीं। दिल्ली की सीमाओं पर 5,325 गैर-गंतव्य वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 256 को मानकों का पालन न करने पर लौटा दिया गया। सीएक्यूएम के आदेश के मुताबिक, भारत स्टेज-तीन (बीएस-तीन) या उससे पुराने मानक वाले वाहनों और दिल्ली के बाहर पंजीकृत सभी माल वाहक वाहनों के प्रवेश पर एक नवंबर से प्रतिबंध है।
निगरानी में शामिल प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स में अप्सरा, कुंडली, राजोकरी, टिकरी, आयानगर, कालिंदी कुंज, औचंदी, मांडोली और द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बजघेरा टोल शामिल हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि एनसीआर में करीब 50 से 70 हजार वाहन बीएस-चार मानक से पुराने हैं। रविवार को अप्सरा बार्डर पर एक मालवाहक वाहन को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। ऐसे मे उस वाहन से सामान दूसरे वाहन में लादा गया। बता दें कि यह प्रतिबंध केंद्र के वायु प्रदूषण नियंत्रण ढांचे के तहत लिए गए उन उपायों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य वाहनों के धुएं, औद्योगिक गतिविधियों और पराली जलाने से उत्पन्न मौसमी प्रदूषण को रोकना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने शनिवार से पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया। इसके तहत 23 प्रमुख सीमाओं पर 46 टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत उठाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, निगरानी टीमें दिन-रात सीमा बिंदुओं पर तैनात कर दी गई है। वहीं फ्लाइंग स्क्वॉड राजधाानी के 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर अचानक जांच कर रही हैंं। पहले दिन कार्रवाई के दौरान 1,747 वाहनों को बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के चलते पाया गया। वहीं 207 अंतरराज्यीय बसें प्रवेश नियमों का उल्लंघन करती मिलीं। दिल्ली की सीमाओं पर 5,325 गैर-गंतव्य वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 256 को मानकों का पालन न करने पर लौटा दिया गया। सीएक्यूएम के आदेश के मुताबिक, भारत स्टेज-तीन (बीएस-तीन) या उससे पुराने मानक वाले वाहनों और दिल्ली के बाहर पंजीकृत सभी माल वाहक वाहनों के प्रवेश पर एक नवंबर से प्रतिबंध है।
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निगरानी में शामिल प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स में अप्सरा, कुंडली, राजोकरी, टिकरी, आयानगर, कालिंदी कुंज, औचंदी, मांडोली और द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बजघेरा टोल शामिल हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि एनसीआर में करीब 50 से 70 हजार वाहन बीएस-चार मानक से पुराने हैं। रविवार को अप्सरा बार्डर पर एक मालवाहक वाहन को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। ऐसे मे उस वाहन से सामान दूसरे वाहन में लादा गया। बता दें कि यह प्रतिबंध केंद्र के वायु प्रदूषण नियंत्रण ढांचे के तहत लिए गए उन उपायों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य वाहनों के धुएं, औद्योगिक गतिविधियों और पराली जलाने से उत्पन्न मौसमी प्रदूषण को रोकना है।
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