{"_id":"688ba09e832ef5a8df0349e1","slug":"deep-sewer-line-will-be-constructed-in-10-km-at-a-cost-of-40-crores-noida-news-c-1-gnd1002-3233656-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 40 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर में बनेगी डीप सीवर लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 40 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर में बनेगी डीप सीवर लाइन
विज्ञापन
40 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर में बनेगी डीप सीवर लाइन
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास नहीं होगा जलभराव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 40 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर लंबी डीप सीवर लाइन बनेगी। इसके बनने के बाद आसपास जलभराव नहीं होगा। यह लाइन एक्सप्रेसवे के 10.30 किलोमीटर से 20 किलोमीटर तक होगी।
यहां पहले से मौजूद लाइनों की मरम्मत का भी काम होगा। प्राधिकरण की ओर से इसके लिए टेंडर जारी किया जा रहा है। टेंडर फाइनल होने के बाद एजेंसी का चयन होगा फिर काम शुरू हो जाएगा। इससे पहले 2002 में नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश जल निगम के बीच एमओयू साइन किया गया था। इसके तहत यह काम उत्तर प्रदेश जल निगम को करना था, लेकिन अब इसे आंशिक रूप से निरस्त करते हुए नए सिरे से काम कराने की कवायद की जाएगी। इसका फैसला बोर्ड में लिया जा चुका है। दरअसल, यहां पहले से डाली गई सीवरेज लाइन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस वजह से ग्रीन बेल्ट में पानी भरने की शिकायतें आती रहती हैं। अधिकारियों का कहना है कि एग्रीमेंट के बावजूद दोनों तरफ चारों डीप सीवर लाइन का निर्माण जल निगम ने नहीं कराया। आंशिक काम करने के बाद इसे छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास नहीं होगा जलभराव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 40 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर लंबी डीप सीवर लाइन बनेगी। इसके बनने के बाद आसपास जलभराव नहीं होगा। यह लाइन एक्सप्रेसवे के 10.30 किलोमीटर से 20 किलोमीटर तक होगी।
यहां पहले से मौजूद लाइनों की मरम्मत का भी काम होगा। प्राधिकरण की ओर से इसके लिए टेंडर जारी किया जा रहा है। टेंडर फाइनल होने के बाद एजेंसी का चयन होगा फिर काम शुरू हो जाएगा। इससे पहले 2002 में नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश जल निगम के बीच एमओयू साइन किया गया था। इसके तहत यह काम उत्तर प्रदेश जल निगम को करना था, लेकिन अब इसे आंशिक रूप से निरस्त करते हुए नए सिरे से काम कराने की कवायद की जाएगी। इसका फैसला बोर्ड में लिया जा चुका है। दरअसल, यहां पहले से डाली गई सीवरेज लाइन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस वजह से ग्रीन बेल्ट में पानी भरने की शिकायतें आती रहती हैं। अधिकारियों का कहना है कि एग्रीमेंट के बावजूद दोनों तरफ चारों डीप सीवर लाइन का निर्माण जल निगम ने नहीं कराया। आंशिक काम करने के बाद इसे छोड़ दिया गया।
विज्ञापन